कुर्सी महज़ दो है और नज़रे सात गढ़ाए बैठे है!

Daman and Diu and DNH
Daman and Diu and DNH

दिनांक : 24-03-2019

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में ही दमण-दीव व दादरा नगर हवेली, इन दोनों संध प्रदेशों के लोक सभा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। संध प्रदेश दमण-दीव से वर्तमान सांसद लालू पटेल और दादरा नगर हवेली से वर्तमान सांसद नटु पटेल को भाजपा का टिकट मिल गया है। दोनों वर्तमान सांसद 2009 और 2014 लोक सभा चुनाव जीत चुके है और 2019 की लोक सभा की तैयारी में लग गए है। भाजपा द्वारा दोनों संध प्रदेशों के उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के बाद दोनों प्रदेशों के वर्तमान सांसदो को टिकट मिलने पर बधाईयां मिलनी शुरू हो गई है।

दोनों संध प्रदेशों में कांग्रेस की टिकट किसको? केतन के अलावे कांग्रेस में टिकट का दावेदार कोन?

लेकिन दोनों संध प्रदेशों में कांग्रेस की टिकट किसको मिलेगी? दमण-दीव तथा दादरा नगर हवेली लोकसभा चुनाव में कांग्रेस किसे मैदान में उतारेगी? यह देखना अभी बाकी है। कांग्रेस ने टिकट को लेकर अब तक दमण-दीव व दादरा नगर हवेली लोकसभा उम्मीदवारी पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दमण-दीव कांग्रेस की बात करें तो, वर्तमान में दमण-दीव कांग्रेस के अध्यक्ष केतन पटेल है और 2014 में लोकसभा चुनाव हार चुके है। ऐसे में अब यह सवाल भी लाज़मी है कि क्या 2014 लोकसभा चुनाव हारने के बाद, कांग्रेस पुनः 2019 लोक सभा के लिए केतन पटेल को टिकट देगी? इस सवाल का जवाब तो समय आने पर ही मिल पाएगा। वैसे कांग्रेस के पास दमण-दीव में केतन पटेल के अलावे कोई और ऐसा चेहरा भी दिखाई नहीं दे रहा है जिस पर कांग्रेस 2019 लोकसभा में दाव लगाए! ऐसे में यही माना जा रहा है की इस बार लोक सभा चुनाव में कांग्रेस पुनः केतन पटेल पर ही दाव लगाएगी!

दानह में कांग्रेस किस पर लगाएगी दाव?

वही दादरा नगर हवेली में भी अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है की कांग्रेस किसे टिकट देगी? दादरा नगर हवेली कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन डेलकर है और मोहन डेलकर पिछले दो लोक सभा चुनाव हार चुके है। लोकसभा 2009 और लोकसभा 2014 में कांग्रेस ने मोहन डेलकर पर भरोसा दिखाया और कांग्रेस का टिकट दिया, लेकिन मोहन डेलकर को दोनों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस की टिकट से 2009 और 2014 लोकसभा हारने के बाद, पिछले लम्बे समय से मोहन डेलकर को कांग्रेस से दूरी बनाते हुए देखा गया, वही दूसरी तरफ दादरा नगर हवेली के नेता प्रभूभाई टोकिया को चुनावी मौसम में कांग्रेस के करीब जाते देखा गया। मोहन डेलकर की कांग्रेस से दूरी और प्रभु टोकिया की कांग्रेस से नज़दीकी देखकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है की कांग्रेस इस बार मोहन डेलकर की जगह प्रभु टोकिया को टिकट दे सकती है! लेकिन यह तब मुमकिन होता दिखाई देगा, जब सवय मोहन डेलकर कांग्रेस से चुनाव ना लड़े, क्यो की मोहन डेलकर कांग्रेस अध्यक्ष है ऐसे में कांग्रेस की पहली पसंद मोहन डेलकर ना हो यह बात भी हज़म नहीं होती। मोहन डेलकर कांग्रेस से चुनाव ना लड़े, तो हो सकता है कि कांग्रेस प्रभूभाई टोकिया को चुनावी मैदान में उतारे! लेकिन मजेदार बात यह है की प्रभू टोकिया के अलावे अंकिता पटेल की नज़रे भी कांग्रेस की टिकट पर बताई जाती है।

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नटु पटेल को टिकट मिलने के बाद अब किस और जाएगी अंकिता?

