जेएनवीयू में रिकॉर्ड 56.64 प्रतिशत मतदान

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जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुए छात्रसंघ चुनाव के दौरान 56.64 प्रतिशत मतदान हुआ। यह पिछले साल से करीब दस प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 46.22 प्रतिशत मतदान हुआ था। सबसे अधिक वोटिंग एमबीएम इंजिनियरिंग कॉलेज में हुई। यहां 75.01 प्रतिशत वोटिंग हुई जबकि सबसे कम वोटिंग वाणिज्य संकाय में 41.71 प्रतिशत हुई। कुछ स्थानों पर छुटपुट घटनाएं हुई लेकिन कड़े पुलिस बंदोबस्त के कारण उत्पाती घटनाओं पर लगाम लगी रही। वहीं नौ फर्जी वोटर्स पकडे़। मतगणना 28 अगस्त को सुबह ग्यारह बजे की जाएगी। संकायों में वोटों की गिनती संकाय स्तर पर, संघटक कॉलेजों की मतगणना इन्हीं कॉलेजों में और अपेक्स पदों के लिए मतगणना एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में होगी।

जेएनवीयू छात्रसंघ चुनाव मेंं मंगलवार सुबह आठ बजे से संकायों में बने चालीस मतदान केन्द्रों पर मतदान शुरू हुआ जो दोपहर एक बजे तक चला। कड़ी धूप और उमस के कारण छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही लेकिन कई बूथों पर लम्बी लाइनें लगी दिखाई दी। चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे छात्र नेताओं और उनके समर्थकों ने आखिरी समय तक अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं को रिझाने के प्रयास जारी रखे। भारी सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजी जांचों के बाद मतदान केन्द्रों में प्रवेश दिया गया। छात्रों के बीच किसी विवाद को रोकने के लिए इस बार बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पूरी तरह से जांच परख के बाद ही छात्रों को मतदान केन्द्रों में प्रवेश करने की अनुमति प्रदान की गई। आईडी कार्ड को जांचने के बाद ही छात्रों को अंदर प्रवेश दिया गया। कुछेक स्थान पर लम्बी जांच प्रक्रिया पर भी छात्रों ने नाराजगी जताई। हर वोट की कीमत समझते हुए जहां प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों को मतदान केन्द्रों पर पहुंचाने की कवायद जारी रखी तो वहीं खुद के वोट देने में कोई देरी नहीं की। अध्यक्ष पद की रेस में एनएसयूआई प्रत्याशी हनुमान तरड़ ने वोट डाला। तो वहीं एसएफआई की ओर से प्रत्याशी अजयसिंह टाक ने भी अपना वोट डाला। निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्रसिंह भाटी ने भी अपना वोट सुबह डाल दिया। इसी तरह विभिन्न पदों के प्रत्याशियों की ओर से भी वोट डालने का सिलसिला चलता रहा।

