दमण की होटल में गार्ड का काम और वापी की कंपनी में हेल्पर का काम करने वाला राजेश, निकला नक्सली।

Rajesh
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गुजरात के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने वापी से 50 हजार के इनामी नक्सली राजेश मोची को गिरफ्तार किया। वह बिहार से आकर, वापी सेकंड फेज में स्थित क्रिएटिव टेक्सटाइल में डेढ़ महीने से हेल्पर का काम रहा था, जिसे बुधवार की रात फैक्ट्री से लौटते समय भड़कमोरा चार रास्ते से हिरासत में लिया गया। यहां से अहमदाबाद ले जाकर पूछताछ की जा रही है।

बिहार के गया जिले में बहोरमा गांव का रहने वाला राजेश उर्फ गोपालप्रसाद उर्फ उत्तमजी रामवाल रविदास मोची (33) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ा हुआ बताया जाता है। वर्ष 2016 में राजेश के साथ ही अनिल यादव, चंदन नेपाली सहित अन्य माओवादियों ने बिहार में औरंगाबाद के जंगलों में ब्लास्ट कर सीआरपीएफ के 11 जवानों की हत्या की थी। मार्च 2017 में गया के गुरपा जंगल में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन पर भी ऑटोमेटिक हथियारों से हमला किया था, इस मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए थे, लेकिन हाथ में गोली लगने के बाद भी राजेश फरार हो गया था।

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वर्ष 2018 में दमण आए राजेश ने अपना नाम बदलकर गोपालदास रख लिया। मीरासोल होटल में गोपाल प्रसाद नाम बताकर सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी शुरू की इसके बाद वापी आया और सुलपड स्थित मामी की चाल में रहने वाले रिश्तेदार दिनेश रविदास की मदद से फैक्ट्री में काम पा लिया था।

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ज्ञात हो कि वापी तथा वापी के आस पास दमण एवं दानह में कई बड़े उधोग है और इन उधोगों में काम करने वाले श्रमिकों की भर्ती भी ठेकेदारो द्वारा की जाती है। समय समय पर दमण तथा दानह प्रशासन द्वारा श्रमिकों के संबंध में श्रमिकों को इकाइयो में काम पर रखने से पहले उनके बारे में जानकारी रखने के आदेश भी जारी होते रहे है इकाइयो को भी श्रम विभाग एवं प्रशासन द्वारा कई बार सूचित किया जाता रहा है की वह इकाई में किसी भी श्रमिक को काम देने से पहले उसके बारे में जरूरी जानकारी हासिल कर ले। लेकिन नक्सल वाद से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद अब वापी तथा दमण एवं सिलवासा प्रशासन को तत्काल सभी इकाइयो से ठेकदारों की जानकारी और ठेकदारों से श्रमिकों की जानकारी हांसील करनी चाहिए। शेष फिर।