सूर्य ग्रहण के दिमागी प्रभाव का अध्ययन करेंगे इलाहाबाद विश्वविद्यालय CBCS के वैज्ञानिक

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के व्यावहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केन्द्र (सीबीसीएस) के वैज्ञानिक एक सामूहिक शोध अध्ययन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। वे सूर्य ग्रहण के मानव मस्तिष्क की क्रियाओं पर पडऩे वाले प्रभाव को समझने का प्रयास करेंगे। यह शोध आगामी 21 जून को सूर्य ग्रहण के दिन, इविवि के सीबीसीएस की राष्ट्रीय न्यूरोइमेजिंग फैसिलिटी में किया जाएगा। यह शोध सीबीसीएस की विभागाध्यक्ष प्रो. भूमिका कर एवं संस्थान में पोस्ट डॉक्टोरल फैलो डॉ. अमरेन्द्र सिंह के द्वारा किया जाएगा।

यह अध्ययन अमरीका के औबर्न विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत डॉ. गोपीकृष्ण देशपांडे के साथ मिलकर किया जा रहा है। प्रो. भूमिका के अनुसार यह शोध कई संस्थानों द्वारा सामूहिक रूप से किया जा रहा है। इसमें अमेरिका का औबर्न विश्वविद्यालय, भारत के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थय और स्नायु विज्ञान संस्थान बंगलुरू, सिम्बायोसिस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय पुणे एवं इविवि से सीबीसीएस भाग ले रहे हैं। इस शोध में फंक्शनल एमआरआई (एफएमआरआई) तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इस तकनीक के द्वारा सूर्यग्रहण के दौरान मानव मस्तिष्क में होने वाली प्रक्रियाओं और उसमें होने वाले बदलावों को समझा जा सकेगा।

गौरतलब है कि सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसने विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया है। वैज्ञानिक मानते हैं कि सूर्यग्रहण के दौरान उत्पन्न होने वाले विकिरण का प्रभाव मौसम से लेकर पृथ्वी की सतह तक एवं मानव मस्तिष्क पर भी पड़ता है। हालांकि सूर्यग्रहण का मानव मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर अब तक कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर अभी तक वैज्ञानिकों के पास नहीं है। इविवि के वैज्ञानिकों द्वारा तीन अन्य संस्थानों के साथ मिलकर किया जा रहा यह शोध इस दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।