इस तरह चली मतदान प्रक्रिया

जेएनवीयू में छात्रसंघ चुनावों की रंगत समय बढऩे के साथ ही बढ़ती नजर आई। मतदान प्रक्रिया के पहले घंटे में सर्वाधिक वोटिंग न्यू कैंपस के विज्ञान संकाय में देखने को मिली। वहीं सबसे कम भीड़ एमई, एमसीए और पीएचडी विभागों में रही। यहां पहले घंटे में कला संकाय में 6.39, विज्ञान संकाय 10.87, वाणिज्य संकाय 3.73, विधि संकाय 4.36, इंजीनियरिंग कॉलेज 5.6, केएन कॉलेज 7.10, सांयकालीन संकाय में 6.01 प्रतिशत वोटिंग रही। इसके बाद सुबह करीब दस बजे तक विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला जो सुबह 11 बजे तक धीमा पड़ता नजर आया। हालांकि विभिन्न संकायों के बाहर वोट्र्स की लंबी कतारें देखी गई। मतदान प्रक्रिया के तीसरे घंटे में सर्वाधिक वोटिंग एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में देखने को मिली। सुबह 11 बजे तक कुल 30 प्रतिशत मतदान हो गया था। तीसरे घंटे में कला संकाय में 28.90, विज्ञान संकाय 38.32, वाणिज्य संकाय 20.27, विधि संकाय 20.83, इंजीनियरिंग कॉलेज  48.4, केएन कॉलेज 26.64 और सांयकालीन संकाय में 29.64 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसी तरह दोपहर 12 बजे तक 44 प्रतिशत मतदान हुआ। दोपहर बारह बजे तक कला संकाय में 41.04, विज्ञान संकाय 54.59, वाणिज्य संकाय 31.36, विधि संकाय 31.51, इंजीनियरिंग कॉलेज 68.44, केएन कॉलेज 39.71 और सांयकालीन संकाय में 45.73 प्रतिशत मतदान हो गया था। दोपहर एक तक मतदान की समाप्ति पर कला संकाय में 54.35, विज्ञान संकाय 64.40, वाणिज्य संकाय 41.71, विधि संकाय 46.40, इंजीनियरिंग कॉलेज 75.01, केएन कॉलेज 51.93 और सांयकालीन संकाय में 65.56 प्रतिशत वोटिंग हुई। विज्ञान संकाय के 2907 विद्यार्थियों में से 1872, कला संकाय के 3433 विद्यार्थियों में से 1866, विधि संकाय के 1901 विद्यार्थियों में से 882, वाणिज्य संकाय के 2733 विद्यार्थियों में से 1140, सायंकालीन अध्ययन संस्थान के 1896 विद्यार्थियों में से 1243, कमला नेहरू महिला महाविद्यालय की 4560 छात्राओं में से 2368 छात्राओं ने एवं अभियांत्रिकी संकाय के 2725 विद्यार्थियों में से 2044 विद्यार्थियों ने यानि कुल 20 हजार 155 मतदाताओं में से 11 हजार 415 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया।

कार के कांच तोडे़, गुट भिड़े

छात्रसंघ चुनावों के दौरान केएन कॉलेज के बाहर का माहौल गर्म रहा। यह एनएसयूआई के लिए समर्थन में नारे लगाने के दौरान एबीवीपी के समर्थक विरोध जताते नजर आए। वहीं केएन कालेज के बाहर आरएलपी नेता की एसयूवी कार के कांच तोड दिए। बाद में पुलिस ने यहां उत्पाती समर्थकों का खदेड़ा। इससे पहले तडक़े करीब चार बजे महिला थाना के सामने भी दो छात्र गुट भिड़ गए। बाद में उदयमंदिर और रातानाडा थाना से पुलिस अधिकारी व जवान वहां पहुंचे और दोनों गुटों के छात्रों को खदेड़ा। इसके बाद यहां गश्त बढ़ा दी गई। इसके अलावा केएन कॉलेज और ओल्ड कैंपस के बाहर कई बार छात्र गुट आमने-सामने हुए लेकिन भारी पुलिस जाब्ते ने उन्हें खदेड़ दिया।

कई फर्जी वोटर पकड़े

जेएनवीयू छात्रसंघ चुनावों में फर्जी वोट्र्स के आने का क्रम भी लगातार जारी रहा। हालांकि पुलिस और विवि प्रशासन की ओर से एेसे वोट्र्स पर कड़ी नजर रखी गई। एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन फर्जी वोटर पकडे़ गए। जानकारी के अनुसार किसी ओर के वोटर आईडी कार्ड का उपयोग कर रहा एक फर्जी वोटर कॉलेज में प्रवेश की फिराक में था। उसे समय रहते विवि प्रशासन ने पकडक़र पुलिस के हवाले किया। फर्जी वोटर का नाम परीक्षित शर्मा बताया गया है। इससे कुछ देर पहले भी एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर दो छात्रों को आईडी कार्ड नहीं होने के बावजूद कॉलेज में घुसने का प्रयास करते पकड़ा। छात्रों से संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस उन्हें जीप में डालकर थाने ले गई। इसी तरह करीब आधा दर्जन युवकों को बिना आई कार्ड ओल्ड कैंपस में प्रवेश करते पकड़ा। इसी तरह केएन कॉलेज में भी एक युवती को बिना आई कार्ड प्रवेश करते पकड़ा। बाद में पुलिस ने उसे हिदायत देते हुए घर रवाना कर दिया।

