संजय राउत को राहत नहीं, पात्रा चॉल घोटाला मामले में 17 अक्टूबर तक बढ़ी

शिवसेना सांसद संजय राउत को पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में अदालत ने झटका दिया है. अदालत ने शिवसेना नेता संजय राउत को न्यायिक हिरासत 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया है, इससे पहले कोर्ट ने 4 अक्टूबर को शिवसेना नेता को 10 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश  दिया था. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1 अगस्त को गोरेगांव में पात्रा चॉल के पुनर्विकास में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में गिरफ्तार किया था.

प्रवर्तन निदेशालय ने पात्रा चॉल मामले में शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ दायर की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कई खुलासे किए हैं. ईडी ने खुलासा किया है कि इस मामले के आरोपी राकेश वाधवन, सारंग वाधवन और प्रवीण राउत ने मिलीभगत कर मनी लॉन्ड्रिंग की और इसका पैसा संजय राउत को भी भेजा जाता था. इसके साथ ही ईडी ने अपनी जांच में यह भी पाया कि संजय राउत ने इस पूरे घोटाले के दौरान संपत्ति खरीदी और इन पैसों का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत काम के लिए भी किया. प्रवीण राउत ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन से पैसे लेकर संजय राउत को दिए थे.

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ये है पात्रा चॉल जमीन घोटाला 

बता दें कि पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरूआत साल 2007 में हुई थी. महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के साथ प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया गया. इस घोटाले में करीब 1034 करोड़ रुपये की हेराफरी का आरोप है. संजय राउत के दोस्त प्रवीण राउत भी इस मामले का आरोपी है. इस कंस्ट्रक्शन कंपनी पर चॉल के लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है. ये कंपनी प्रवीण राउत की है जिसमें पात्रा चॉल के अंदर 3 हजार फ्लैट बनाए जाने थे और जिसमें से 672 फ्लैट चॉल के निवासियों को मिलने थे. हालांकि कंपनी ने प्राइवेट बिल्डरों को जमीन बेच दी.