पत्रकार राणा अय्यूब की मुश्किलें बढ़ी मनी लान्ड्रिंग केस में ED ने दायर की चार्जशीट..

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देश की जानी-मानी पत्रकार राणा अय्युब की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ गाजियाबाद की एक विशेष अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की है।पत्रकार राणा अय्युब पर आरोप है कि उन्होंने चैरिटी के आम जनता से 2.69 करोड़ करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम जुटाई और उस पैसे का निजी काम के लिए इस्तेमाल किया। गौरतलब है कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर मनी लान्ड्रिंग के एंगल को लेकर जांच शुरू की थी। ईडी ने ने पत्रकार राणा अय्यूब पर चैरिटी के नाम पर जनता से अवैध रूप से धन प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है।

ईडी ने एक बयान में कहा, “राणा अयूब ने अप्रैल, 2020 से ‘केटो प्लेटफॉर्म’ पर तीन फंडरेज़र चैरिटी अभियान शुरू किए और कुल 2,69,44,680 रुपये एकत्र किए।” ईडी ने दावा किया, “अयूब ने फंडों का इस्तेमाल अपने लिए 50 लाख रुपये की सावधि जमा करने के लिए किया और 50 लाख रुपये एक नए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। जांच में पाया गया कि राहत कार्य के लिए केवल 29 लाख रुपये का उपयोग किया गया था।”

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चैरिटी के नाम पर जुटाए ढाई करोड़ रुपये
ईडी द्वारा इस पूरे प्रकरण में बृहस्पतिवार को जानकारी दी गई है। ईडी ने जारी एक बयान में बताया है कि पत्रकार राणा अय्यूब ने अप्रैल, 2020 से ‘केटो प्लेटफॉर्म’ पर तीन फंडरेज़र चैरिटी अभियान शुरू किए। इसके तहत आम जनता से कुल 2,69,44,680 रुपये जमा किए। बताया जा रहा है कि अभियान का मकसद झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों और किसानों की मदद, असम, बिहार और महाराष्ट्र के लिए राहत कार्य और भारत में COVID-19 से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अय्यूब और उनकी टीम की मदद करना था।उधर, प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट में कहा गया है कि यह मनी लान्ड्रिंग का केस, क्योंकि चैरिटी के नाम पर जुटाए गए पैसे का गलत इ्स्तेमाल हुआ है। बताया जा रहा है कि चैरिटी के नाम पर जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल निजी तौर पर किया गया।

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निजी खर्चों के लिए लिया चंदे का इस्तेमाल
विदेशी चंदे की वापसी के बाद भी उनके पास लगभग 2 करोड़ रुपए थे, लेकिन कथित तौर पर केवल 28 लाख रुपए का उपयोग किया गया था। ईडी का कहना हि कि उन्होंने गोवा की यात्रा जैसे निजी खर्चों के लिए चंदे का इस्तेमाल किया। राणा अयूब ने कथित तौर पर दान के पैसे का उपयोग करके 50 लाख रुपए की फिक्स डिपोजिट (FD) भी की थी। पूछताछ के दौरान उन्होंने ईडी को बताया कि एफडी इसलिए किया गया ताकि उसे कुछ ब्याज मिल सके और एक अस्पताल बनाया। हालांकि बैंक मैनेजर ने राणा अयूब के दावों का कथित तौर पर खंडन किया है।