आसाराम मामले में अंतिम बहस पूरी, फैसला 25 अप्रैल को

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जोधपुर। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण करने के आरोपी आसाराम के मामले में शनिवार को जोधपुर के ट्रायल कोर्ट में अंतिम बहस पूरी हो गई है। एससी-एसटी कोर्ट ने फैसले की तारीख तय कर दी है। आसाराम के भाग्य का फैसला आगामी 25 अप्रैल को होगा। बता दे कि आसाराम करीब साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद है।आसाराम को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे।  एससी-एसटी कोर्ट में इस मामले में अंतिम बहस चल रही थी जो शनिवार को पूरी हो गई। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने इस मामले में अब फैसला सुनाने के लिए 25 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। फैसले की तारीख निर्धारित होने के बाद आसाराम ने कहा कि चलो अब कोर्ट के चक्कर से निजात मिलेगी।आसाराम को जब शनिवार को सुनवाई के लिए कोर्ट में लाया गया तो उन्होंने वहां खड़े मीडियाकर्मियों से सलमान खान की जमानत के बारे में पूछा। उस दौरान तक सलमान की जमानत के आदेश नहीं आए थे। मीडियाकर्मियों ने आसाराम को बताया कि फैसला सुरक्षित रखा गया है और लंच के बाद वह सुनाया जाएगा। इतना सुनने के बाद आसाराम वहां से और कोई सवाल किए बिना चले गए। हालांकि मीडियाकर्मियों ने जेल के भीतर बंद सलमान के बारे में उनसे सवाल पूछे लेकिन उन्होंने किसी का जवाब नहीं दिया।बीस अगस्त 2013 में उनके गुरुकुल की एक नाबालिग छात्रा ने आसाराम पर पंद्रह अगस्त को जोधपुर शहर के निकट मणाई गांव स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया था। उसने दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए उसे जोधपुर भेजा। जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीडऩ करने का मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस 31 अगस्त 2013 को आसाराम को इन्दौर से गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। इसके बाद से आसाराम जोधपुर जेल में बंद है। इस दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर उनसे जुड़े मामले की जिला न्यायालय में सुनवाई हो रही है। एक बार समर्थकों के बढ़ते उत्पात को ध्यान में रख आसाराम की सुनवाई जेल परिसर में ही की गई लेकिन बाद में आसाराम की याचिका पर हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ नियमित न्यायालय में ही उनसे जुड़े मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया। इसके बाद उनसे जुड़े मामले की सुनवाई रोजाना न्यायालय में ही हो रही है।आसाराम की तरफ से उच्चतम व उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालय में 11 बार जमानत हासिल करने की कोशिश की गई। आसाराम की और से राम जेठमलानी, सुब्रह्मण्यम स्वामी, सलमान खुर्शीद सहित देश के कई जाने-माने वकील कोर्ट में पैरवी कर चुके है लेकिन किसी कोर्ट से आसाराम को जमानत नहीं मिली।