कई बूथों पर लगी लाइनें

उत्साहित छात्र निर्धारित समय से पहले ही मतदान केन्द्रों पर पहुंच गए। इस कारण कई मतदान केन्द्रों के बाहर लम्बी कतार लग गई। चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हुई झड़पों के पश्चात पुलिस ने परिसर के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा घेरा बना दिया। मुख्य गेट पर गहन जांच पड़ताल के बाद ही छात्रों को अंदर प्रवेश करने की अनुमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालयों के सभी परिसरों से काफी दूरी पर विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक खड़े थे और वे मतदान करने पहुंच रहे छात्रों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे थे। अधिकांश प्रत्याशी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अपने समर्थकों को घर से बाहर निकल मतदान केन्द्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे थे। अपने-अपने समर्थकों को मतदान केन्द्रों तक लाने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगा दी। सुबह से ही प्रत्याशियों के वाहन शहर में दौड़ते नजर आए। वे मतदाता तक पहुंच उसे अपने साथ लेकर मतदान केन्द्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे।

कैंपस बने पुलिस छावनी

चुनाव के दौरान विवि और पुलिस प्रशासन की ओर से शांति और कानून-व्यवस्था के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी मतदान केन्द्रों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया जिससे मतदान शांतिपूर्वक सम्पन्न हो सके। जेएनवीयू के सभी कैम्पस मंगलवार सुबह से ही पुलिस छावनी जैसे नजर आने लगे। विश्वविद्यालय के ओल्ड कैम्पस, न्यू कैम्पस, केएन कॉलेज, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज सहित अन्य मतदान केन्द्रों पर बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। जेएनवीयू व उससे संबंधित कॉलेज-महाविद्यालयों में करीब डेढ़ हजार पुलिस जवान तैनात रहे। अति संवेदनशील माने जाने वाले जेएनवीयू के ओल्ड कैम्पस पर विशेष नजर रही। वहीं यहां पर घुड़सवार पुलिसकर्मी भी गश्त पर रहे। कॉलेजों के प्रवेश द्वार पर बैरिकेट्स लगाए गए। नियमों का उल्लंघन व उत्पात मचाने पर छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। कैंपस के मुख्य द्वारों पर सीसी टीवी कैमरे लगाए गए जो छात्रों की हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे थे। कैंपस के अंदर व बूथ पर वीडियोग्राफर भी मौजूद रहे जो लगातार शूटिंग कर रहे थे।

ब्लॉक नहीं किए रास्ते

इस बार आम रास्तों पर बैरीकेड्स कम लगाए गए जिससे आमजन को आवागमन में सुविधा रही। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराना परिसर के बाहर इस बार ट्रैफिक व्यवस्था को रोका नहीं गया। ट्रैफिक हमेशा की तरह संचालित रहा। पिछले साल राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से विश्वविद्यालय और पुलिस को आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए मार्ग बंद नहीं करने के निर्देश दिए थे जिसका असर इस साल छात्रसंघ चुनाव में देखने को मिला। पुराना परिसर के सामने पीछे वाली गली में भी ट्रैफिक सुचारू रहा। वहां भी इस बार बैरिकेट्स नहीं लगाए गए।

कई छात्र मतदान से वंचित

मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और दोपहर ठीक एक बजे मतदान रोक दिया गया। लेट आने वाले छात्र-छात्राएं वोटिंग से वंचित रह गए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच लेट आने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। इससे पहले आखिरी घंटे में कॉलेजों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गई। आेल्ड व न्यू कैम्पस में मतदान से कुछ मिनट पहले भी छात्र दौडक़र वोटिंग के लिए पहुंचे।

