जोधपुर रिफ 2019 के बारहवें संस्करण का समापन

जोधपुर। सोमवार को सुबह होने से पूर्व मेहरानगढ़ किले के बाहर स्थित जसवंतथड़ा में पक्षियों की चहचहाट बढऩे लगी। मुंह अंधेरे ही लोगों का यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कुछ विदेशी मेहमान ऐसे भी थे जो मध्यरात्रि बाद ही जसवंतथड़ा पहुंच गए थे ताकि सुबह 5.30 बजे शुरू होने वाले राजस्थान के लोक कलाकारों की जोशीली प्रस्तुति का लुत्फ उठा सके। सोमवार को यहां अमृतसर के गायक और गीतकार बीरसिंह के पंजाबी लोक गीतों की प्रस्तुति ने देशी-विदेशी मेहमानों का मन मोह लिया। इसी के साथ जोधपुर रिफ 2019 के बारहवें संस्करण का समापन भी हो गया।

जोधपुर रिफ  के पांचवे दिन हुए सोमवार को सुबह जसवन्तथड़़ा पर अमृतसर के गायक और गीतकार बीरसिंह के पंजाबी लोक गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान पंजाबी लोक गीतों पर देशी-विदेशी पर्यटकों ने जमकर लुत्फ उठाया और लोक कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा। इस प्रस्तुति के साथ ही रिफ 2019 के बारहवें संस्करण का समापन हो गया। बता दे कि यह आयोजन मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट एवं जयपुर विरासत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार से शुरू हुआ था। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी फेस्टिवल में विश्व के कई नामचीन संगीतकार व कलाकारों ने इसमें शिरकत की। रिफ रसल कार्यक्रम में हवाना की यिस्सी गार्शिया ने पहली बार भारत में किसी संगीत कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम 13 अक्टूबर को ओल्ड जनाना कोर्टयार्ड में होगा। इसके अलावा घटम वाद्य के लीजेंड पद्म भूषण, पद्म श्री व ग्रेमी अवार्ड विजेता पं. विक्कु विनायक्रम, पुष्करलेले आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी। साथ ही आयरिश संगीतकार समूह सिटाडेल आफ द सन, कोरा माइस्त्रो बल्लाके सिसोको, वलेरी तोल्स्तोव, वेरोनिका स्टालडेर, हंगेरी से मजिकास, सुमित्रा देवी, मोहिनी देवी, नोआम वजाना, सुगना देवी, लाखा खान, कदर खान, असगर लंगा, कैरोलिना सींचा, जसनाथजी के भोपे, हाकम खान मांगणियार, सूफी फोल्क आदि विभिन्न आयोजनों में प्रस्तुति दी गई।

 

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