प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन और प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना पर दिया गया मार्गदर्शन।

दमण।  संघ प्रदेश दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली प्रशासक प्रफुल पटेल के  मार्गदर्शन में केंन्द्रीय  योजनाओं के अमलीकरण के लिए कलेक्ट्रेट  में श्रम उपायुक्त एवं उपसमाहर्ता   चार्मी पारेख की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान चार्मी पारेख ने लघु व्यापारियों जिसमें, खुदरा व्यापारी, दुकानदार, धान मिल मालिक, तेल मिल मालिक, वर्कशॉप मालिक, कमीशन एजेंट,   छोटे होटल संचालक, रेस्टोरेंट संचालक, चाय दुकानदार, किराया दुकानदार, पाव वडा दुकानदार,   फल विक्रेता, मेडिकल स्टोर मालिक समेत अन्य को प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना और प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना’ की विस्तृत जानकारी दी।
चार्मी पारेख ने प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को 18 से 40 आयुसीमा का होना जरूरी है। आवेदक ईपीएफ/एनपीएस/ईएसआईसी जैसी स्कीमों में शामिल नहीं हो तथा वह आयकर दाता भी नहीं होना चाहिए। चार्मी पारेख ने यह भी बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए सिर्फ आधार कार्ड, बचत बैंक खाता/जन धन खाता और मोबाइल नंबर की ही आवश्यकता है तथा इस योजना में नामांकन के लिए सभी पंचायतों में स्थित सामान्य सेवा केन्द्रों में अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
श्रम उपायुक्त चार्मी पारेख ने बताया कि आवेदन के समय लाभार्थी की आयुसीमा 18 वर्ष होने पर उसे 55 रुपए अंशदान तथा आयुसीमा 40 वर्ष होने पर उसे 200 रुपए प्रतिमाह अंशदान देना होगा। इस योजना के लिए कुल मासिक अंशदान में से 50 प्रतिशत सरकार द्वारा एवं 50 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा। आवेदक द्वारा प्रथम अंशदान नकद रूप में देना होगा, उसके उपरांत आवेदक के बचत खाते से अंशदान प्रतिमाह आहरित कर लिया जाएगा। इस योजना का लाभ बताते हुए चार्मी पारेख ने बताया कि 60 वर्ष की आयुसीमा के बाद निश्चित रूप से न्यूनतम 3
हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। अंशदाता की मृत्यु की स्थिति में मृत लाभार्थी के स्पाउस को 50 प्रतिशत फैमिली पेंशन दी जाएगी।
श्रम उपायुक्त चार्मी पारेख ने इस बैठक में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के बारे में भी बताते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत असंगठित कामगार जैसे कि घर में काम करने वाले कामगार, फेरीवाले, रद्दी विक्रेता, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन मजदूर, आत्म निर्भर कामगार, कृषि कामगार, निर्माण कामगार, बीड़ी कामगार, हैंडलूम कामगार, चमड़ा कामगार, बार्वर कामगार और छोटी दुकानों में काम करने वाले कामगार भी शामिल हैं और इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इस योजना की शर्तो का उल्लेख करते हुए पारेख ने बताया कि आवेदक कामगार की आयुसीमा 18 से 40 वर्ष की आयु होनी चाहिए, उनकी आय 15 हजार प्रतिमाह से कम होनी चाहिए।  पंजीकरण हेतु सभी पंचायतों में स्थित सामान्य सेवा केन्द्रों में संपर्क कर सकते हैं।
इस योजना का लाभ बताते हुए श्रम उपायुक्त श्रीमती चार्मी पारेख ने बताया कि 60 वर्ष की आयुसीमा के बाद लाभार्थी को नश्चिति रूप से न्यूनतम 3 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। अंशदाता की मृत्यु की स्थिति में मृत लाभार्थी के स्पाउस को 50 प्रतिशत फैमिली पेंशन दी जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंजीकरण के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं का भरपूर लाभ ले सकें।

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