समर्थकों ने पुलिस को छकाया

मतदान के दौरान छात्र नेताओं के समर्थकों ने आज पुलिस को काफी छकाया। न्यू कैंपस, ओल्ड कैंपस, इंजीनियरिंग कॉलेज और कमला नेहरू महिला महाविद्यालय के बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों की काफी भीड़ एकत्रित थे। इन छात्रों को पुलिस ने कई बार डंडे फटकार खदेड़ा। आगे छात्र तो पीछे-पीछे पुलिसकर्मी दौड़ते नजर आए। थोड़ी देर बाद ये समर्थक छात्र वापस वहां आकर खड़े हो जाते। कमला नेहरू महिला महाविद्यालय के बाहर छात्राओं की भी खड़े रहने को लेकर कई बार पुलिस से तीखी बहस हुई।

प्रत्याशियों के अलग-अलग दावे

सभी प्रत्याशियों ने मतदान के बाद जीत के दावे किए है। एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हनुमान तरड़ ने अपनी जीत का दावा किया है। चौधरी ने अपनी जीत और पूरे पैनल की जीत का दावा करते हुए कहा है कि माहौल एनएसयूआई के पक्ष में है। इस बार एनएसयूआई पूरे पैनल के साथ जीतेगी। एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी त्रिवेंन्द्र पालसिंह राठौड़ ने कहा कि विद्यार्थियों का रुझान एबीवीपी की ओर देखने को मिल रहा है। विद्यार्थी एबीवीपी की कार्यप्रणाली से संतुष्ट है और उन्हें इन चुनावों में जीत की उम्मीदें है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार रविन्द्रसिंह भाटी ने श्रार जीत के दावे किए। चुनाव के दौरान सबसे अधिक उत्साहित एनएसयूआई और निर्दलीय उम्मीदवार रविन्द्रसिंह भाटी के समर्थक नजर आए। इससे उन दोनों के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है।

आज होगी मतगणना

प्रदेशभर में हुए छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने के बाद 28 अगसत को मतगणना होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. रवि सक्सेना ने बताया कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के लिए मतगणना एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रात: 11 बजे आरंभ होगी। वहीं संकायों में संबंधित पदों के लिए मतगणना होगी। मतगणना के दौरान भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। तगणना की तैयारी पूरी कर ली गई है। चार सीआर निर्विरोध चुने गए है और एक रिसर्च स्कॉलर भी चुन लिया गया।

