खुला पिटारा, नगर निगम चुनाव के लिए निकाली लॉटरी

जोधपुर। नगर निगम चुनाव के लिए जिस लॉटरी का सभी को बेसब्री से इंतजार था उसका निर्धारण बुधवार को हो गया। जिला स्तर पर वार्ड पार्षदों के लिए आज दोपहर बाद आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसके साथ ही यहां वार्डों में आरक्षण तय हो गया। लॉटरी निकलने के साथ ही कई उम्मीदवारों के चेहरे खिल गए तो कई उम्मीदवारों के आरक्षित वर्ग से बाहर हो जाने पर निराशा छा गई। इस बार जोधपुर निगम में पहली बार सौ वार्ड है। खास बात यह है कि इस बार पार्षदों के साथ महापौर चुनाव के लिए भी जनता सीधे मतदान करेगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला कलक्टर (प्रथम) एमएल नेहरा ने बताया कि स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के निर्देशानुसार नगरीय निकाय चुनाव-2019 के लिए पुनर्गठित वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आज दोपहर बाद जिला निर्वाचन अधिकारी जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निकाली गई। इस दौरान शहर विधायक मनीषा पंवार व सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास भी उपस्थित थे। इसके साथ कांग्रेस व भाजपा सहित कई अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व अन्य उम्मीदवार भी मौजूद थे।

इन वार्डों की निकाली लॉटरी

नगर निगम में अनुसूचित जाति के जनसंख्या के आधार पर 13 वार्ड आरक्षित है। अनुसूचित जाति के आरक्षित वार्ड लॅाटरी द्वारा आरक्षित किए गए। इनमें 22, 67, 76, 66, 77, 30, 91, 80, 24, 64, 32, 70 एवं 1 आरक्षित किए गए। इनमें अनुसूचित जाति के तहत वार्ड संख्या 67, 1, 30 व 80 लॅाटरी से महिलाआें के लिए आरक्षित किए गए। इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति के जनसंख्या के आधार पर 2 वार्ड आरक्षित किए गए। ये वार्ड 21 व 37 है। इनमें वार्ड नम्बर 21 लॅाटरी से महिला वार्ड बनाया गया। नगर निगम के 100 वार्ड में से 85 वार्ड जो शेष बचे उसमें से 21 वार्ड लॅाटरी से आेबीसी के लिए आरक्षित किए गए। आरक्षित किए गए वार्ड में लॅाटरी से वार्ड संख्या 11, 55, 54, 93, 48, 78, 58, 15, 51, 4, 45, 34, 19, 42, 72, 7, 2, 68, 46, 36 व 43 है। इनमें से लॅाटरी द्वारा वार्ड संख्या 45, 2, 43, 11, 4, 93, 48 सहित कुल 7 वार्ड आे बी सी महिलाआें के लिए आरक्षित किए गए। लॅाटरी में 21 वार्ड सामान्य-महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए। इसमें वार्ड संख्या 17, 12, 16, 52, 95, 47, 87, 25, 35, 9, 41, 73, 6, 20, 40, 74, 97, 38, 84, 50 व 44 लॅाटरी द्वारा सामान्य वर्ग की महिलाआें के लिए आरक्षित किए गए। शेष बच्चे वार्ड सामान्य पुरूष वर्ग के  लिए रहेंगे। नगर निगम के 100 वार्ड में से सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित वार्ड संख्या 3, 5, 8, 10, 13, 14, 18, 23, 26, 27, 28, 30, 31, 33, 39, 49, 53, 56, 57, 59, 60, 61, 62, 63, 65, 69, 71, 75, 79, 81, 82, 83, 85, 86, 88, 89, 90, 92, 94, 96, 98, 99 एवं वार्ड संख्या 100 लॅाटरी के बाद सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित रहे।

फलोदी नगर पालिका

फलोदी नगरपालिका में कुल 40 वार्ड है। इनमें से अनुसूचित जाति के लॅाटरी द्वारा 6 वार्ड जनसंख्या के आधार पर आरक्षित किए गए। इसके तहत वार्ड संख्या 24, 2, 37, 20, 35 और 23 वार्ड लॅाटरी द्वारा आरक्षित किए गए। इनमें से लॅाटरी द्वारा वार्ड संख्या 24 और 23 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किए  गए। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार शेष 34 वार्ड में से अन्य पिछड़ा वर्ग के  लिए लॅाटरी द्वारा 8 वार्ड आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड संख्या 3, 28, 7, 18, 25, 10, 14 व 29 लॅाटरी द्वारा आरक्षित किए गए। इस लॅाटरी में आे बी सी महिला के लिए 3 वार्ड आरक्षित हुए। वार्ड संख्या 7, 29 व 28 महिला आे बी सी वार्ड होंगे। फलोदी नगर पालिका के लिए 26 वार्ड कुल सामान्य वर्ग के लिए है। इनमें से 8 वार्ड महिला वर्ग के लिए लॅाटरी से आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड संख्या 5, 22, 39, 1, 15, 4, 16 और 30 महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित लॅाटरी द्वारा किए गए। शेष वार्ड पुरूष सामान्य वर्ग के  लिए है। लॅाटरी के बाद वार्ड संख्या 9, 21, 11, 40, 26, 6, 34, 27, 8, 36, 19, 17, 12, 33, 38, 32, 31 व 13 अनारक्षित रहे।

इस तरह हुई आरक्षण प्रक्रिया

नगरीय निकायों में जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर नगरीय निकायों में वार्डों की संख्या की निर्धारण किया गया है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 एवं राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग के लिये वार्डों की संख्या और एक तिहाई महिला वर्ग के आरक्षण अनुसार वार्डों की संख्या का निर्धारण किया गया है। वार्डों के निर्धारण में नगरीय निकायों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के लिए वार्डों का आरक्षण वार्ड में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों की अधिकतम जनसंख्या के अवरोही क्रम के आधार पर हुआ है। अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों के आरक्षण के प्रयोजनार्थ अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या के प्रतिशत के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किए गए। जहां कोई वार्ड अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित होने के लिए समान हो गए, वहां उसे अनुसूचित जातियों या यथा स्थिति अनुसूचित जातियों के लिए, जिसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का प्रतिशत अधिक हो, आरक्षित किया गया। उच्च न्यायालय के अन्तरिम आदेश के अनुसार सभी वर्गों में महिला वार्डों का आरक्षण कुल वार्डों की जनसंख्या का एक तिहाई रहा है। प्रत्येक वर्ग में महिलाआें का आरक्षण लॉटरी से निर्धारित किया गया है।

 

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