भूजल विभाग के अधिकारियों से किया जवाब तलब

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जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरूण भंसाली ने भूजल विभाग में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हंसराज भटट के आदेशों की प्रतीक्षा में किए गए आदेश पर रोक लगाते हुए विभाग के सचिव, वरिष्ठ उप सचिव एवं मुख्य अभियंता से जवाब तलब किया है।

भूजल विभाग जोधपुर में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हंसराज भटट का स्थानान्तरण जोधपुर से गत वर्ष 28 अगस्त को किया गया था। विभाग के इस आदेश से व्यथित होकर प्रार्थी ने राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष एक रिट याचिका प्रस्तुत की थी। याचिका में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भू जल विभाग से जवाब तलब करते हुए प्रार्थी के स्थानान्तरण आदेश पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी। विभाग द्वारा उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश के बाद प्रार्थी को गत 11 अक्टूबर 2019 से आदेशों की प्रतीक्षा में करते हुए मुख्य अभियंता भू जल विभाग कैंप जयपुर में उपस्थिति देने का आदेश पारित किया गया। विभाग के इस कृत्य से व्यथित होकर प्रार्थी ने एक और रिट याचिका अपने अधिवक्त प्रमेन्द्र बोहरा के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष इस बाबत पेश की कि प्रथमतया विभाग का आदेश नियम 25ए राजस्थान सेवा नियम 1957 के विरूद्व पारित किया गया है क्योंकि ना तो प्रार्थी के स्थान पर दोहरा पदस्थापन हुआ है और ना ही प्रार्थी ने किसी वैदेसिक सेवा से पुन आकर कार्यग्रहण किया है। वहीं प्रार्थी की पदोन्नति भी नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रार्थी को बिना किसी युक्तियुक्त कारण के पदस्थापन आदेशो की प्रतीक्षा में करने का आदेश विभाग द्वारा पारित किया गया है। इसके अलावा प्रार्थी का जो पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में कर मुख्य अभियंता भू जल विभाग कैंप जयपुर में किया गया है इस नाम से जयपुर में किसी तरह का कोई कार्यालय नहीं है।

प्रार्थी के अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि प्रार्थी का जो स्थानान्तरण वर्ष 2018 मेें किया गया था उस आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी। इसके उपरांत भी प्रार्थी को पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में स्थानांतरण किया गया है जो विधि विरूद्व है। इस पर राजस्थान उच्च न्यायालय एकलपीठ के न्यायाधीश अरूण भंसाली ने भूजल विभाग को नोटिस जारी करते हुए प्रार्थी के पदस्थापन पर अंतरिम रूप से रोक लगा दी है।