निलंबित डीएसओ निर्मला मीणा नहीं मिली

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जोधपुर। जिला रसद विभाग से करीब आठ करोड़ रुपए का पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त आवंटन कर गबन करने के मामले में निलम्बित आईएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा की राजस्थान हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसकी सरगर्मी से तलाश चल रही है। एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए प्रयास में तेजी ला दी है। आज भी उसके ठिकाने पर दबिश दी गई, मगर वह हाथ नहीं आई। मंगलवार को हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका पर गत शुक्रवार को सुनवाई पूरी करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा गया था। मंगलवार को इस मामले में जस्टिस विजय विश्नोई ने फैसला सुनाते हुए निलंबित आईएस निर्मला मीणा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इधर गुरूवार को सुबह भी एसीबी टीम ने उनके संबंधित ठिकानों पर रेड दी, मगर वह नहीं मिली। उनके सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किए जाने के बाद भी वे नहीं आ रही।सनद रहे कि मंगलवार को हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिकाकर्ता निर्मला मीणा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने रेजॉइंडर पेश करते हुए कहा कि सभी डाक्यूमेंट्स रिकॉर्ड पर है तथा एसीबी एक महिला अधिकारी को कस्टडी में लेकर क्या कहलाना चाहती है। वही इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार व एसीबी एसपी अजयपाल लाम्बा ने अग्रिम जमानत देने का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने निलंबित आईएएस निर्मला मीना की अग्रिम जमानत मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में जस्टिस विजय विश्नोई ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए निलंबित आईएएस की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।