सिलवासा, सं. इनदिनों चल रहे मॉनसून के दौरान संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के विभिन्न विस्तारों में सड़कों की हालत खराब हो गयी है. जिससे आवाजाही करने में वाहन चालकों एवं लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में डे-टू-डे, ए टोन ऑफ डीएनएच (यूटीस) के एडमीन कौशिल शाह ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि मॉनसून के पहले ही माह में दानह के लगभग सभी अर्बन विस्तार जैसे कि सिलवासा, दादरा, नरोली, मसाट और रखोली में करोड़ों रूपये खर्च कर बनाये गये मुख्य मार्गों और अंदरूनी सभी रास्ते पूरी तरह गंभीर रुप में क्षतिग्रस्त हो गये है. दानह में हालात ऐसे हो गये है कि आम जनता के लिए इस मार्ग पर अपना वाहन चलाना भी बेहद मुश्किल और खतरनाक भी हो गया है. हर दिन जगह जगह भारी-वाहनों के रुक जाने के कारण ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. दानह की आमजनता के लिए अब यह हालात असहनीय हो गये है. दानह प्रशासन की छवि पर भी इस कारण सवाल उठ रहे है?
जवाबदारों पर जुर्माना लगाकर बेहद कठोर कार्यवाही करने की जरूरत : कौशिल शाह
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बारिश के सीजन के कुछ दिनों/सप्ताह पहले ही कई करोड़ों खर्च कर प्रशासन, जिला पंचायत और नगरपालिका द्वारा रोड का निर्माण और नवीनीकरण किया जाता है तो बारिश शुरु होते ही ये रास्ते पूरी तरह टूट-फूट क्यों जाते है? और कहीं-कहीं तो रास्ते गड्ढों में कैसे तब्दील हो जाते है? यहां पर सबसे पहला संदेह भ्रष्टाचार पर जाता है. वैसे ही दानह को भ्रष्टाचार का गढ़ माना जा रहा है. यहां हर एक सरकारी योजनाओं और खर्च के टेंडरों में 15/20 या 30 प्रतिशत कमिशनों के जरिए सैकड़ों करोड़ भ्रष्टाचारियों के जेब में चले जाते है, ऐसा हर जुबान पर है. कांट्रेक्टर फिर यह कमिशन का पैसा निर्माण को निम्न गुणवत्ता में तब्दिल कर वसूल कर लेते है और प्रशासन के संलग्न अधिकारी उन पर कोई भी शिक्षात्मक कार्यवाही या जुर्माना भी ठोक नहीं पाते है. उपर से उन्हीं कांट्रेक्टरों के बचाव में आ जाते है और शायद उसका भी कमिशन वसूल लेते होंगे. जिम्मेदार कांटे्रक्टरों पर भारी जुर्माना लगाकर उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर प्रशासक और समाहर्ता को भ्रष्टाचारियों को कड़ा संदेश देने की बेहद आवश्यकता है.
silvassa pwd, Road Problem DNHकौशिल शाह ने कहा है कि प्रशासक प्रफुल पटेल और दानह के समाहर्ता गौरव सिंह राजावत दोनों ही ईमानदार अधिकारियों की छवि रखते है और भ्रष्टाचार-अनियमितता के खिलाफ सख्त भी रहते है. डे-टु-डे, ए टोन ऑफ डीएनएच उनसे आदरपूर्वक मांग करता है कि इस विषय पर सख्त जांच के साथ सभी जवाबदारों पर बड़े जुर्माना लगाकर बेहद कठोर शिक्षात्मक कार्यवाही कर जनता के सामने प्रशासन की भ्रष्टाचार विरोधी कटिबद्धता को कायम रखना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर जनता के मन में केन्द्र की मोदी सरकार के आधिन पूरे दानह प्रशासन की ईमानदारी के प्रति संदेह कायम रह जायेगा.