जोधपुर में, डंडे के दम पर करवाया बंद, कई स्थानों पर पथराव व आगजनी

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जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 के प्रावधानों में आरोपी को अग्रिम जमानत करवाने और जांच के बाद ही कार्यवाही के आदेश के खिलाफ देशभर में दलित संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। इन आदेशों के खिलाफ पूरे भारत में बंद का आह्वान किया गया था। जोधपुर में बंद का व्यापक असर देखा गया। यहां बंद समर्थकों ने डंडे के दम पर जबरदस्ती दुकानों, वाहनों, बाजारों, स्कूलों को बंद करवाया। बंद समर्थकों ने उग्र रूप धारण करते हुए कई स्थानों पर पथराव व आगजनी की वारदातों को अंजाम दिया। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक पर भी कब्जा जमा लिया। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। दोपहर तक पूरे शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई नजर आई। सबसे ज्यादा परेशानी आमजन को उठानी पड़ी।

पुलिस को छोडऩे पड़े आंसू गैस के गोले, पिटाई से एसआई गंभीर घायल

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ दलित संगठनों ने सोमवार को राष्ट्रव्यापी भारत बंद का आह्वान किया था। जोधपुर में भी इस बंद को सफल बनाने के लिए कई दलित संगठन सोमवार को एकजुट नजर आए। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक कल्याण संस्थान, जय भीम युवा संघ, दलित मजदूर मुक्ति मोर्चा, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एससी-एसटी ऑर्गेनाइजेशन सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से ही रैलियों के रूप में जालोरी गेट पहुंचना शुरू हो गए थे। दस बजे तक यहां हजारों की संख्या में दलित वर्ग से जुड़े लोग एकत्रित हो गए थे। वे सभी लाठियों, लोहे के सरिये, बैसबॉल के डंडों, हॉकी आदि से लैस थे। खुलेआम वे हथियारों को लहराते हुए टोलियों के रूप में बाजारों को बंद करवाने निकल गए। दुकानें बंद करवाने को लेकर कई स्थानों पर झड़पें हुई। पुलिस हर जगह मूकदर्शक बनी रही। पुलिस की बेबसी इस बात से नजर आ रही थी कि वह चाह कर भी कानून व्यवस्था को संभाल नहीं पाई। खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती देखी गई। जालोरी गेट चौराहा पर दलित नेताआें और उत्साही युवाआें की काफी संख्या में भीड़ रही। दोपहर होते-होते आंदोलन हिंसक होता गया। पावटा क्षेत्र में जबरन दुकानोंं को बंद करवाने के समय पथराव हुआ जिससे काफी लोग जख्मी भी हो गए। पुलिस को भीड़ खदेडऩे के लिए आंसू गैस भी छोडऩी पड़ी।

Tear gas shells left by Jodhpur police

बंद समर्थकों ने कई बार हिंसक वारदातों को अंजाम दिया। हाईकोर्ट रोड पर सूचना केंद्र के सामने फुट आेवरब्रिज के पास इन दिनों निर्माण कार्य के दौरान रेलवे की दीवार टूटी हुई है। बंद समर्थकों ने यहां से रेलवे लाइन पार की और वहां से जा रही एक जैसलमेर पैसेंजर रेल रोक दी। वे रेल के इंजन पर चढ़ गए। उन्होंने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा लिया। यहां से राइका बाग रेलवे स्टेशन भी पहुंच गए और वहां हंगामा करने लग गए। यहां भी मालगाड़ी को रोक दिया। पुलिस ने वहां प्रवेश कर इन समर्थकों पर सख्ती दिखाई तो वे और अधिक हिंसक हो गए। उन्होंने सडक़ पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

Tear gas shells left by Jodhpur police (1)

