जनता की शिकायत पर IAS गिरफ्तार : 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए IAS अफसर गिरफ्तार।

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ऐसा लगता है की जनता टैक्स देने के लिए और अधिकारी उस टैक्स के पैसे का दुरुपयोग कर अपनी ऐशगाह आबाद करने के लिए, देश में रोज कही ना कही कोई ना कोई रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा जाता है जनता खबर पढ़ती है और अपने काम काज में लग जाती है इस खबर के बाद भी जनता यही करेगी क्यों जनता को ना नियमों की जानकारी है ना कानून की, देश में जनता के लिए कुल कितने नियम कानून है? क्या जनता को पता है? नहीं पता है तो सिर्फ इस लिए क्यों की जनता सवाल नहीं करती, शिकायत नहीं करती, केवल चौपालों पर बैठकर चर्चा करती है। खेर जनता जानती है की उसने समय पर टैक्स नहीं दिया तो सरकार उसे नहीं छोड़ेगी, लेकिन वही जनता अपने टैक्स के पैसे का दुरुपयोग होते देखकर खामोश क्यों रहती है यह समझ से परे है।

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राजस्थान की कोटा एसीबी टीम ने केंद्र सरकार के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सहायक महानिदेशक पंकज गोयल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय से गिरफ्तार किया है।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि एसीबी के कोटा कार्यालय में परिवादी ने शिकायत कि उसने आधार पहचान पत्र बनाने की फ्रेंचाइजी के लिए कई बार आवेदन किया था, लेकिन उसे फ्रेंचाइजी नहीं मिली।

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रिश्वत कांड के अभियुक्त पंकज गोयल देश के पांच राज्यों में आधार पहचान पत्र का कार्य देख रहे हैं। पंकज गोयल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। ब्यूरो टीम गोयल से पूछताछ कर रही है। सवाल यह है की आज तक कितने अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए? उनसे कितनी रिकवरी हुई? प्रधान मंत्री मोदी कई बार भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा दे चुके है और भ्रष्ट अधिकारी प्रतिदिन उस नारे की धज्जिया उड़ा रहे है। ऐसा इस लिए क्यों की उन्हे यकीन होता है की कोई ना कोई उन्हे अवश्य बचा लेगा, क्यों की नीचे से लेकर ऊपर तक कोन कोन गुड खाता है यह वह अच्छी तरह जानते है। लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार के मामलों को देखकर लगता है की जनता को सवय भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए आगे आना होगा ठीक वैसे ही जैसे स्वच्छता मिशन के लिए जनता आगे आई थी, तभी इस देश से भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।