एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर के कुलपति का मामला

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर के वाइस चांसलर आरपी सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

मामले के अनुसार पूर्व में लक्ष्मी बैरवा द्वारा अपने अधिवक्ता अनिरुद्ध पुरोहित के मार्फत राजस्थान हाईकोर्ट में दो बिंदुओं पर याचिका दायर करते हुए बताया था कि एमडीएस यूनिवर्सिटी के रेगुलेशन या ऑर्डिनेंस यूजीसी के अनुरूप नहीं है। इस प्रकार ऑर्डिनेंस जोकि यूजीसी का है, वह बाध्यकारी होता है। इसलिए उसके विपरीत ऑर्डिनेंस के आधार पर नियुक्ति हुई है, उसे गैरकानूनी घोषित किया जाए। इसके साथ ही याचिकाकर्ता द्वारा यह भी सवाल उठाया गया कि पूर्व में मेरठ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहते आरपी सिंह पर कुछ आरोप भी लगे थे उसके आधार पर भी चयन निरस्त करना चाहिए।

वही आरपी सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर, अधिवक्ता कुलदीप माथुर व अंकुर माथुर ने कोर्ट को बताया कि यूजीसी के रेगुलेशन स्टेट यूनिवर्सिटी पर बाध्यकारी नहीं की है तथा किसी व्यक्ति का चयन सक्षम समिति द्वारा किया गया हो तो वह सही है। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस रविंद्र भट्ट व न्यायधीश विनीत कुमार माथुर खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में हस्तक्षेप से मना करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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