गुजरात बार काउंसिल ने CAA पर किया लोगों को जागरुक

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दमण। गुजरात बार काउंसिल द्वारा सीएए पर लोगों को जागरुकता फैलाने के लिए दमण में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें इस कानून से जुड़ी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि  सीएए का उद्देश्य पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश  में प्रताड़ित  6 अल्पसंख्यक समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देना है। परंतु कुछ लोग जनता में भ्रम फैला रहे है कि उनकी नागरिकता छीनने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह ने स्वयं कहा है कि  सीएए केवल शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए लाया गया। सीएए का उद्देश्य नागरिकता देना है  छीनना नहीं सीएए बिल से किसी का नुकसान नहीं है।  गुजरात बार काउंसिल के   वकीलों ने दमण आकर सीएए पर जानकारी दी।

गुजरात बार काउंसिल के चेयरमैन सी. के. पटेल, बार काउंसिल ऑफ गुजरात के उपाध्यक्ष जीतू गोलवाला, एक्जीक्यूटिव चेयरमैन आर. एन. पटेल,  फाइनेंस  चेयरमैन हितेषभाई पटेल, दमण बार एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन बकुलभाई देसाई, बार सूरत जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख राजेश काकरिया  उपस्थित रहे। इसके अलावा  शौकत मिठाणी, अस्पी दमणिया, खुशमन ढीम्मर, नवीन पटेल, दमण मुस्लिम एसोसिएशन के प्रमुख खुर्शीद मांजरा समेत स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे। दमण मुस्लिम एसोसिएश के प्रमुख खुर्शीद मांजरा ने  कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि गुजरात बार काउंसिल ने सीएए पर दमण में जागरूकता सेमिनार किया। इसी तरह अन्य जगह जहां सीएए का उग्र विरोध हो रहा है वहां भी इसी तरह की जागरूकता सेमिनार की जरूरत है। पीएम मोदी एवं गृहमंत्री शाह को जनता से रूबरू होकर सीएए बिल की सही बात को सामने रखना चाहिए। क्योंकि हो ये रहा है कि सीएए बिल पर अलग-अलग बयानबाजी हो रही है। जिससे जनता भ्रमित हो गई है।