म.प्र. सरकार ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ को देखते हुए लिया अहम फैसला, जानें डिटेल्स

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देश भर में फैले कोरोनावायरस के चलते सभी स्कूल कॉलेज बंद पड़े है और छात्रों की पढ़ाई में भी बाधा आ रही है। ऐसी स्थिति में देश भर में हर जगह घर बैठे ऑनलाइन कलासेस का दौर शुरु हो गया है। जहां एकतरफ इन ऑनलाइन क्लासेस के द्वारा बच्चों को सहुलियत मिलती है और उन्हें घर से बाहर निकलने की जरुरत नही पढ़ती है वही दूसरी तरफ इसी ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गहरा असर देखने को मिल रहा है। इसी को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने कक्ष 5वीं तक ऑनलाइन क्लासेस के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है और कक्षा 6-8वीं तक के लिए भी समयसीमा तय कर दी है।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार राज्य भर के कई परिवार और छात्र-छात्राओं के पास डिजिटल डिवाइस या डाटा रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से उन्हें पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। इस तरह की तमाम शिकायतें पैरेंट्स ने विभाग को दर्ज कराई हैं। इसके अलावा स्कूलों के घंटों ऑनलाइन क्लासेस लेने से मोबाइल,लैपटॉप के ज़रिए ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चो के शारीरिक और मानसिक स्वास्थय दोनों पर इसका बुरा असर पड़ रहा था। इस नोटिस में यह भी कहा गया है कि कक्षा 6-8वीं के लिए प्रत्येक कक्षा कि समयसीमा 35 से 40 मिनट तय कर दी गई है।

मध्य प्रदेश शासन ने ककहा कि विशेषज्ञों के परामर्श के दौरान यह बात सामने आई है कि बच्चों को मोबाइल फोन के माध्यम से लंबे समय तक ऑनलाइन कक्षाओं में प्रवेश करना उनके स्वास्थ्य और सीखने की प्रक्रिया के लिए हानिकारक हो रहा था।बच्चो के शारीरिक और मानसिक स्वास्थय दोनों पर इसका बुरा असर पड़ रहा था। इसीलिए प्री-प्राइमरी और पहली से पांचवी तक के बच्चों की क्लासेस पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही ऑनलाइन क्लासेज के समय और अवधि में भी बदलाव किया गया है। सरकार ने स्कूलों को एनसीईआरटी द्वारा तैयार किये गये दिशा-निर्देश ‘सेफ ऑनलाइन लर्निंग इन टाइम्स ऑफ कोविड-19” का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा गया है।

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