सोने के कारोबार का काला सच, जोधपुर में 50 किलो सोने में से 4 किलो सोना गायब!

जोधपुर। जब कभी निवेश अथवा धन को सुरक्षित करने कि बात आती है तो अबसे पहला ख्याल (जमीन खरीद) भूमि निवेश का आता है उसके बाद सोना और सोने से बने आभूषण। लेकिन इस महंगाई के दौर में सभी के लिए तो भूमि निवेश यानि प्रॉपर्टी खरीदना मुमकिन नहीं है इसी लिए जो लोग भूमि ( जमीन ) नहीं खरीद सकते वह समय समय पर कभी सोना तो कभी सोने के बने आभूषण खरीदते है ताकि सोने के रूप में उनका धन सुरक्षित रहे। वैसे यह खबर ना निवेश से जुड़ी है ना जमीन से यह खबर तो उन स्वर्णकार और खरीददारों के से जुड़ी है जो सोने कि खरीद बिक्री में जाने अंजाने ठगी का शिकार हो रहे है।

जोधपुर शहर में कई छोटे व बड़े सोने के आभूषणो के शो-रूम है, कई बड़े गोल्ड ट्रेडर है जो प्रतिदिन करोड़ों के सोने का व्यापार करते है। लेकिन वह किस कीमत में कितनी शुद्धता का सोना खरीदते है और ग्राहकों को कितनी शुद्धता का सोना किस कीमत पर बेचते है इसका हिसाब किताब तो उक्त खबर के बाद स्वय ग्राहकों को लगाना चाहिए।

जानकारी मिली है कि जोधपुर में सोने में बड़ी खरीद बिक्री करने वाले (गोल्ड ट्रेडर्स) 99.99 शुद्धता वाला सोना बेंक अथवा बेंक के माध्यम से खरीदते है और आभूषण बनाने वाले (स्वर्णकार) को 99.50 शुद्धता का सोना बेचा जाता है। अब सबसे पहला सवाल है 00.49 सोना कहा गया? इस सवाल का जवाब जानने से पहले यह जान लीजिए कि यदि 99.99 शुद्धता वाला 50 किलो ग्राम सोना 99.50 शुद्धता के हिसाब से बिक्री किया तो कितने सोने का गमन हुआ? तो इसका जवाब है 250 ग्राम सोना। अब 250 ग्राम सोना कितनी रकम का होता है? तो इस सवाल का जवाब और हिसाब आप आज के सोने के भाव से कर सकते है। वैसे 99.99 शुद्धता वाला 50 किलो ग्राम सोना जब 99.50 शुद्धता के हिसाब से बिक्री किया जाता है तो 250 ग्राम सोना कहा जाता है और इसका हिसाब कैसे रखा जाता है और क्या सरकार तथा आयकर अधिकारियों को इस बात कि जानकारी है? यह सवाल अभी भी फन उठाए है।

dwarika jewellers

DWARIKA JEWELLERS PRIVATE LIMITED
Registered address is 501, KIRTI TOWER, NEAR NAGPAL HOSPITAL SHAHIBAUGH UNDER BRIDGE SHAHIBAUGH Ahmedabad.

