छात्र आंदोलन : फीस बढ़ोतरी पर छात्रों का आंदोलन, कैंपस में लगे QR स्कैन कोड के पोस्टर

इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में चार गुना फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. छात्रों के आंदोलन को दो महीने पूरे हो चुके हैं. आंदोलनकारी छात्रों ने आज यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव और रजिस्ट्रार एनके शुक्ला के पोस्टर कैंपस में जगह-जगह चस्पा किए हैं.

इन पोस्टर्स में वीसी व रजिस्ट्रार की फोटोज़ के साथ ही क्यूआर कोड स्कैन करने के सिम्बल की भी तस्वीरें लगाई गई हैं. पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर यूनिवर्सिटी प्रशासन अड़ियल रवैया अपनाए हुआ है और अब वह इन क्यू आर कोड के जरिए ही छात्रों को कैंपस में इंट्री देने की तैयारी में है.

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छात्र जो फीस बढ़ोतरी का विरोध करेंगे, उन्हें इन स्कैनर के जरिए इंट्री नहीं दी जाएगी. छात्रों ने अपने इन विवादित पोस्टरों के जरिए यूनिवर्सिटी प्रशासन पर तंज कसने की कोशिश की है. छात्रों का कहना है कि वह अपने आंदोलन को लगातार जारी रखेंगे और कतई पीछे नहीं हटेंगे. इसके अलावा यूनिवर्सिटी में भर्तियों में भ्रष्टाचार को लेकर भी पोस्टर के जरिए छात्र विरोध कर रहे हैं.

पीआरओ का है यह कहना
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डा. जया कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है. ये प्रकरण स्पष्टतः इसी प्रक्रिया को बधित करने और प्रक्रिया से जुड़े लोगों को बदनाम करने का प्रयास है. इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन उचित कार्यवाही कर रहा है. विश्वविद्यालय को अकादमिक एवं संरचनात्मक रूप से सुदृढ़ करने के कुलपति के प्रयास में निहित स्वार्थ में लिप्त तत्व लगातार व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं जो निंदनीय है. नियुक्तियों की प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश करने के प्रयास पहले भी किये गए हैं जबकि यह प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं नियमानुसार संपन्न करवाई जा रही है.