सरकारी काम-काज की जानकारियों को पिछले 10 वर्षों में वेबसाइट पर नहीं डाल पाई संध प्रदेश प्रशासन।

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भारत सरकार के नियमानुसार देश के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपनी संपत्ति का ब्योरा अपने Immovable Property Return में देना होता है, तथा भारत सरकार तथा राज्य सरकारों की वेबसाइट्स पर देश के बड़े बड़े आई-ए-एस अधिकारियों के Immovable Property Return उन तमाम वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

इसके आलावे आर-टी-आई एक्ट 2005 के अनुसार भी कई जानकारियों का सार्वजनिक होना बताया गया है, तथा सूचना अधिकारी 2005 के खंड-4 अधिनियम अनुसार, सरकारी विभागों व विभागीय अधिकारियों की कई जानकारियाँ वेबसाइट पर होनी चाहिए, जबकि संध प्रदेश दमन-दीव व दादरा नगर हवेली प्रशासन द्वारा अब तक इस नियम का पालन नहीं किया गया है।

सरकारी काम-काज व अधिकारियों से संबंधित जानकारियों को कंप्यूटर के जरिए एकत्रीकरण कर पब्लिक डोमिन पर उपलब्ध करने का निर्णय सरकार द्वारा सूचना के अधिकार 2005 के तहत लिया गया था, तथा इस निर्णय का पालन पिछले 10 वर्षों से दोनों संध प्रदेश अब तक नहीं कर पाए है।

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जब देश के I.A.S अधिकारीयों के Immovable Property Return वेबसाइट पर उपलब्ध है, तो दमन-दीव के अधिकारियों के Immovable Property Return दमन की वेबसाइट पर उपलब्ध क्यों नहीं?
जब देश के अधिकारी अपनी संपत्ति की जानकारी में देकर वेबसाइट पर उपलब्ध कराते है तो दमन-दीव के अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी व  दमन की वेबसाइट पर उपलब्ध क्यों नहीं है?

सरकारी काम-काज व विभागीय अधिकारियों की कई जानकारियां ऐसी है जिन्हे संध प्रदेश प्रशासन आम जनता से छुपा कर रख रही है, जिसके कारण प्रशासन के पास जनता व जागरूक नागरिकों को आर-टी-आर का सहारा लेकर जानकारी हंसिल करनी पड़ती है, जबकि आर-टी-आई एक्ट के अनुसार अधिकतर जानकारी पब्लिक डोमिन पर उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे की जनता को आर-टी-आई के तहत आवेदन देने की जरूरत ना हो।

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संध प्रदेश दमन-दीव व दानह के कई अधिकारी Immovable Property Return को अपनी निजी संपत्ति समझते है तथा सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करने पर भी इसे उपलब्ध नहीं करवाया जाता, इस मामले में Immovable Property Return उपलब्ध ना करवाकर सरकारी अधिकारी अपनी संपत्ति का ब्योरा आम जनता से छुपते देखे गए, जबकि यह सरासर जनता व सरकार के साथ अन्याय है और सूचना के अधिकार अधिनियम का अनादर।

संध प्रदेश दमन-दीव में ऐसे कई भ्रष्ट अधिकारी है जो सरकारी काम-काज की जानकारियाँ सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करने पर भी उपलब्ध नहीं करवाते जबकि वह तमाम जानकारियां तो सूचना के अधिकार के तहत पब्लिक डोमिन पर (सरकारी वेबसाइट पर) उपलब्ध होनी चाहिए।