जोधपुर कमिश्नरेट में आज से लागू होगी धारा 144

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जोधपुर। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण करने के आरोपी आसाराम के मामले के फैसले के दिन उसके समर्थकों के जुटने की आशंका में जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में 21 अप्रैल से सीआरपीसी की धारा 144 लागू की जाएगी जो आगामी तीस अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान पुलिस की तरफ से पूरे महानगर में आसाराम के समर्थकों पर सख्त नजर रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधियां पाई जाने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस उपायुक्त पूर्व व पश्चिम क्रमश: डॉ. अमनदीपसिंह कपूर और समीर कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस आयुक्त अशोक कुमार राठौड़ के आदेशानुसार 21 अप्रैल को सुबह दस बजे सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी जाएगी जो तीस अप्रैल को शाम पांच बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। कोई भी व्यक्ति हथियार या विस्फोटक पदार्थ लेकर नहीं चल सकेगा। सभा, रैली व जुलूस पर भी रोक रहेगी। उन्होंने बताया कि आगामी 25 अप्रैल को आसाराम मामले का फैसला सुनाया जाएगा। हालांकि यह फैसला जेल में सुनाया जाएगा लेकिन एेहितयात व सुरक्षा की दृष्टि से पूरे महानगर क्षेत्र में धारा 144 लागू की जा रही है।उन्होंने बताया कि फैसले के दौरान आसाराम के हजारों समर्थकों के जोधपुर आने और उत्पात मचाने की आशंका है। इस लिहाज से महानगर पुलिस द्वारा उनके खिलाफ गहन चैकिंग अभियान चलाया जाएगा। हालांकि वर्तमान में जोधपुर स्थित आसाराम आश्रम में गिनती के ही समर्थक मौजूद है लेकिन आने वाले दिनों में उनकी संख्या बढऩे की आशंका है। इसके लिए देश के सभी मंडल रेल प्रबंधकों, रोडवेज व परिवहन अधिकारियों को पत्र भेज व सूचना देकर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उनसे जोधपुर आने वाले आसाराम के समर्थकों को रोकने व उनके बारे में जानकारी देने के लिए कहा है। इसके अलावा शहर के सभी नाकों पर बाहर से आने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। शहर के अंदर और आसपास के होटलों, धर्मशालाओं, सराय व गेस्ट हाउस में भी चैकिंग अभियान चलाया जाएगा। उनके मालिकों को आसाराम के समर्थकों को नहीं ठहराने के लिए पाबंद किया गया है।उन्होंने बताया कि फैसले वाले दिन 25 अप्रैल को सेंट्रल जेल के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया जाएगा। यहां किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा शहर के सभी संवदेनशील स्थानों पर भी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जरूरत पडऩे पर दूसरे जिलों से भी पुलिस बल को जोधपुर बुलाया जा सकता है। हालांकि अभी तक यह कन्फर्म नहीं हो सका है कि जोधपुर में कितने समर्थक आ रहे है। समर्थकों की गतिविधियों पर पुलिस की पूरी नजर रहेगी। आसाराम आश्रम के संचालकों को भी पाबंद कर दिया गया है और आवश्यकता पडऩे पर उत्पाती समर्थकों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।बता दे कि आसाराम मामले का फैसला जोधपुर की सेंट्रल जेल में 25 अप्रैल को सुनाया जाएगा। इसके लिए जेल में ही कोर्ट लगाई जाएगी। आसाराम के समर्थकों के बड़ी संख्या में जोधपुर आने और गुरमीत राम रहीम की सजा के दौरान हुए उपद्रव के समान यहां हालात बिगडऩे की आशंका को ध्यान में रख राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट से जेल में ही फैसला सुनाने का आग्रह किया था। इस पर हाईकोर्ट ने आसाराम को जेल में ही फैसला सुनाने का आदेश दिया था। हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन खुलकर बता नहीं पा रहा है कि पच्चीस अप्रैल को फैसला सुनाए जाने के दौरान आसाराम के कितने समर्थकों के जोधपुर आने की संभावना है लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या एक लाख पार कर सकती है। एेसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है। इसे ध्यान में रख जोधपुर कमिश्नरेट में पुलिस तैयारियों में जुटी हुई है।