Surya Grahan: सूर्यग्रहण और सूतककाल में भूलकर भी न करें ये सारे काम, वरना हो सकता है अहित

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Surya Grahan: सूर्यग्रहण और सूतककाल में भूलकर भी न करें ये सारे काम, वरना हो सकता है अहित - राष्ट्रीय

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद: इस साल का पहला सूर्यग्रहण 21 जून को लगने वाला है। धार्मिक दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे धार्मिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है, क्‍योंकि यह चंद्र ग्रहण के मात्र 16 दिन बाद लग रहा है। आगामी 5 जुलाई को एक बार फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा। इसके बाद मौजूदा वर्ष के अंत में एक और सूर्य ग्रहण होगा।

ग्रहण के दौरान सूर्य वलयाकार की स्थिति में केवल 30 सेकंड की अवधि तक ही रहेगा। इसके चलते सौर वैज्ञानिक इसे दुर्लभ बता रहे हैं। ग्रहण के दौरान सूर्य किसी छल्ले की भांति नजर आएगा। इस बार के सूर्यग्रहण में जो स्थिति बनने जा रही है, उसी ने इसे दुर्लभ ग्रहणों में शामिल किया है। सूर्य व चंद्रमा के बीच की दूरी ही इसकी खास वजह है।

सूरज के लॉकडाउन में चले जाने के कारण दुनियाभर के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है। इस दौरान सूरज के सतह पर सौर विकिरण में आश्चर्यजनक रूप से कमी आई है। वैज्ञानिकों ने इसे सोलर मिनिमम नाम दिया है। इसके प्रभाव से धरती पर भूकंप, ठंड और सूखे की आशंका बढ़ गई है।

भारतीय समय के अनुसार यह सूर्यग्रहण सुबह 9:16 से शुरू होकर दोपहर 01:49 बजे तक रहेगा। इसके लिए सूतक काल कल यानी 20 जून की रात 21:52 बजे से शुरू हो जाएगा। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा।

सूर्य ग्रहण का समय

ग्रहण प्रारम्भ काल- 9:15

परमग्रास- 12:10

ग्रहण समाप्ति काल- 15:05

खण्डग्रास की अवधि- 03 घण्टे 28 मिनट्स 36 सेकण्ड्स

सूर्य ग्रहण का सूतक काल

सूतक प्रारम्भ- 21:52, जून 20

सूतक समाप्त- 15:05

मान्यता के मुताबिक सूतक काल और सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ कामों की मनाही तो इस दौरान किए गए कुछ कामों को फलदायक माना गया है।

सूतक काल के दौरान क्या न करें…

  • सूतक काल में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। ग्रंथों के अनुसार सूतक काल में पूजा पाठ और देवी देवताओं की मूर्तियों को भी छूने की मनाही है। इस दौरान कोई शुभ काम शुरू करना अच्छा नहीं माना जाता।
  • सूर्य ग्रहण के अशुभ असर से बचने के लिए प्रभावित राशि वाले लोगों को ग्रहण काल के दौरान महामृत्युंजय मंत्र के जप करना चाहिए या सुन भी सकते हैं। इसके अलावा जरुरतमंद लोगों को अनाज दान करें। ग्रहण से पहले तोड़कर रखा हुआ तुलसी पत्र ग्रहण काल के दौरान खाने से अशुभ असर नहीं होता।

सूर्य ग्रहण के दौरान भूल कर भी न करें ये काम…

  • सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि सूर्य ग्रहण का बुरा प्रभाव आंखों पर पड़ता है। इसे नग्न आंखों से देखने से बचना चाहिए। नग्न आंखों से ग्रहण देखने पर आंखों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए दूरबीन, टेलीस्कोप, ऑप्टिकल कैमरा व्यूफाइंडर से सूर्य ग्रहण को देखना सुरक्षित है।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्‍त एहतियात बरतनी होती है। बालक, बुजुर्ग और मरीजों को छोड़कर दूसरे लोगों को भोजन का त्‍याग करना चाहिए। खासकर, गर्भवती महिलाओं को घर में रहने और संतान गोपाल मंत्र का जाप करने के लिए कहा जाता है।
  • ग्रहण के समय गर्भवती स्त्री को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि ऐसे समय में सूर्य से हानिकारक तरंगे निकलती हैं जो कि मां और बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। तेल मालिश नहीं करना चाहिए। सूतक काल में खासकर गर्भवती महिलाएं सावधानी जरूर रखें। ग्रहण काल के दौरान आपको कुछ खाना नहीं है और चाकू, छूरी का प्रयोग नहीं करना है। इस दौरान सब्जी फल आदि नहीं काटना है।
  • ग्रहण के दौरान लोगों को पानी पीने से भी बचना चाहिए। ग्रहण खत्म होने तक भोजन नहीं पकाया जाता है।
  • ग्रहण काल में किसी भी नए कार्य का शुभारंभ न करें।
  • ग्रहण काल की अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल में पाठ पूजा की जाती है, देवी देवताओं की मूर्तिया छूना नहीं चाहिए।
  • सूतक के दौरान भोजन बनाना और भोजन करना वर्जित माना जाता है। भारी अनाज और सीरियल्स जैसे आटा, मैटा, काली दाल इन चीजों को पचाना पेट के लिए मुश्किल होता है और चूंकि ग्रहण के दौरान बदलाव हो रहा होता है ऐसे में हमारे शरीर के लिए इन चीजों को डाइजेस्ट करना और भी ज्यादा मुश्किल और तकलीफदेह हो सकता है। लिहाजा ग्रहण के दौरान ग्रेन्स और सीरियल्स का सेवन न करें।
    कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ जो हमारे शरीर के तापमान को बढ़ा देता है और जिसे पचाना शरीर के लिए मुश्किल होता है उनका सेवन ग्रहण के दौरान नहीं करना चाहिए वरना डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें और बीमारियां हो सकती हैं। लिहाजा डीप फ्राइड और ऑइली फूड से परहेज करें।
  • नॉन वेज न खाएं – पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नॉन वेजिटेरियन फूड शरीर के तापमान को बढ़ा देता है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और शरीर के लिए इन्हें डाइजेस्ट करना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा जो लोग पहले से बीमार हैं उन्हें तो अंडा और मीट से ग्रहण के दौरान दूर ही रहना चाहिए।
  • खुला रखा हुआ पानी न पिएं-  वैसे तो ग्रहण के दौरान पानी पीने की भी मनाही रहती है। लेकिन अगर प्यास बर्दाश्त न हो रही तो पानी पी सकते हैं लेकिन वैसा पानी न पिएं जो काफी देर पहले से बिना ढके हुए खुला रखा हो। ग्रहण के दौरान होने वाले कॉस्मिक चेंज की वजह से पानी में भी रिऐक्शन हो सकता है। इसलिए अगर पीना ही हो तो ढंका हुआ पानी पिएं।
  • देवी-देवताओं की प्रतिमा और तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान फूल, पत्ते, लकड़ी आदि नहीं तोड़ने चाहिए।
  • इस दिन न बाल धोने चाहिए ना ही वस्त्र।
  • ग्रहण के समय सोना, शौच, खाना, पीना, किसी भी तरह के वस्तु की खरीदारी से बचना चाहिए।
  • सूर्यग्रहण में बाल अथवा दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए, ना ही बालों अथवा हाथों में मेहंदी लगवानी चाहिए।
  • सर्यग्रहण के दरम्यान उधार लेन-देन से बचना चाहिए. उधार लेने से दरिद्रता आती है और उधार देने से लक्ष्मी नाराज होती हैं।