कई स्थानों पर की तोडफ़ोड़

बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर तोडफ़ोड़ की। उन्होंने रातनाडा पांच बत्ती क्षेत्र में प्याज से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को उलट दिया गया। कुछ उत्साही युवाआें ने जालोरी गेट चौराहा पर दूध विक्रे ता को नुकसान पहुंचाया और दूध को सडक़ पर बिखेर दिया। इससे वहां पर माहौल गर्मा गया। पुलिस ने बाद में बंद समर्थकों उक्त स्थान से हटाया। जेएनवीयू आेल्ड कैंपस के सामने ज्यूस की दुकान पर भी झड़प हुई। दुकानदार को बंद के लिए कहा गया और कहासुनी से बात बिगडऩे पर समर्थकों ने सामान बिखेर दिया। वहीं बनाड़ में भी पथराव किए जाने की सूचना मिली है। बनाड़ क्षेत्र के दो दुकानदारों के साथ मारपीट से उन्हें चोट आई है। उनके सिर में टांके हैं, वहीं दो गंभीर रूप से घायल है। यहां दुकानों पर पत्थरबाजी भी हो रही है। बंद समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर भी कई जगहों पर फाड़ डाले। नई सडक़, सोजती गेट व अन्य स्थानों पर लगे प्रधानमंत्री के पोस्टर फाड़ दिए गए। बंद समर्थक खुलेआम आज हाथों में सरिया, डंडे आदि लेकर चलते रहे। खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती दिखने के साथ ही कानून भी बेबस नजर आया। हालांकि नई सडक़ पर व्यवस्था संभाल रहे उदयमंदिर थानाधिकारी राजेश यादव ने बंद समर्थकों के हाथों से डंडे ले लिए।

एस-आई को आया हार्ट अटैक

Trash of many places in Jodhpur (1)

पावटा में उपद्रव के दौरान उत्पातियों को रोक रहे उदयमंदिर थाने के सब इंस्पेक्टर महेंद्र चौधरी के सिर पर पत्थर लग गया। सिर से खून बहने के साथ ही वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी उन्हें हार्ट अटैक भी आ गया। उनका श्रीराम अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं पथराव की वजह से पुलिस कांस्टेबल दूदाराम को मथुरादास माथुर अस्पताल और लाइन में लगे कांस्टेबल गजे सिंह को महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया है। जयपुर की तरह जोधपुर में भी हाईकोर्ट में घुस कर उपद्रव की कोशिश की गई। कुछ उत्पातियों ने जब हाईकोर्ट के मुख्य द्वार से अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से खदेड़ा। फिर हाईकोर्ट का मुख्य द्वार बंद कर वहां पुलिस बल तैनात करा दिया गया।

महिलाएं भी हुई शामिल

जोधपुर में, डंडे के दम पर करवाया बंद, कई स्थानों पर पथराव व आगजनी - जोधपुर

बंद में समर्थन के लिए महिलाएं भी सडक़ पर उतर आई। नई सडक़, जालोरी गेट पर काफी संख्या में समर्थक महिलाएं देखी गई। सुबह से ही महिलाएं जालोरी गेट पर एकत्रित हुई और टोलियां बनाकर बाजारों में निकल गई। वे भी डंडे और लाठियां लेकर चल रही थी। उन्होंने भी कई स्थानों पर बाजार बंद करवाए। बंद के दौरान सिटीबसों और टैक्सियों का आवागमन भी काफी हद तक बाधित रहा और रोड़वेज, प्राइवेट बसों और रेलों से जोधपुर पहुंचने वाले यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी पैदल चलना पड़ा। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के बाहर कई घंटों तक इन यात्रियों को वाहनों का इंतजार करना पड़ा। ऑटो चालकों ने भी इनसे मनमाना किराया वसूला।

कई वाहनों के कांच फोड़े

Tear gas shells left by Jodhpur police (3)

पावटा चौराहा के पास हुए पथराव में एक दमकल वाहन व बस के कांच फोड़ दिए गए। वहीं यहां से गुजर रही कई गाडिय़ों पर बंद समर्थकों ने लाठियां बरसाई। ये ही हाल सोजती गेट, एमजीएच के सामने भी रहे। रातानाडा में भी वाहन चालकों से दुव्र्यवहार किया गया। हालात एेसे थे कि पथराव के दौरान पुलिस को भी अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

