भ्रष्टाचार के दम पर, नई इमारत की मंजूरी….. ऐतिहासिक धरोहर को धव्स्त कर रहे है नए निर्माण…

  • प्रशासक की पीठ पीछे अवैध निर्माणों का ढेर…
  • कुछ साल पहले…. किले की दीवार पर भ्रमण कर पूरे किले का नजारा देखते थे, लेकिन धीरे-धीरे बन रही इमारतों के कब्जे ने ऐतिहासिक धरोहर को देखने वालों पर भी पहरा बीठा दिया।
  • ऐतिहासिक धरोहर को धव्स्त कर रहे है नए निर्माण।
  • मोटी-दमन किले में अवैध निर्माण की भरमार, कई नियमों को ताख पर रख किए जा रहे है निर्माण।
  • जहां दमन की जनता को झोपड़ी बनाने की मंजूरी नहीं मिलती, वहां अमीरों ने बंगले बना लिए।

संघ प्रदेश दमन में भवन निर्माणों में हुई अनियमितताओं की फेहरिस्त जितनी लंबी है, उतनी ही बोनी साबित होती दिख रही है प्रशासन। दमन के किले में इमारतों और बगलों के निर्माण से दमन के ऐतिहासिक किले पर भी संकट मंडराता दिखाई दे रहा है ।
मोटी दमन और मोटी दमन का किला, प्रशासन के कार्यालयों और अधिकारियों के निवास से भरा पड़ा है, और इसी किले में प्रशासक महोदय के निवास स्थान के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निवास स्थान भी बताए जाते है। लेकिन बिडंबना यह रही की अनियमितताओं ने इस जगह को भी अपना शिकार बना दिया। दमन के जिस ऐतिहासिक किले में आम जनता को एक झोपड़ी बनाने की इजाजत तक नहीं मिलती, वहां रसुखदारों के बनते बंगले और इमारते, दमन प्रशासन के साथ साथ दमन के पुरातत्व विभाग की भी पोल खोलती दिख रही है।
पिछले कुछ समय से मोटी दमन किले में कुछ निर्माण कार्य चल रहे है, तो कुछ पूर्ण हो चुके है, उक्त निर्माणों के बारे बताया जाता है कि, इन निर्माणों में नियमों ताख पर रख, निर्माण कार्य किए जा रहे है। हालही में कुछ ऐसे मामले सामने आए है जिन निर्माणों में अनियमिताओं की गंध आती दिख रही है।
चौकाने वाली बात यह है कि जिन निर्माणों में अनियमितताओं की बाते सामने आई है, वह तीनों मोटी-दमन किले में है, जिसमे से एक नगर निगम के सामने तो एक ओल्ड-चर्च के पास, तो एक पूर्व सांसद डहयाभाई पटेल के कार्यालय के पास । आखिर प्रशासन की नाक के नीचे चल रही अनियमिताओं को प्रशासन कब देखेगा यह तो वक्त बताएगा, लेकिन इस मामले में बरती गई अनियमितताओं ने दमन प्रशासन और किले की सुरक्षा के बारे सवाल उठने शुरू हो गए है।
हालांकि उक्त मामले में फिलवक्त क्रांति भास्कर की खोज-बिन जारी है, जल्द उक्त मामले में अन्य खुलासे के साथ क्रांति भास्कर प्रस्तुत होगी। शेष फिर।