नीरव और मेहुल के बाद PNB में एक और बड़ा घोटाला, PNB को 3,800 करोड़ का चूना

विशेष। हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के साथ अरबों रुपये की धोखाधड़ी के बाद अब एक और घोटाला सामने आया है. इस संबंध में शनिवार को पंजाब नेशनल बैंक ने कहा कि उन्‍हें भूषण पावर एंड स्‍टील लिमिटेड (बीपीएसएल) द्वारा की गई 3,800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है.

फर्जी दस्तावेज पर एक साजिश के तहत पंजाब नेशनल बैंक से 1 अरब, 36 करोड़, 09 लाख रुपये का चूना लगाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने भी प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मनी लाउंड्रिंग एक्ट में ईडी इस मामले की जांच करेगी। इसी मामले में सीबीआइ की रांची स्थित आर्थिक अपराध शाखा ने गत वर्ष 24 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। अब सीबीआइ के साथ-साथ ईडी भी पूरे मामले का अनुसंधान करेगी।

  • नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के अलावा भी कई लोग चुना लगाने में कामियाब!

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने स्वीकार किया है कि पूरे भारत में कुल 1,142 बड़े और छोटे डिफॉल्टर्स ने उसे लगभग 25,090.3 करोड़ रुपये का चूना लगाया है. बैंक ने इसमें से 23,879.8 करोड़ रुपये की वसूली के लिए इन 1,142 में से 1,108 डिफॉल्टरों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.

ईडी ने यह प्राथमिकी मेसर्स कारपोरेट इस्पात एलाय लिमिटेड व इससे जुड़े नौ आरोपितों के विरुद्ध दर्ज की गई है। इसकी शिकायत पंजाब नेशनल बैंक के 44 पार्क स्ट्रीट कोलकाता स्थित कारपोरेट शाखा के डीजीएम सुमेश कुमार ने की थी। शिकायत है कि आरोपितों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक साजिश के तहत कोलकाता स्थित पीएनबी की उक्त शाखा में ऋण के लिए पहुंचे। बताया कि उन्हें लातेहार के चितरपुर कोल ब्लॉक विकास, कोल प्रोसेसिंग व वाशरी प्लांट लगाना है।

इसी मांग के लिए पीएनबी दिल्ली में भी पहुंचे। वहां से 08 जून 2018 को 75 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा स्वीकृत करा ली। यह क्रेडिट सुविधा आरोपितों को 03 अरब 29 करोड़ रुपये के स्वीकृत लिमिट के आधार पर दी गई। इसके बाद आरोपित मनोज कुमार जायसवाल व अन्य निदेशकों व कंपनी के गारंटर ने मिलकर कंपनी के मद में संबंधित ऋण दस्तावेज बैंक को दिया। उक्त राशि से आरोपितों ने लातेहार जिले के 1320 एकड़ जमीन व कंपनी के नाम पर चल संपत्ति भी बनाई।