जोयो प्लास्टिक्स के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर, सच बोलने का इनाम या शिकायत करने की सजा: केतन पटेल।

जोयो प्लास्टिक्स के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर, सच बोलने का इनाम या शिकायत करने की सजा: केतन पटेल। | Kranti Bhaskar
rewarding truth or punishment for speaking ketan patel daman

संघ प्रदेश दमण के कचीगाम में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मिलने पर प्रशासक प्रफुल पटेल के निर्देश पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उक्त जगह को खाली किया. इस दौरान समाहर्ता संदीप कुमार,  उपसमाहर्ता चार्मी पारेख के साथ बीडीओ धर्मेश दमणिया, मामलतदार सागर ठक्कर, पुलिस थाना प्रभारी सोहिल जीवाणी सहित पुलिस-प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

इस संबंध में दमण प्रशासन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कचीगाम में सर्वेक्षण संख्या 363 में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर तलाटी, क्षेत्र सर्वेक्षक एवं तहसीलदार/जांच अधिकारी को शामिल करते हुए एक टीम ने इसका निरीक्षण किया तथा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. जिसमें सरकारी जमीन सर्वेक्षण संख्या 363/2 पर प्लास्टिक फैक्ट्री मेसर्स जोयो प्लास्टिक्स द्वारा 6440 वर्ग मीटर का अतिक्रमण पाया गया। उन्होंने अतिक्रमण किये हुए जमीन पर बांस के साथ प्लास्टिक की छत लगायी थी और इसे किचिनवेयर, बाथरूम संबंधी सामग्री आदि सामग्रियों के भण्डारण/पैकिंग के उद्देश्य से प्रयोग में लाया था।

ज्ञात हो की इसी जियो पलास्टिक कंपनी के संबंध में अभी दो दिन पहले ही दमन-दीव कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल ने एक प्रेस कोंफ्रेस कर, यह बताया की कच्चीगांव की जियो प्लास्टिक कंपनी की सरकारी जमीन का किराया दमन-दीव सांसद लालू पटेल के नजदीकी देसाई बंधु वसूल रहे है।

इस मामले में प्रशासन उन वसूलिकर्ताओं पर संज्ञान ले, उससे पहले ही उक्त कंपनी पर प्रशासन की पूरी टिम बुलडोजर की पेट्रोल टंकी फूल कर के पहुंच गई।

Ketan-patel-Daman Ketan-patel-Daman

अब इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल का कहना है की जियो प्लास्टिक को वसूलिकर्ताओं के बारे में सच बोलने तथा शिकायत करने का यह ऐसा अवार्ड मिला है जिसे आने वाले समय में यह कंपनी याद रखेगी। इसी के साथ केतन पटेल ने यह भी कहां की प्रशासन यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण से अधिक उन वसूलिकर्ताओं को जेल में डालने का काम करे तो जनता के लिए अधिक बेहतर होगा।

वैसे इस अतिक्रमण मामले में मिली जानकारी के अनुसार यह बताया जाता है कि, इस संबंध में उप-प्रभागीय मजिस्ट्रेट/उप-समाहर्ता द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए गत 28 अगस्त 2017 को जोयो प्लास्टिक्स को नोटिस जारी किया गया था। परन्तु निर्धारित समयावधि के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया था. इसके बाद 16 सितम्बर को उप-प्रभागीय मजिस्ट्रेट/उप-समाहर्ता द्वारा अंतिम आदेश पारित किया गया था जहां अप्राधिकृत निर्माण/अतिक्रमण को हटाने के लिए गठित समिति को अतिक्रमण हटाने के लिए तत्काल कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिया गया था.

  • संदीप कुमार जी, दमन की देवका रोड पर स्थित होटलो को दिए गए नोटिस पर कार्यवाही का क्या हुआ?
  • दमन की अवैध इमारतों से लाइट-पानी काटने के आदेश का क्या हुआ?
  • क्या आप को भी गुड खाने की आदत लग गई?

इसके बाद 19 सितम्बर मंगलवार को उप-प्रभागीय मजिस्ट्रेट/उप-समाहर्ता की अगुवाई में एक टीम, जिसमें तहसीलदार कार्यालय, पुलिस, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग, मूल्यवर्धित कर विभाग शामिल थे, उक्त परिसर में छापा मारा और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की. यह पाया गया कि करीब 250 से 300 कामगार लगभग 6440 वर्ग मीटर क्षेत्र के शेड में काम करते हुए पाये गये. उक्त शेड में सही रोशनी, वेंटिलेशन या सुरक्षा प्रावधान नहीं थे।

उक्त कंपनी के प्रबंधकों को उक्त स्थल पर बुलाया गया और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 447 के तहत सरकारी सम्पति पर आपराधिक प्रवेश हेतु कंपनी के प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. प्रबंधन को सरकारी जमीन पर गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने के लिए जुर्माना/क्षति अधिरोपित की जाएगी. वैट-सह वस्तु एवं सेवा कर विभाग इसका मूल्यांकन और मेसर्स जोयो प्लास्टिक के अपंजीकृत परिसर पर स्टॉक की गिनती की है और अब तक करीब 4 करोड़ मूल्य के स्टॉक का मूल्यांकन किया गया है. यदि मूल्यांकन के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है तो इसे उक्त नियम के सांगत प्रावधानों के तहत उक्त कंपनी से वसूला जाएगा.

विज्ञप्ति में बताया गया है कि संघ प्रदेश दमण एवं दीव में सरकारी जमीन का दुरूपयोग करने, अतिक्रमण करने और उस पर गैर-कानूनी/अप्राधिकृत निर्माण करने वाले फैक्ट्रियों को गंभीरता से लिया है, ऐसे निर्माण को हटाने/ध्वस्त करने में संघ प्रदेश प्रशासन कोई कसर बाकी नहीं रखेगा. कचीगाम में अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ संघ प्रदेश प्रशासन द्वारा पलहित सर्वेक्षण संख्या 1/2-सी तथा 1/2-डी एवं मगरवाडा में सर्वेक्षण संख्या 310/1 तथा 310/2 और 309/7 में लघु अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया गया.

दमन में ऐसी कई अन्य कंपनिया है जो सरकारी जमीन पर बनी हुई है तथा उनकी लीज एग्रीमेंट खत्म हो गया है उसमे से एक पीसीएल भी है जो कच्चीगांव में स्थित है, इस पर भी केतन पटेल ने प्रशासन से यह सवाल किया है कि क्यो उन कंपनियों के लीज एग्रीमेंट रिन्यू नहीं किए जा रहे है? प्रशासन यदि एग्रीमेंट रिन्यू नहीं करना चाहती तो या तो उक्त जगह खाली कारवाई जाए या एग्रीमेंट रिन्यू किए जाए ऐसी मांग केतन पटेल ने दमन-दीव प्रशासन से की है।

इसे भी पढिए…

अवैध इमारतों पर कार्यवाही को लेकर समाहर्ता द्वारा जारी आदेश अधर में लटका…

Leave your vote

500 points
Upvote Downvote

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of