जोधपुर जेल में बंदियों की अफीम पार्टी का वीडियो वायरल

जोधपुर। देश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जोधपुर की सेंट्रल जेल अब सुरक्षित नहीं रही। यहां आए दिन किसी ना किसी कारण को लेकर सुरक्षा पर सवालिया निशान लगता जा रहा है। प्रतिबंधित सामग्रियों व मोबाइल के इस्तेमाल व अवैध वसूली की घटनाओं के बाद अब यहां से एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ बंदी अफीम पार्टी कर रहे है। एक बंदी ने यह वीडियो वायरल करने के साथ ही दो पन्नों का एक खत भी लिखा है जिसमें उसने अवैध वसूली सहित जेल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए है। हालांकि जेल प्रशासन की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जो जोधपुर जेल के होने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ बंदी नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए दिखाई दे रहे है। इसके साथ ही खुलेआम मोबाइल का उपयोग करते हुए दिखाया गया है। एक बंदी द्वारा तो बकायदा एक मोबाइल की रिपेयरिंग तक भी की जा रही है। जेल में बंद आजाद सिंह नामक एक बंदी द्वारा जेल से यह वीडियो और फोटो वायरल करते हुए जेल अधिकारी जगदीश प्रसाद पूनिया पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए है। उसने जेल के अंदर बंदियों से कई तरह की वसूली करने का आरोप लगाए है। उसने वीडियो वायरल करने के साथ ही दो पन्नों का यह खत लिखा है जिसमें उसने कई तरह की वसूली इत्यादि के अलावा जेल अधिकारी पर धमकी देने और कैदियों के साथ मनमानी करने का आरोप लगाया है। बंदी पाली जिले के मारवाड जंक्शन का रहने वाला है और किसी अपराध में लिप्त होकर पिछले करीब तेरह सालों से जोधपुर की जेल में सजा काट रहा है।

यह लिखा है खत में

बंदी ने आरोप लगाते हुए खत में जेल अधिकारी जगदीश पूनिया को भ्रष्ट अधिकारी बताते हुए लिखा है कि जेल में आने वाले राशन को स्टोर करते हुए उनको बंदियों को बड़े ही ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। जगदीश पूनिया द्वारा 250 लीटर तेल, 500 रुपए किलो मिर्ची पाउडर सहित कई तरह की चीजे छुपकर बेची जा रही है जिसका पैसा वह बंदियों के परिजनों से ऑनलाइन खाते के जरिए मंगवा रहा है। जेल में वार्ड संख्या एक में जो भी नये बंदी आए हुए है उनको सब सुविधाएं दी जा रही है जैसे मोबाइल फोन, वीआईपी बैरक, नशीले पदार्थ जैसी कई तरह की सुविधा मुहैया करवाते हुए जगदीश पूनिया द्वारा अपने जेल में चहेते बंदियों को लगाकर हमसे वसूली की जाती है। जेल में बनी कैंटीन के मुताबिक सरकार और जेल प्रशासन द्वारा तय किया हुआ मेन्यू में से 50 प्रतिशत वस्तुए बंदियों को नहीं दी जा रही है। जेल में कई तरह के गुटखे भी ब्लैक में बेचे जा रहे है। जगदीश पूनिया जेल में पैसे वाले बंदियों की सुनवाई पहले करता है एवं गरीब बंदियों की कोई सुनवाई नहीं करता है। जब इसके खिलाफ आवाज उठानी चाही तो उसे उसके बैरक में आकर तीन बार धमकिया दी गई कि इस संबंध में आवाज उठाई तो वह उसका स्थानांतरण दूसरे कारागृह में कर देगा जहां उसकी मुलाकात परिजनों से नहीं हो पाएगी।

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