प्रदेश में निकाय चुनाव सम्पन्न

प्रदेश के 20 जिलों में 90 नगर निकायों के चुनाव समाचार लिखे जाने तक छुटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण संपन्न हुए। चुनावों में 9 हजार 930 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। वहीं इन निकायों में कुल 30 लाख 28 हजार 544 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त पी.एस. मेहरा के अनुसार 90 निकायों के 3035 वार्डो के लिए 5253 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। अजमेर, बांसवाडा, बीकानेर, भीलवाड़ा, बूंदी, प्रतापगढ़, चूरू, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, टोंक और उदयपुर में कोविड गाइडलाइन्स के अनुसार मतदान कराने की व्यवस्था की है।

ये भी पढ़ें-  नाबालिग प्रेमी युगल ने फंदा लगाकर जान दी

प्रदेश के इन 20 जिलों के 90 नगरीय निकायों में 13 निकाय एसे हैं, जो 6 मंत्री और सरकारी उप मुख्य सचेतक के क्षेत्रों से संबंध है। एसे में इन मंत्रियों पर जल्द ही होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में मजबूती से जगह बनाए रखने का दबाव है कि मंत्रिमंडल में जगह बनाने की लम्बी फिलस्ट है तो कुछ सामान्य प्रदर्शन रखने वाले मंत्रियों की छुट्टी भी होने की तलवार भी लटकी है। यही वजह है कि मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मंत्रियों और उप मुख्य सचेतक का जिन निकायों में प्रभाव रहेगा, इनमें अजमेर नगर निगम के साथ तीन नगर परिषद और नौ नगर पालिकाएं शामिल है। मंत्रियों के साथ विधायक और प्रदेश कांग्रेस संगठन की नई टीम की भी परीक्षा है। क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में नियुक्तियों में जगह पाने का इन्हें क्षेत्र में अपने आपको सिद्ध करना होगा।

ये भी पढ़ें-  कोरोना वायरस संक्रमण से अज्ञात है ग्रामीण क्षेत्र के लोग, जागरूकता की आवश्यकता

भाजपा प्रदेश नेतृत्व सहित कई नेताओं की प्रतिष्ठा का प्रश्न बड़ा है क्योंकि गत निकाय चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था इसलिए पाटीर् में गुटबाजी आदि को विराम देने को प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर के लिए भी यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से अधिक नगर निगम अजमेर चुनाव में पूर्व मंत्री व विधायक वासुदेव देवनानी व पूर्व मंत्री-विधायक पश्चिम अनिता भदेल के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक पुष्पेन्द्र सिंह राणावत, मोहन राम चौधरी, विट्ठल शंकर अवस्थी, विधायक अभिनेष महर्षि, अमृत लाल मीणा, अर्जुनलाल जीनगर, अविनाश गहलोत, अशोक डोगरा, कन्हैयालाल चौधरी, पूर्व सचेतक एवं विधायक पुष्कर सुरेश रावत समेत अन्य और भी कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी यह चुनाव अहम है।