एसआई महेंद्र चौधरी को शहीद का दर्जा देने का सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

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परिजनों और समाज ने रखी मांग, पुलिस ने करवाया शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम

जोधपुर। दलित संगठनों की तरफ से सोमवार को भारत बंद के तहत जोधपुर में किए गए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कार्डियक अटैक से जान गंवाने वाले एसआई महेंद्र चौधरी को शहीद का दर्जा देने की मांग तेज हो गई है। चौधरी के परिजनों व समाज सहित अन्य संगठनों के लोगों ने इस संबंध में पुलिस व जिला प्रशासन से मांग रखी है। वहीं चौधरी के शव का बुधवार को महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। उनका शव मंगलवार देर रात तीन बजे जोधपुर पहुंचा था। बुधवार को दोपहर में जिला-पुलिस प्रशासन व समाज के लोगों और परिजनों के साथ सहमति बनने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।

उदयमंदिर थाने के उपनिरीक्षक महेंद्र चौधरी की सोमवार को दोपहर में जोधपुर बंद के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हे कार्डियक अटैक आया था। आसपास खड़े अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और तुरंत नजदीकी पावटा सैटेलाइट अस्पताल ले गए। बताया गया है कि यहां भी उन्हें एक और कार्डियक अटैक आया। इसके बाद उन्हें तुरंत मंडोर रोड स्थित श्रीराम अस्पताल ले जाया गया। यहां पर दिल की धडक़न बंद होने पर उन्हें तीन से चार घंटे सीपीआर दिया गया। इसके अलावा उनके दिल को करीब साठ से ज्यादा इलेक्ट्रिक शॉक यानी झटके भी दिए गए। मंगलवार को उन्हें विशेष एंबुलेंस में अहमदाबाद रैफर किया गया था लेकिन बीच रास्ते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। रात तीन बजे के आसपास उनका शव जोधपुर लाया गया जिसे महात्मा गांधी की मोर्चरी में रखवाया।

बड़ी संख्या में जुटे लोग

पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान बुधवार को सुबह से ही चौधरी के परिजनों व परिचितों के साथ समाज के लोग भी काफी संख्या में मोर्चरी पहुंच गए। इसके साथ ही पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, भैराराम सियोल, पूर्व प्रधान शैलाराम सारण सहित कई जाट नेता यहां पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों के साथ मिलकर चौधरी को शहीद का दर्जां दिए जाने की मांग रखी तब पुलिस के आलाधिकारियों ने सरकारी प्रावधानों का हवाला देते हुए आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही। परिजन व समाज के लोग इस बाबत दोपहर में जिला प्रशासन भी गए। अधिकारियों ने शहीद का प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने का आश्वासन दिया तब पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हो पाई। बता दे कि अखिल भारतीय महासभा ने एक दिन पहले ही अपनी कई मांगे सरकार के समक्ष रख दी थी। अध्यक्ष प्रकाश बेनिवाल ने इसके लिए दो करोड़ का मुआवजा तक मांगा। साथ ही आश्रित को नौकरी के साथ शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।

मामले में जोड़ी जाएगी हत्या की धारा

इधर पुलिस ने हत्या प्रयास के इस प्रकरण में अब हत्या की धारा जोड़े जाने की बात कही है। संभवत: हत्या प्रयास में गिरफ्तार किए गए लोगों पर हत्या का केस चल सकता है। इससे पहले उदयमंदिर थाने में पुलिस ने पंद्रह लोगों के खिलाफ हत्या प्रयास का मामला दर्ज किया था लेकिन एसआई महेंद्र चौधरी के निधन से इसमें हत्या की धारा 302 जोड़ी जा सकती है। पुलिस ने इस बारे में प्रकिया आरंभ की है।

पुलिसकर्मी देंगे तीन दिन का वेतन

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने साथी एसआई महेंद्र चौधरी के परिजन को अपने तीन दिन का वेतन दिए जाने की घोषणा की है। इसके लिए अधिकृत रूप से घोषणा कर दी गई है। बताया गया है कि यह तीन दिन का वेतन अगली तनख्वाह में काट दिया जाएगा और फिर उस राशि का चैक मृतक के आश्रित को सौंपा जाएगा।

पुलिस लाइन में दी श्रद्धांजलि

उप निरीक्षक महेन्द्र चौधरी के शव को पुलिस लाइन में मातमी धुन व पुलिस सम्मान से अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार राठौड़, डीसीपी डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, समीर कुमार सिंह व भुवन भूषण यादव सहित सभी अधिकारियों व जवानों ने उनके शव पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में तिरंगे में लिपटे शव को पाली जिले में सोजत तहसील के नया गांव ले जाया गया।