इनका भाग्य दांव पर

इस बार अध्यक्ष पद पर छह प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे है जिसमें एनएसयूआई के हनुमान तरड़, एबीवीपी के त्रिवेन्द्रपालसिंह राठौड़, एसएफआई के अजयसिंह टाक, एआईएएसएफ के सुधीर विश्नोई और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रविन्द्रसिंह भाटी व मनोज पंवर चुनाव मैदान में है। इस बार हालांकि उम्मीदवार छह है जिसके चलते वोटो की गणित बनती बिगड़ती नजर आ रही है। जातिगत वोटों के आधार पर ही इस बार के चुनाव होते नजर आ रहे है। एनएसयूआई तीसरी बार परचम लहराना चाहती है तो एबीवीपी इस बार अध्यक्ष पद पर झंडा फहराने के प्रयास में आ रही है लेकिन निर्दलीय और एसएफआई और एआईएसएफ के प्रत्याशी छात्र संगठनों के उम्मीदवारों की गणित बिगाड़ते नजर आ रहे है। एपेक्स में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय यशप्रताप शर्मा, एबीवीपी के प्रत्याशी ओमसिंह राजपुरोहित, अभिषेक राठौड़, हिमांशु नेणवाया, कैलाश प्रसाद, संजू और एनएसयूआई प्रत्याशी सुशीला मेघवाल मैदान में है। महासचिव पद पर गोपाल रायका, रचना निर्वाण, एबीवीपी पाीखुशबू सिंघल, रामलाल विश्नोई, शुभम देवड़ा मैदान में डटे हुए है। एपेक्स संयुक्त महासचिव पद पर दिलीप कुमार, मोईनुदीन कान, सुनिल विश्नोई और खुशबू सोनी है। शोध प्रतिनिधि के रूप में सवाईसिंह राठौड़ निर्विरोध निर्वाचित हो गए। कमला नेहरू महिला महाविद्यालय में अध्यक्ष पद के लिए धनुष चौधरी, ममता सारण, मीनल, पूजा प्रजापति और प्रियंका सिंह नरूका के बीच मुकाबला होगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद दीपिका कंवर, कैलाश कंवर, नेहा राखेचा और सपना नायक के बीच टक्कर होगी। महासचिव पद पर दो प्रत्याशी अंजू सागर और वर्षा माली के बीच मुकाबला होगा। संयुक्त महासचिव पद पर अनु सागर और वर्षा के बीच मुकाबला होगा। सायंकालीन संकाय में अध्यक्ष पद पर देवी सिंह और वीरेंद्र सिंह मैदान में हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर आईपाल सिंह, राजीव और विक्रम सिंह राठौड़ मैदान में डटे है। महासचिव पद पर 3 प्रत्याशी दुर्ग सिंह, नटवर सिंह और श्रवण सिंह राठौड़ में मुकाबला है। संयुक्त महासचिव पद पर भी 3 प्रत्याशी जगदीश विश्नोई, महावीर सिंह व श्रवण सिंह मैदान में हैं।

ये है उम्मीदवार

एपेक्स

  1. अध्यक्ष – सुधीर विश्नोई, अजय सिंह टाक, रविंद्र सिंह भाटी, हनुमान तरड़, त्रिवेंद्र पाल सिंह राठौड़, मनोज पंवार।
  2. उपाध्यक्ष – ओमसिंह, अभिषेक राठौड़, हिमांशु नैणवाया, संजू, कैलाश प्रसाद, यश प्रताप शर्मा, सुशीला।
  3. महासचिव – गोपाल रायका, रचना निर्वाण, खुशबू सिंघल, रामलाल विश्नोई, शुभम देवड़ा।
  4. संयुक्त महासचिव – दिलीप कुमार, मोईनुद्दीन खान, सुनील विश्नोई, खुशबू सोनी।
  5. शोध प्रतिनिधि- सवाई सिंह राठौड़ निर्विरोध निर्वाचित हुए।

केएन कॉलेज प्रत्याशी

  1. अध्यक्ष -धनुष चौधरी ,ममता सारण ,मीनल, पूजा प्रजापति, प्रियंका सिंह नरूका
  2. उपाध्यक्ष – दीपिका कंवर, कैलाश कंवर राजपुरोहित, नेहा राखेचा ,सपना नायक
  3. महासचिव – अनीता और खुशबू
  4. संयुक्त महासचिव – अनु सागर, वर्षा माली

सांयकालीन अध्ययन संस्थान में एपेक्स पद

  1. अध्यक्ष- देवी सिंह और वीरेंद्र सिंह
  2. उपाध्यक्ष- आईपाल सिंह राजीव और विक्रम सिंह राठौड़
  3. महासचिव- दुर्ग सिंह, नटवर सिंह और श्रवण सिंह राठौड़
  4. संयुक्त महासचिव- जगदीश विश्नोई,महावीर सिंह और श्रवण सिंह

(विवि के समस्त संकायों में कक्षा प्रतिनिधि भी चुने जाएंगे। विवि में 7 संकाय है। कला, वाणिज्य, विज्ञान, विधि, इंजीनियरिंग, केएन कॉलेज व सांयकालीन अध्ययन संस्थान में प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और चतुर्थ वर्ष के लिए एक-एक सीआर चुना जाएगा। सभी संकायों में स्नातकोत्तर के लिए भी एक-एक सीआर होगा।)