Director Name
DWARKA DAS SONI
CHANDRA VEER SONI
LAXMI NARAYAN SONI
MATHARA DAS SONI
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ज्ञात हो कि जोधपुर में कई ऐसे गोल्ड ट्रेडर्स है जो बेंकों अथवा बेंको के माध्यम से 99.99 शुद्धता वाला सोना 99.50 शुद्धता के हिसाब से बिक्री करते है। इस प्रकार 99.99 शुद्धता वाला सोना 99.50 शुद्धता के हिसाब से बिक्री करने वालों कि सूची में एक नाम जोधपुर के द्वारिका ज़्वेलर्स (Dwarika Jewellers) का भी बताया जाता है। द्वावरिका ज़्वेलर्स कि एक इकाई भिसतियों के बास में है तथा दूसरी कबूतरों के चौक में। बताया जाता है कि प्रति दिन उक्त इकाइयां कई किलो ग्राम का कारोबार करती है। इतना ही नहीं उक्त इकाई के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि उक्त इकाई कि अधिकतर खरीद और बिक्री दो नंबर में होती है यानि कि बिना बिल, मतलब टेक्स चोरी। अब उक्त इकाई कितने किलो ग्राम एक नंबर में बेचती है और कितने किलो ग्राम दो नंबर में? इस सवाल का जवाब तो तब मिलेगा जब उक्त इकाइयों कि बारीकी से जांच कि जाए, इकाइयों में काम करने वालों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड निकाला जाए, उनकी कॉल रिकॉर्डिंग चेक कि जाए तथा इकाइयों में कब और कोन कितना सोना देने (बिक्री करने) आया और कब कितना सोना लेने (खरीदने) आया इसकी सीसी टीवी फुटेज चेक कि जाए। तो हो सकता है जांच में राजस्थान कि अब तक कि सबसे बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी जाए! क्यो कि गोल्ड पर तथा आभूषण पर 3 प्रतिशत टैक्स भी है अब यदि दो नंबर में सोना खरीदा तो टैक्स चोरी और दो नंबर में बेचा तो टैक्स चोरी और शुद्धता के नाम पर कि गई सोने में कमी अलग से। वैसे उक्त इकाई के अलावे भी अन्य कई बड़ी इकाइयों के नाम और दस्तावेज़ क्रांति भास्कर कि टिम के हाथ लगे है लेकिन उन इकाइयों के संबंध में मिले दस्तावेजों कि सत्यता पर पड़ताल अभी बाकी है। वैसे द्वारिका ज़्वेलर्स से क्रांति भास्कर कि टिम ने ग्राहक बनकर टेलिफोनिक रूप से यह जानकारी मांगी कि उनसे गोल्ड खरीदने पर वह किस शुद्धता का सोना देंगे और कितनी शुद्धता के सोने का पैसा लेंगे? तो द्वारिका ज़्वेलर्स कि और से बताया गया कि वह 99.50 शुद्धता का सोना देगी और 99.50 शुद्धता के सोने का पैसा लेगी। अब सवाल उठता है कि 99.50 शुद्धता का सोना बेचकर 99.50 शुद्धता के सोने का पैसा लेकर उक्त इकाई मुनाफा कैसे करती है? वही दूसरा सवाल यह है कि जब द्वारिका ज़्वेलर्स 99.99 शुद्धता वाला खरीदती है तो 99.99 शुद्धता वाला क्यो नहीं बेचती? क्या कारण है जिसके चलते 99.99 शुद्धता वाला सोना खरीदा जाता है और 99.50 शुद्धता वाला सोना बेचा जाता है? ऐसे कई सवाल है जिन पर से पर्दा उठना अब जरूरी है।

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Dwarka Jwellers Jodhpur jwellery

50 किलो में से 4 किलो सोना गायब!

वैसे इस पूरे मामले के इतर एक मामला और है, और अब बात करते है आभूषण बनाने वाले तथा बने हुए आभूषण बिक्री करने वाले कि तो आभूषण बनाने के लिए अधिकतर स्वर्णकार जो सोना, बड़े ट्रेडर्स से खरीदते है वह 99.50 शुद्धता वाला होता है। लेकिन जब स्वर्णकार सोने के आभूषण बिक्री करते है तो तय नियमों के अनुसार उसकी शुद्धता कम से कम 91.666 होनी चाहिए। अब इस हिसाब से यदि 99.50 शुद्धता वाला सोना खरीद कर स्वर्णकार 91.666 शुद्धता वाले सोने के आभूषण बनाकर बिक्री करता है तो 50 किलो ग्राम सोने में से लगभग 4 किलो ग्राम सोना कहा गया इसका हिसाब स्वर्णकार सोने के आभूषण खरीदने वाले को नहीं देता। हेरान करने वाली बात तो यह है कि 4 किलो ग्राम सोने का जो अनुमान लगाया गया है वह न्यूनतम शुद्धता वाले सोने से लगाया गया है जबकि बाजार में इससे कम शुद्धता वाले आभूषण भी मिल जाते है। इस हिसाब से सोने के आभूषण बनाकर बिक्री करने वाले प्रति दिन कितने करोड़ का ग्राहकों को चुना लगाते है इसका सटीक अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। इतना ही नहीं आभूषण बेचते वक्त दुकानदार ग्राहक से 99.50 अथवा 99.99 के पैसे ले और 91.666 का सोना दे, तो अब इसे ठगी ना कहे तो क्या कहे? आभूषण लेते समय दुकानदार खरीदार से मेकिंग चार्ज भी ले ले और सोना भी कम दे यह तो खुलेआम ठगी ही दिखाई देती है।

उक्त पूरे मामले को देखकर लगता है सोने के बड़े गोल्ड ट्रेडर्स और स्वर्णकार दोनों मिलकर ग्राहकों को चुना लगा रहे है साथ ही साथ सरकार को भी चुना लगा रहे है। इस लिए आयकर विभाग तथा टैक्स संबन्धित विभागों को चाहिए कि बड़े गोल्ड ट्रेडर्स और बड़े गोल्ड ट्रेडर्स से सोना खरीदने वालों कि बारीकी से जांच करें और पता लगाए कि अब तक किस गोल्ड ट्रेडर्स ने ग्राहक को तथा सरकार को कितने करोड़ का चुना लगाया। शेष फिर।