दमण-दीव विधुत विभाग में, सहायक अभियंता के पद 4 और नियुक्तियाँ 7, इसे कहते है नियमों को धतता बताना!

दमण। जब भी दमण-दीव विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता का नाम सामने आता है तो पूर्व में हुए आंदोलन के वो तमाम दृश्य सामने आ जाते है जो विभाग और विभागीय अभियन्ताओं कि खराब कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाने के लिए जनता ने किए। कार्यपालक अभियंता मिलिंद रामभाऊ इंगले द्वारा कि गई कई गड़बड़िया भी समय समय जनता और प्रशासन के सामने आती रही, एक बार उनही गड़बड़ियों के चलते इंगले से कार्यपालक अभियंता का प्रभार भी ले लिया गया था, लेकिन थोड़े समय बाद पुनः इंगले कुर्सी के गणेश हो गए। वैसे इस वक्त विधुत विभाग से जुड़ी जो जानकारिया सामने आई है उन्हे देखकर लगता है कि इंगले भी वही है और अभियन्ताओं कि कार्यप्रणाली भी वही यदि कुछ बदला है तो अनियमितताओं पर आवाज उठाने वालों कि नियत और चहरे।

खेर दमण-दीव विधुत विभाग कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार दमण में कुल 3 और दीव में 1 सहायक अभियंता का पद है और कनिय अभियंता के दमण में 13 और दीव में 5 पद है। जबकि दमण-दीव विधुत विभाग द्वारा हरीश टंडेल, अनिल बमणिया, के-के भास्करन, सुरेश पटेल, योगेश त्रिपाठी, एम सोलंकी, परेश पटेल को सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब सवाल यह है कि जब दमण-दीव विधुत विभाग अपनी वेबसाइट पर सहायक अभियंता के 4 पद होने कि जानकारी दे रहा है तो उसने 7 सहायक अभियंता कैसे नियुक्त किए? क्या विभाग के कार्यपालक अभियंता जिसे चाहे सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दे सकते है? जितने चाहे उतने सहायक अभियंता नियुक्त कर सकते है? यदि कार्यपालक अभियंता 4 कि जगह 7 सहायक अभियंता नियुक्त कर सकते है तो विधुत सचिव 1 कि जगह 2 कार्यपालक अभियन्ताओं कि नियुक्ति क्यों नहीं करते? 1 कार्यपालक अभियंता दमण के लिए और 1 कार्यपालक अभियंता दीव के लिए।

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संघ प्रदेश दमण-दीव विधुत विभाग में अनियमिताओं को दौर जारी है। विभाग में अधिकारियों कि कमी और अतिरिक्त प्रभार का खेल अपने शबाब पर है, भ्रष्टाचार इस हद तक बढ़ गया है कि अधिकारियों को ना जांच एजेंसियों का खोफ़ रहा है ना प्रशासक के कोप का।

वैसे जानकारी यह भी मिली है कि उक्त 7 के 7 सहायक अभियन्ताओं के पास केवल सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार है मतलब कि उक्त सभी अभियंता वैसे तो कनिय अभियंता है लेकिन साहब कि साहेबगिरी ने उक्त सभी कनिय अभियन्ताओं को सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार देकर, सहायक अभियंता नियुक्त कर दिया।

Daman and Diu Electricity Department Ingle

यह गोलमाल देखकर जनता जानना चाहती है कि जब कनिय अभियन्ताओं को रातो-रात सायहक अभियंता का प्रभार दे दिया गया तो कोंटरेक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित क्यो नहीं किया जाता? क्यों कार्यपालक अभियंता विभाग के खाली पड़े पदों पर नियुक्तियाँ नहीं कर रहे है? दमण-दीव विधुत विभाग में एक भी नियमित सहायक अभियंता नहीं है मतलब यदि विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता चाहे तो दमण-दीव विधुत विभाग में सहायक अभियंता पद पर नई नियुक्तिया कि जा सकती है। वैसे दमण-दीव विधुत विभाग कि वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार सब-डिवीजन-2 यानि दीव में सहायक अभियंता के पद पर परेश पटेल, कनिय अभियंता के पद पर अजय पटेल, मितेश पटेल और राजु वाला, यह कुल 4 अभियंता नियुक्त है जबकि दीव में कुल 1 सहायक अभियंता तथा 5 कनिय अभियंता का पद बताया जाता है। मतलब दीव में एक कनिय अभियंता कम है। अब ऐसा क्यो? यह तो विभाग के मुख्या ही बता सकते है। लेकिन उक्त पूरे मामले को देखकर लगता है कि दमण-दीव विधुत विभाग नियमों कि राह पर नहीं बल्कि कार्यपालक अभियंता मिलिंद रामभाऊ इंगले द्वारा दिए गए निर्देशों कि राह पर चल रहा है और कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले को इसके लिए प्रशासन कि और से पूरी छूट मिली हुई है।