वैश्विक पूंजीवाद से बढ़ी आर्थिक असमानताएं

जोधपुर। भारत की माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यूनाइटेड (एमसीपीआईयू) का प्रदेश स्तरीय प्रमुख कार्यकर्ता सम्मेलन गांधी शांति प्रतिष्ठान केन्द्र के सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन में पार्टी के जोधपुर, जयपुर, कोटा, पाली, उदयपुर, किशनगढ़, भवानीमंडी, अलवर, अजमेर, सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रतिनिधियों ने शिरकत की। झंडारोहण की रस्म अदायगी के साथ सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीपसिंह ने किया।

सम्मेलन को कुलदीप सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि पूंजीवाद ने हमेशा संकट से उबरने के लिए व्यक्तियों के शोषण को गहरा करने का काम किया है। वैश्विक पूंजीवाद के इस निरंतर जारी संकट के फलस्वरूप वैश्विक स्तर पर और अलग अलग देशों के स्तर पर भी आर्थिक असमानताएं और बढ़ी है। अनियंत्रित मूल्यवृद्धि तथा महंगाई ने मुद्रास्फीतिजनित मंदी की स्थिति उत्पन्न कर दी है। निजीकरण व उदारीकरण की नीतियों के कारण उपजी बेरोजगारी व भ्रष्टाचार ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। उन्होंने वर्तमान में देश में पैर पसार रहे साम्प्रदायिक माहौल पर भी चिंता व्यक्त की। इसके अतिरिक्त अनुच्छेद 370 के हटाये जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया। सम्मेलन को प्रदेश सचिव गोपीकिशन, रामपाल सैनी, बृजकिशोर, विरेन्द्र चौधरी, हनुमान मालोदिया, तारकेश्वर तिवारी, नदीम खान, रमेशनाथ, वहीदुदीन, दिलीप सिंह खारिया, दिलीप सिंह जोधा, हबीबुरर्हमान, सहित अनेक वक्ताआें ने सम्बोधित किया।

वक्ताआें ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के सत्ता में आने के बाद भी सरकार की नवउदारवादी और जनविरोधी नीतियों में किसी भी तरह का बदलाव दिखता प्रतीत नहीं होता, बल्कि वर्तमान सरकार ने तो पूर्ववर्ती सरकार से भी एक कदम आगे बढक़र इन नीतियों के अनुसरण में अपने कदम बढाये है। वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा नोटबंदी व जीएसटी के निर्णय के त्रासदीपूर्ण प्रभाव अब स्पष्ट होकर परिलक्षित होने लगे है। अनधिकारिक तौर पर बाजार बंद है। बेरोजगारी की स्थिति भयावह है। यहां तक कि रोजगार में लगे मेहनतकशों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। श्रमिकों हित की नीतियों को न तो अपनाया जा रहा है और न ही लागू ही किया जा रहा। सम्मेलन में केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार 25 नवम्बर को केन्द्र सरकार की नीतियों के विरूद्ध नई दिल्ली में धरना प्रदर्शन में शामिल होने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में राजनैतिक प्रस्ताव तथा पार्टी कार्यक्रम को अपडेट करने संबंधी प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन की अध्यक्षता राज्य सचिव मंडल सदस्य रामपाल सैनी ने की।

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