हिट एंड रन मामले में गतिरोध समाप्त

जोधपुर। महामंदिर थाना क्षेत्र में गत शुक्रवार रात को हुए हिट एंड रन मामले में बना गतिरोध रविवार को समाप्त हो गया। प्रशासन इस मामले में गर्भवती महिला की मौत के साथ ही दो गर्भस्थ शिशुओं की मौत को भी मान लिया और उनके परिजनों को एक-एक लाख के आर्थिक मुआवजे के चेक सौंपे। इसके साथ ही आरोपी जीप चालक की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। आश्वासन और समझाइश के बाद परिजन शव उठाने को तैयार हो गए। बता दे कि इस हादसे में एक गर्भवती व दो गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु हो गई थी और एक अन्य युवती घायल हो गई। मृतका के परिजनों ने जीप चालक को पकडऩे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया था और मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन भी किया। हालांकि पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त जीप को जब्त कर लिया है।

महामंदिर थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह के अनुसार गांधीपुरा निवासी नर्मदा (21) पत्नी चेतन भील और रेखा (22) पत्नी रोहित भील शुक्रवार रात बीजेएस में ट्यूबवेल चौराहे के पास सडक़ किनारे टहल रही थी। वह दोनों आठ-आठ माह की गर्भवती थी। साथ में ननद सोनू उर्फ सोनिया (18) पुत्री रमेश भी थी। तभी पीछे से आई तेज रफ्तार जीप ने तीनों को चपेट में ले लिया और वे उछलकर सडक़ पर गिरने के बाद बेहोश हो गई। चालक वाहन को मौके से भगा ले गया। क्षेत्रवासी और परिजन तीनों को एमडीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर लेकर गए।  हादसे में गंभीर घायल दोनों गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कर बच्चों को बचाने का प्रयास किया गया लेकिन नर्मदा व उसके गर्भस्थ बच्चे का दम टूट गया। वहीं रेखा के बच्चे को भी बचाया नहीं जा सका। सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने मृतका के ससुर रमेश भील की तरफ से अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।

इधर हादसे का पता लगने पर परिजन व समाज के लोग मोर्चरी के बाहर जमा हो गए और दुर्घटना करने वाले वाहन व चालक को पकडऩे और मृतका के आश्रित को मुआवजा देने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। रविवार को भी वे अपनी मांगों पर अड़े। वहीं घटनास्थल पर लगे सीसी टीवी फुटेज में दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान के बाद जीप की तलाश की गई तो वह शनिवार रात को बीजेएस क्षेत्र में बरामद हो गई। रविवार को एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने मृतका के परिजनों से समझाइश की। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष जगतनारायण जोशी व अन्य पदाधिकारी भी वहां पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। इसके बाद एसडीएम ने गर्भवती महिला और दोनों गर्भस्थ शिशुओं की मौत पर एक-एक लाख के चेक सौंपे। उनके आश्वासन पर परिजन शव ले जाने को तैयार हुए।

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