देश भर में होटल, ढाबों, बैंक्वेट हाल का प्रदूषण रोकने के लिए पहली बार बनी नीति, एनजीटी ने दिए ये आदेश

अभय सिंह बनाम स्टेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जानकारी चाही कि होटल ढाबों बैंक्वेट हाल द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण को रोकने के लिए क्या नीति है। देश भर में होटल ढाबों, बैंक्वेट हाल, मोटल और रेस्टोरेंटों द्वारा फैलाए जा रहे वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण के लिए कोई भी नीति नहीं बनी थी। सेंट्रल पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने किसी भी पालिसी के होने से इन्कार किया। इसके बाद एनजीटी ने सर्वे कर इसके लिए नीति बनाने के निर्देश दिए।

सीपीसीबी ने सर्वे कर पालिसी जारी की है, जिसे एनजीटी ने स्वीकृत कर लिया है। अब यह नीति पूरे देश के ढाबों, होटल, बैंक्वेट हाल पर लागू हो गई है। इसके तहत विभागीय कंसेंट (सहमति) अनुमति बैंक्वेट हाल, होटल मोटल, और ढाबों को लेनी होगी।

ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाल को, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति, फायर विभाग से एनओसी लेनी होगी। ईटीपी एसटीपी लगाकर पानी शोधित करना होगा। शोधित पानी को सिंचाई के कार्यों में प्रयोग लाना होगा। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जनरेटर पर चैंबर लगाने होंगे। साथ ही ठोस कूड़ा प्रबंधन नगर निगम की गाइडलाइन के अनुसार करना है। नगर योजनाकार से चेंज आफ लैंड (सीएलयू )लेना होगा। साथ ही बिल्डिंंग प्लान की मंजूरी लेनी होगी।

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पर्यावरण के इन नियमों (एन्वायरमेंट नार्म) का करना होगा पालन

  • नगर योजना विभाग ) डीटीपी इन का सर्वे करके पता करेंगे कि किनके पास सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) है। बिल्डिंंग प्लान बना हुआ है।
  • बिल्डिंंग प्लान बनाकर फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा।
  • दमकल विभाग को सभी ढाबों, होटल बैंक्वेट, मोटल का सर्वे कर पता करना होगा किनके पास फायर की एनओसी है।
  • इटीपी और एसटीपी लगाने होंगे। पहले की तरह सेफ्टी टैंक में टायलेट का पानी नहीं छोड़़ा जा सकता।
  • किचन (रसोई ) के पानी का शोधन एसटीपी एफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लान ( इटीपी) में करना होगा जबकि शौचालय और बर्तन आदि धोने में प्रयुक्त किए गए पानी का एसटीपी में शोधन होगा।
  • ट्रैफिक का प्रबंधन करना होगा।
  • शादी विवाह में पटाखे निर्धारित समय में ही फोडऩा होगा।
  • चिमनी पर कनोपी लगानी होगी।
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टास्क फोर्स को प्रतिदिन के बेस पर सर्वे कर रिपोर्ट चेयरमैन को देनी होगी। जो एन्वायरमेंट के नियमों का पालन नहीं करेंगे। उनके खिलाफ संबंधित विभाग अपने-अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करेंगे। “प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत ङ्क्षसह ने कहा कि सीपीसीबी द्वारा प्रदूषण रोकने के लिए जो नीति बनाई है। उसको लागू करने के लिए के लिए संबंधित विभाग की टास्क फोर्स बनाई गई है। जो रोजाना सर्वे कर होटल ढाबों, मोटल, रेस्टोरेंट बैंक्वेट हाल की एन्वायर मेंट के नार्मस की जांच करेगी। जो नार्मस पूरा नहीं हो रहा होगा उसके खिलाफ अलग-अलग विभाग की नियमानुसार कार्रवाई।”