फरार बंदी का सुराग नहीं, साथियों से पूछताछ

जोधपुर। कोर्ट परिसर की अस्थाई हवालात के शौचालय की दीवार में लगे सरिए काटकर फरार हुए बंदी का सुराग गुरुवार को दूसरे दिन भी नहीं लगा है। संदेह है कि योजनाबद्ध तरीके से उसे भगाया गया है। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके घर और रिश्तेदारों के यहां पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। इधर अपहरण के मामले में पूर्व मेें जमानत पर रिहा हो रखे तीन अन्य लोगों पर भी पुलिस को संदेह है कि उसे भगाने में हाथ हो सकता है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। जमानत पर छूटे उसके साथियों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि पीपाड़ रोड के रहने वाले जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू पुत्र कल्याण सिंह को वर्ष 2016 मार्च में अपहरण के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसकी बुधवार को पेशी थी। तब केंद्रीय कारागाह से बीस बंदियों को चालानी गार्ड लेकर कोर्ट आए थे। शाम सवा चार बजे से पहले जितेंद्र की पेशी होने पर उसे कोर्ट परिसर की अस्थाई हवालात में डाला गया था। इसी बीच वह कोर्ट परिसर की बैरक के सलाखें काटने के साथ लोहे का दरवाजा काटकर निकल गया। बाथरूम से नहीं आने पर चालानी गार्ड को संदेह हुआ। देखने पर वह नहीं मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। इस पर शहर के आसपास रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप एवं पब्लिक पार्क एरिया में उसकी तलाश करवाई गई। बताया गया है कि उसने वर्ष 2016 मार्च में एक बच्चे का चार लोगों के साथ अपहरण किया था। इसमें वह मुख्य आरोपी था। बच्चे के पिता बनाड़ के नांदड़ी निवासी सियाराम की तरफ से बनाड़ थाने में अपहरण की रिपोर्ट दी गई थी। 16 मार्च 2016 को उसे जेल भेजा गया था। इसके बाद उसकी कोर्ट में पेशियां चल रही थी। आरोपी जितेंद्र सिंह और उसके सहयोगियों ने बच्चे के अपहरण के लिए डेढ़ करोड़ की फिरौती मांगी थी लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया। संदेह है कि उसके भगाने के पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। सबसे बड़ी बात है कि जितेेंद्र के पास कटर कहां से आया था। या पहले से ही सलाखें काटी जा चुकी थी। उसके साथ वाले कैदियों ने कटर उपलब्ध करवाई इस बारे में पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है।