जीपीसीबी की विजिलेंस टीम का सरीगाम में धावा, पंपिंग स्टेशन खाली कराया, प्रदूषित पानी का स्रोत ढूंढ़ने में जुटे अधिकारी

भिलाड के किसानों की सरीगाम नहर में केमिकल युक्त पानी छोड़ने की शिकायत पर शुक्रवार को जीपीसीबी की विजिलेंस टीम सरीगाम औद्योगिक क्षेत्र में धावा बोलकर औचक जांच की कार्रवाई की। सरीगाम पंपिंग स्टेशन खाली कराया और नहर में बहता केमिकल युक्त पानी का स्रोत खोजने में जुट गई। वहीं दूसरी ओर विजिलेंस टीम ने वापी की कुछ औद्योगिक इकाइयों से पानी के सैंपल लिए है।
सरीगाम जीआईडीसी से होकर गुजरने वाली नहर में बुधवार को केमिकल युक्त बहता पानी देखकरआक्रोश से भरे किसानों ने पाला बांधकर पानी रोक दिया। इससे पहले किसानों ने नहर में बहते प्रदूषित पानी के संदर्भ में जिला कलेक्टर और गांधीनगर सचिवालय में शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि प्रदूषित पानी के कारण खेत में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बुधवार को पानी रोकने वाले स्थल पर पहुंचे जीपीसीबी, जीआईडीसी और एसआईए की टीम ने किसानों को मनाने का प्रयास किया लेकिन देररात तक किसान वहीं बैठे रहे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जीपीसीबी की विजिलेंस टीम गुरुवार को सरीगाम जीआईडीसी पहुंची। सरीगाम के साथ ही वापी के सीईटीपी तथा कुछ अन्य इकाइयों का विजिलेंस टीम ने निरीक्षण किया। कुछ इकाइयों से पानी के सैंपल भी लिए हैं।

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भूगर्भ से रंगीन पानी भी निकला
सरीगाम जीआईडीसी कैमिकल जोन से सीईटीपी तक प्रदूषित पानी पहुंचाने के लिए पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया गया था। नए कुआं का निर्माण कराए जाने के समय भूगर्भ से रंगीन पानी निकला था। जिसे गुरुवार सुबह खाली कराने की कार्रवाई शुरू की ।

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अनुमति : नहर विभाग के कर्मचारी ने खुदाई के लिए दी मौखिक मंजूरी
सरीगाम नहर में प्रदूषित पानी बहने के मुद्दे पर किसानों के विरोध के बाद जीपीसीबी ,जीआईडीसी और सीआईए के पदाधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। गुरुवार को पूरे दिन जीपीसीबी की विजिलेंस टीम ने जांच कार्रवाई की। लेकिन नहर विभाग का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। शाम को नहर विभाग के कर्मचारी दाभलिया पहुंचे और नहर का निरीक्षण कर टीम को नहर विभाग की जमीन में खुदाई की मौखिक मंजूरी दी।