पर्यूषण पर्व शाश्वत महापर्व: वैराग्यपूर्णा

जोधपुर। पयुर्षण पर्व के द्वितीय दिवस साध्वी प्रफुल्लप्रभा व वैराग्यपूर्णा आदि के सानिध्य में क्रिया भवन में परमात्मा पूजा अर्चना प्रतिक्रमण सामायिक तप जप आंगी दर्शन देव दर्शन व श्रावक-श्राविकाआें के करने योग वार्षिक 11 कत्र्तव्यों की पालना करने की महिमा श्रवण में कई श्रद्धालुआें ने बढ़-चढक़र भाग लिया।

श्री श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागछ संघ के प्रवक्ता धनराज विनायकिया ने बताया कि मूर्तिपूजक पयुर्षण पर्व के दूसरे दिन प्रवचन कारीका साध्वी वैराग्यपूर्णा ने संघपूजन, साधर्मिक भक्ति, यात्रांतिक, स्नात्र महोत्सव, देव द्रव्य वृद्धी, महापूजन, रात्रि जागरण, श्रुतज्ञान पूजा ,उद्यापन, तीर्थं प्रभावना एवं 11 वां आलोचना कत्र्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रावकों को जीवन में करने योग्य 11 कत्र्तव्यों का अवश्य पालन करना चाहिए। साध्वी प्रफुल्लप्रभा ने कहा कि राग द्बेष जब तक हृदय से नहीं निकलेंगे पर्यूषण पर्व मनाना असफलता कि निशानी है। उन्होंने पर्युषण पर्व को शाश्वत महापर्व बताया।

संघ कोषाध्यक्ष विनोद कुमार मेहता व विनायकिया ने बताया कि मूर्तिपूजक पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन प्रवचन के दरम्यान दैनिक 6 कत्र्तव्यों व पौषध महिमा विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा व जैनों का महान सूत्र कल्पसूत्र का लाभ श्रावक जगदीश खांटेड परिवार द्वारा लिया गया। गाजे-बाजे के साथ कल्पसूत्रजी का वरघोड़ा निकाला जाएगा व कल्प ज्ञान सूत्र प्रभु भक्ति रात्रि जागरण किया जाएगा।

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