कई आदिवासियों को लगाया चुना, चंद दिनों में होंगे रिटायर, करोड़ों का भ्रष्टाचार, सीबीआई से जांच की मांग।

  • रिटायरमेंट से पहले इस अधिकारी की जांच जरूरी।
  • करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप।
  • करोड़ों का भ्रष्टाचार, सीबीआई से जांच की मांग।
  • अशोक और पंकज दत्ता के प्रमुख राजदार।
  • भ्रष्टाचार कर कई क्षेत्रों में जमा की संपत्ति।
  • चंद दिनों में होंगे रिटायर।
  • रजिस्ट्रार कार्यालय सील कर, जांच करने की मांग।

इस अधिकारी के कई आदिवासियों को लगाया चुना, दानह के आदिवासी सर्वाधिक इस अधिकारी के भ्रष्टाचार से परेशान। सालों चप्पल घीसने के बाद भी, नहीं मिलता आदिवासियों का हक। मामलतदार की पत्नी को फ्लेट गिफ्ट मिलने का कारण क्या है, आखिर मामलतदार दत्ता ने बिल्डर को क्या द्या, फ्लेट के बदले में, उक्त मामले में बिल्डर की जांच भी अनिवार्य।

संघ प्रदेश दानह में भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं के प्रति प्रशासन की चुप्पी का क्या कारण है, यह तो प्रशासन जाने। लेकिन उक्त कार्यालय तथा कार्यों को लेकर कई सवाल उठते दिखाई दे रहे है, वहीं उक्त कार्यायल के अधिकारियों की कार्यप्रणाली तथा भ्रष्टाचार को लेकर आम जनता में जांच की मांग जारी है। बताया जाता है दानह मामलतदार कार्यालय में वर्षों से मामलदतार दत्ता अपनी मनमानी कर, आम जनों के साथ अन्याय कर रहे है, तथा जमीनी मामलों में जनता के लाख चक्कर काटने के बाद भी उनकी फाइले मामलतदार की मर्जी के बिना नहीं हिलती। हालांकि कई मामलों में मामलतदार द्वारा तथा मामलदार के दलालों द्वारा भ्रष्टाचार करने की बाते सामने आई है। यहां भ्रष्टाचार की शुरुआत होती है, जमीन मामलों से, दानह की जनता को यदि जमीन एन-ए करनी हो या जमीन मामले से जुड़े अन्य मामले हो तो, चाहे कागजातों में कमी हो या ना हो, मामलतदार दत्ता या उनके दलालों को मस्का मखन्न मारे बिना काम पूरा होना बामुश्किल दिखाई पड़ता है, बताया जाता है कई मामलों में कागजात पूरे होने के उपरांत भी अपनी मलाई बटोरने के चक्कर में आम जनों को चक्कर कटाए जाते है, तथा जब तक जनता द्वारा उन कार्यों हेतु, मामलतदार तथा मामलदार के चापलूसों को मलाई नहीं खिलाते तब तक उक्त फाइले टेबल से टस की मस नहीं होती। हालांकि जमीन एन-ए के अलावे कई अन्य जमीन मामले भी बताए जाते है, जैसे आदिवासी की जमीन खालसा करना, जमीन एकवायर करना, एकवायर की गई जमीन अन्य व्यक्ति के नाम पर आवंटित करना, एवं जमीन मामलों में पारिवारिक झगड़ों तक के मामलों में मामलतदार कार्यालय में भ्रष्टाचार के दम पर निर्णय लिए जाते है। हालांकि कई मामलों में जनता द्वारा दानह मामलतदार की अनियमितताओं तथा कमाऊनीति के संबंध में समाहर्तालय में समाहर्ता को जनता द्वारा गुहार लगते देखा गया, कई मामलों में जनता ने अपनी समस्या समाहर्ता के समक्ष रखी, लेकिन मामलतदार दत्ता की पहोच और पकड़ के सामने समाहर्ता की पकड़ ढीली साबित होती दिखी। कई मामलों में जनता का यह कहना भी रहा है की समाहर्तालय में किए गए सभी शिकायतों के बारे में मामलदार को पूरी जानकारी मिलती रही, लेकिन संज्ञान के नाम पर पूरी प्रशासन हाथ-पर हाथ धरे बैठी रही। कई मामलों में जनता का कहना है जब इस अधिकारी की शिकायत पर कार्यवाई नहीं होती तो शिकायत करने से कहीं होने वाले काम भी न रुक जाए यह जानकार कई मामलों में उक्त अधिकारी की शिकायत करने से भी जनता परहेज करती रही है। हालांकि दानह में भ्रष्टाचार के कई मामले समय समय पर सामने आए है लेकिन जनता के साथ उनकी अपनी जमीन में भ्रष्टाचार का यह एक अनोखा मामला है। बताया जाता है दानह मामलदार ने दानह में वर्षों इस विभाग में रह कर करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है, तथा चल अचल समपत्ति अपने परिवारजनों के नाम पर की है। हालही में एक फ्लेट का मामला सामने आया, दानह में मामलतदार की पत्नी को लाखों का फ्लेट एक बिल्डर ने गिफ्ट किया है, हालांकि उक्त फ्लेट की बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ बताई जाती है, इस मामले में जनता का मानना है आखिर ऐसा कोनसा काम उक्त बिल्डर के लिए किया गया, जिसके बदले में उक्त बिल्डर द्वारा मामलतदार की पत्नी को एक करोड़ का फ्लेट गिफ्ट में मिला। इस मामले में करोड़ों के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के राज छुपे है, जिसका खुलासा किसी जांच के बाद ही संभव है। इसके अतिरिक्त दानह तथा हिमाचल प्रदेश में भी दानह मामलतदार दत्ता द्वारा निवेश बताया जाता है, बताया जाता है कि हिमाचल प्रदेश अपने खास के नाम पर मामलतदार ने संपत्ति बना कर रखी है। हालांकि दानह मामलतदार के पास भ्रष्टाचार करने हेतु अन्य कई विभागों के पदभार रहे है, तथा कई विभागों में उक्त अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार बताया जाता है, जिनमे वैट विभाग भी शामिल है। जमीन मामलों तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दानह मामलतदार दत्ता के खास राजदार, उक्त कार्यालय में अशोक भाई तथा पंकज भाई बताए जाते है, बताया जाता है दत्ता द्वारा किए गए भ्रष्टाचारों की पूरी खबर इन दोनों अधिकारियों को है, तथा दत्ता के भ्रष्टाचार में यह दोनों भी भागीदार बताए जाते है। दानह प्रशासक को चाहिए कि, मामलतदार दत्ता के भ्रष्टाचार को लेकर तत्काल उक्त अधिकारी की जांच आरंभ कराई जाए, तथा दानह रजिस्ट्रार को सील कर, दत्ता तथा दत्ता के परिजनों के नाम पर रजिस्टर की संपत्ति की खोज सीबीआई से कारवाई जाए। हालांकि उक्त अधिकारी दत्ता इसी माह को रिटायर होने वाले है इस लिहाज से भी, प्रशासक को उक्त अधिकारी को बच कर निकल जाने का मौका नहीं देना चाहिए। सूत्रों का कहना है इस मामले में सीबीआई जांच के बाद दत्ता द्वारा किए गए कई अन्य खुलासे आमने आने की संभावना है।