फॉर्च्यून ग्रुप के प्रोजेक्टों में, दमण-दीव के सरकारी अधिकारियों का निवेश।

daman and diu electricity department
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फॉर्च्यून ग्रुप के बिल्डर दर्शक शाह और भावेश शाह के प्रोजेक्टो में दमण-दीव तथा दादरा नगर हवेली विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के बेटे क्षितिज इंगले के निवेश कि जानकारी सामने आई है, इसके अलावे ऐसे कई लोगों के निवेश कि जानकारी भी मिली है जो पिछले कई वर्षों से मिलिंद इंगले के करीबी बताए जाते रहे।

विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के बेटे क्षितिज इंगले के अलावे, विधुत विभाग के तत्कालीन अभियंता राजू का भी निवेश सामने आया है और अनिल मालवीय तथा स्वागतम प्लास्टिक का भी बड़ा निवेश फॉर्च्यून ग्रुप के बिल्डर बिल्डर दर्शक शाह और भावेश शाह के प्रोजेक्टो में है।

वैसे फॉर्च्यून ग्रुप के बिल्डर दर्शक शाह और भावेश शाह के प्रोजेक्टो में, बिल्डरों द्वारा काले धन की लेन-देन और करोड़ों कि टैक्स चोरी मामले में क्रांति भास्कर द्वारा दिनांक 22-07-2019 तथा दिनांक 12-08-2019 को ख़बर प्रकाशित कर चुकी है। अपनी उन खबरों में भी यह शंका जताई गई थी कि उक्त बिल्डर के प्रोजेक्टों में अधिकारियों और काला बाजारियों का काला धन हो सकता है। अब दमण के सरकारी अधिकारियों तथा सरकारी अधिकारियों के खास ठेकदारों का निवेश कई सवालो को जन्म देता है।

फॉर्च्यून ग्रुप के प्रोजेक्टों में, दमण-दीव के सरकारी अधिकारियों का निवेश। - दमण समाचार

बड़े ताज्जुब कि बात है कि जो बच्चा अभी पढ़ रहा है वह फॉर्च्यून जैसी इमारत में निवेश करने के लिए धन कहा से लाया?

अब सवाल यह उठता है कि विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के बेटे क्षितिज इंगले के पास फॉर्च्यून ग्रुप में निवेश करने के लिए धन कहा से आया? जिस निवेश कि जानकारी मिली है वह वर्ष 2016-17 में किया गया। जबकि अभी भी विधुत विभाग के कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के बेटे क्षितिज इंगले शिक्षा ग्रहण कर रहे है। मिलिंद इंगले के बेटे क्षितिज इंगले कि गुजरात में प्रॉपर्टी देखकर लगता है कि मिलिंग इंगले कि मुंबई में प्रॉपर्टी होने के जो चर्चा दमण में चल रहे थे वह जांच कि जाए तो सही साबित हो सकते है। वैसे फिलवक्त जो निवेश कि जानकारी मिली है वह फॉर्च्यून ग्रुप के दर्जनों प्रोजेक्टों में से एक प्रोजेक्ट कि है बाकी के प्रोजेक्टों में किस अधिकारी का कितना निवेश है, यह, या तो दमण-दीव प्रशासन को जांच कर पता लगाना चाहिए या फिर आयकर विभाग के अन्वेषन विभाग के अधिकारियों को जांच कर पता लगाना चाहिए। शेष फिर।

फॉर्च्यून ग्रुप के लैंडमार्क प्रोजेक्ट में करोड़ों की टैक्स चोरी।
वापी में आंगड़िया कंपनियों द्वारा करोड़ों इधर से उधर, आयकर अधिकारी निंद्रा में।
वापी के चला में ख़रीदी जमीन 11 रुपये फुट…

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