फलोदी में धारा 144 लागू
बंद समर्थकों ने फलोदी में काफी उत्पात मचाया। पुलिस पर पथराव किया। इसमें हेड कांस्टेबल राधाकिशन चोटिल हो गए। फलोदी के अम्बेडकर सर्किल पर टायर जलाए गए। थाने के बाहर पथराव किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद फलोदी में धारा 144 लागू कर दी गई है। फलोदी के अलावा ओसियां, लोहावट व जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंदोलन के नाम पर गुंडागर्दी हुई। फलोदी में हालात बेकाबू होने के बाद और पुलिस जाप्ता बुलाया गया, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं आई। इसके बाद फलोदी में कमांडो टीम व अतिरिक्त पुलिस जाप्ते को बुलाया गया। राधाकिशन को जोधपुर रैफर किया गया है।

जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट बंद
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट को छोडक़र संभाग में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। कार्यवाहक संभागीय आयुक्त व जिला कलेक्टर डॉ. रवि सुरपुर ने जोधपुर कमिश्नरेट को छोडक़र शेष पूरे संभाग में 2जी, 3जी व 4जी इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। अग्रिम आदेश तक संभाग में इंटरनेट बंद रहेगा।

ओसियां में जुलूस के दौरान तोडफ़ोड़
जिले के ओसियां कस्बे में भारत बन्द के दौरान एससी एसटी के लोगो की रैली में कुछ लोगों द्वारा दुकानों में तोडफोड़ की गई जिसको लेकर व्यापार मंडल ने रैली को रास्ते में रुकवा द्विया। व्यपारियों द्वारा तोडफ़ोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करने की मांग की और तोडफ़ोड़ हुई उन व्यापारियों को मुआवजा देने की मांग कर रही है।

जानकारी के मुताबिक कस्बे के सदर बाजार रोड पर अंबेडकर चौक से रैली निकलने के बाद सदर सदर बाजार पहुंची तो कुछ लोगों ने दुकानों में तोडफ़ोड़ कर डाली वही व्यापारियों को दलितों के लोग आमने-सामने हो गए और व्यापारियों द्वारा दलितों की रैली को 2 घंटे तक रोके रखी। यही नहीं पुलिस द्वारा पूरी व्यवस्था होने को लेकर भी व्यापारियों में रोष जाहिर किया। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा कारवाई की जाए व तोडफ़ोड़ करने वालों की गिरफ्तारी की जाए वही मामले को शांत करने के लिए सरपंच श्यामलाल ओझा, विक्रम सेवक, नायब तहसीलदार दीपक सांखला मौजूद रहे।

बाड़मेर में पथराव, दो दर्जन चोटिल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

जोधपुर। दलित संगठनों के सोमवार को भारत बंद के आह्वान के दौरान बाजार बंद कराने को लेकर संभाग के बाड़मेर में दलित समाज और करणी सेना के लोग आपस में उलझ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव होने के बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़ते हुए लाठीचार्ज कर दोनों पक्षों को खदेड़ दिया। पथराव में करीब दो दर्जन लोग चोटिल हो गए। पथराव के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए है।
दलित संगठनों के आज भारत बंद के आह्वान के समर्थन में कई लोग सोमवार सुबह बाड़मेर में बाजार बंद कराने पहुंच गए। बाजार बंद कराने के दौरान एक स्थान पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बंद का विरोध किया। इसको लेकर बंद समर्थकों व विरोधियों के बीच तकरार बढ़ गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। जोरदार पथराव के कारण एक बार माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के कारण कई लोगों के चोट आई। बारह लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे है जबकि कई लोग इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचे है।

बड़ी संख्या में तैनात पुलिस ने लाठीचार्ज कर पत्थर फैंक रहे लोगों को खदेड़ दिया। लेकिन दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने हो गए। इसके बाद पुलिस ने अश्रु गैस छोड़ते हुए लोगों को वहां से खदेड़ा। एक बार तो सभी वहां से भाग निकले। लेकिन थोड़ी देर बाद दोनों पक्ष एक बार फिर आ डटे। अब दोनों पक्षों के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।