सिलवासा में विश्व हिन्दू परिषद जैसी संगठन को नेताओं ने बना रखा है मज़ाक

सिलवासा में विश्व हिन्दू परिषद जैसी संगठन को नेताओं ने बना रखा है मज़ाक | Kranti Bhaskar image 2
vishva hindu parishad

सिलवासा में विश्व हिन्दू परिषद की कमिटी को एक ही महीने में 3 बार वर्ख़ास्त किया गया, लेकिन क्या कारण है कि विहिप के बड़े पदाधिकारी फिर से उन्हें ही सिलवासा की जिम्मेदारी सौंपी जिन्हें जनता पसंद नही करती ?

विश्व हिन्दू परिषद जैसे महान हिंदूवादी संगठन को गुजरात प्रान्त के बड़े पदाधिकारियों ने मजाक बना दिया है।विश्व हिंदू परिषद एक हिंदू संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस की एक अनुषांगिक शाखा है। इसे वीएचपी और विहिप के नाम से भी जाना जाता है। विहिप का चिन्ह बरगद का पेड़ है और इसका नारा, “धर्मो रक्षति रक्षित:” यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है, परंतु सिलवासा में जिस तरह से विहिप प्रान्त एवं विभाग के पदाधिकारियों द्वारा सिलवासा में इस संगठन के साथ मनमानी की जा रही है उससे इस संगठन की विश्वसनीयता धीरे धीरे सिलवासा के लोगो के दिलों से धूमिल होती जा रही है।

विश्व हिन्दू परिषद एक गैर-राजनीतिक संगठन है और राजनीतिक पार्टी का अधिकारी विश्व हिंदू परिषद का अधिकारी नहीं होता है परंतु सिलवासा में संघ द्वारा लागू यह नियम कानून काम नही करता है यहा तो राजनैतिक व्यक्ति को संगठन का सीधे पदाधिकारी ही नियुक्त कर दिया जाता है। सिलवासा में जब विश्व हिन्दू परिषद के अंतराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया जी आये थे तब सिलवासा में विहिप संगठन का विस्तार नही हुआ था तोगड़िया जी के आगमन से 2 वर्ष पूर्व ही सिलवासा में संगठन को भंग कर दिया गया था लेकिन जिस दिन तोगड़िया जी का सिलवासा आने का कार्यक्रम बना उससे 3 दिन पूर्व ही मार्किट में पत्रिका घूमने लगी जिसमे सिलवासा के पदाधिकारियों का नाम अंकित था। जब वलसाड़ जिला द्वारा सिलवासा में संगठन का विस्तार ही नही किया गया था तो क्या वे स्वयं को पदाधिकारी नियुक्त कर लिए थे ? तोगड़िया जी के कार्यक्रम के पश्चात जिन लोगो ने अपने आप को सिलवासा विहिप का पदाधिकारी घोषित कर लिया था उन्हें वलसाड़ जिला द्वारा तलकालीन प्रभाव से मुक्त किया गया और पुनः उन लोगो को ही कुछ ही दिनों के बाद विभाग के नेता जिग्नेश नाहर ने सिलवासा का पदाधिकारी नियुक्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि जिन लोगो को सिलवासा विहिप की जिम्मेदारी तोगड़िया जी के कार्यक्रम के समय सौपी गई थी उन सभी नियुक्त पदाधिकारियों का सिलवासा में जमकर विरोध हुआ। सिलवासा के कई अग्रणियों ने नियुक्त सभी पदाधिकारियों का विरोध किया एवं सिलवासा का दुर्भाग्य माना। वलसाड़ जिला द्वारा पारडी में जिला बैठक का आयोजन रखा गया जिसमें वलसाड़ जिला के सभी पदाधिकारियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

ये भी पढ़ें-  स्वतंत्रता दिवस पर समाहर्ता ने किया ध्वजारोहण

वलसाड़ जिला द्वारा सिलवासा कमिटी को लेकर चर्चा हुई जिसमें सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि सिलवासा की कमिटी को एक बार पुनः भंग कर देते हैं क्योंकि इस कमिटी से सिलवासा की जनता को नाराजगी है और सर्वसम्मति से एक पत्र पर वलसाड़ जिला के सभी पदाधिकारियों के हस्ताक्षर लेकर कमिटी को भंग कर दिया गया। वलसाड़ जिला द्वारा लिया गया यह उत्तम निर्णय पुनः विभाग के नेता जी एवं साथ वाले नेता जी को पसंद नही आया और बौखलाहट में फिर से अपनी मनमानी कर बैठे और आनन फानन में नेता जी ने विहिप वलसाड़ जिला के पदाधिकारियों को बिना बताए एक होटल में सिलवासा के वर्ख़ास्त हुए लोगो को माला पहना दिया। अब यहां पर यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्या कारण है जो नेता जी उन लोगो से संवंध रखने के लिए विहिप के सभी पदाधिकारियों को दरकिनार कर खुद ही सारे फैसले लेने लग रहे हैं..? इतने सारे विरोध का भी नेता जी पर कोई असर नही पड़ रहा है और वे खुद की मनमानी किये जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें-  वापी के बिल्डर गिरिराज जाडेजा पर बलात्कार का आरोप।

विश्व हिन्दू परिषद एक हिन्दू वादी संगठन है जो हिन्दुओ को विश्वास में लेकर कार्य करती है विहिप की जिम्मेदारी उन्हें सौपना चाहिए जो दिन रात हिंदुओं के लिए परिश्रम करता हो जो हिन्दू हित की बात करता हो परंतु जिन लोगो को सिलवासा की जिम्मेदारी सौंपी गई है उनमें तो एक भी लक्षण अध्यक्ष और पदाधिकारी बनने के नही है परंतु किसी ने कहा है न कि “जब सईया कोतवाल तो डर काहे का” ठीक उसी तरह सिलवासा में भी यही है जब नेता जी की छत्रछाया है तो फिर सिलवासा के लोगो से क्या मतलब ? सिलवासा की जिम्मेदारी किसी भी अच्छे एवं स्थानीय को देना चाहिए जो इस पद के काबिल हो लेकिन नेता जी मनमानियों को मजबूरन बस जिला के पदाधिकारियों को झेलना पड़ रहा है, क्या संगठन किसी एक व्यक्ति के कहने पर चलती है या सबको विश्वास में लेकर कार्य करने वाली संगठन है ? विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति सबको विश्वास में लेकर करनी चाहिए खुद की मनमानी से नही परंतु अब पता नही नेता जी को आखिर ऐसा कौन सा कोहिनूर मिल गया है जो सिलवासा की संगठन को लेकर बाकी सभी लोगो से बगावत पर उतर आए है अब ये तो भगवान ही समझे । खैर जो भी हो परंतु सिलवासा में जिन लोगो को विहिप की जेम्मेदारी सौपी गई है उसे देखकर तो सिलवासा के हिन्दू भाइयों के दिलों से विहिप की विश्वसनीयता धीरे धीरे धूमिल होती हुई नजर आ रही है ।

ये भी पढ़ें-  बी डी ओ दमण द्वारा ग्राम पंचायत सदस्यों से मांगा चालो का व्यवस्थित ब्योरा

– Sudhir Raman Pathak

Silvassa