नटु पटेल को भाजपा का टिकट मिलने से पहले भाजपा नेत्री अंकिता पटेल के समर्थकों द्वारा अंकिता पटेल की दावेदारी पेश की गई थी। लेकिन भाजपा ने वर्तमान सांसद पर भरोसा दिखाते हुए वर्तमान सांसद नटु पटेल को ही टिकट दिया। अब नटु पटेल को टिकट मिलने के बाद यदि अंकिता पटेल चुनाव मैदान में उतरती है तो हो सकता है कि अंकिता पटेल कांग्रेस की टिकट मांगे, हो सकता है अंकिता पटेल को टिकट मिल भी जाए! और यह भी हो सकता है की कांग्रेस मोहन डेलकर को ही टिकट दे! राजनीति में हो सकता है शब्द अपने आप में काफी वजूद रखता है और राजनीति में कई नामुमकिन दिखने वाले समीकरणों को मुमकिन में तब्दील होते भी जनता ने देखा है।

राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओ के अनुसार अगर सीधी भाषा में कहे तो कांग्रेस की टिकट के लिए अब कांग्रेस के पास तीन उम्मीदवार दिखाई दे रहे है जिसमे जनता पहले स्थान पर मोहन डेलकर को देख रही है क्यो की मोहन डेलकर वर्तमान में दानह कांग्रेस के अध्यक्ष बताए जाते है। दूसरे स्थान पर प्रभूभाई टोकिया को और तीसरे स्थान पर अंकिता पटेल को देखा जा रहा है। अंकिता पटेल को तीसरे स्थान पर इस लिए भी देखा जा रहा है क्यो की अंकिता पटेल भाजपा नेता है लेकिन जनकारो का मानना है की अंकिता पटेल ने चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है इस लिए भाजपा का टिकट ना मिलने पर अब वह कांग्रेस अथवा निर्दलीय चुनाव लड़ सकती है। वही प्रभूभाई टोकिया को कांग्रेस की टिकट के लिए दूसरे नंबर पर देखने का कारण यह है की प्रभूभाई टोकिया को राहुल गांधी के साथ और कांग्रेसी नेता गोरांग पँड़िया के साथ इस चुनावी मौसम में मुलाक़ात करते देखा गया। वास्तव में दादरा नगर हवेली चुनावी मेदान में कितने उम्मीदवार उतरेंगे यह तो वक्त बताएगा, लेकिन नटु पटेल, मोहन डेलकर, प्रभुटोकिया और अंकिता पटेल को देखकर लगता है कि इस बार दादरा नगर हवेली का लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।

एक नज़र 2009 और 2014 लोकसभा पर 

संघ प्रदेश दमण दीव लोक सभा की बात करे तो, 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में, भाजपा ने दमण-दीव से लालू पटेल को टिकट दी और कांग्रेस ने डहयाभाई पटेल को। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में लालू पटेल को 44546 वोट मिले, और डहयाभाई पटेल को 19708 वोट। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में लालू पटेल की जीत हुई और दो बार कांग्रेस से सांसद रहे डहयाभाई पटेल को हार का सामना करना पड़ा। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में डहयाभाई पटेल की हार के बाद, 2014 में डहयाभाई पटेल के पुत्र केतन पटेल को कांग्रेस ने टिकट दिया, वही भाजपा ने डहयाभाई पटेल को हराने वाले लालू पटेल पर, अपना भरोसा कायम रखते हुए 2014 में भी लालू पटेल को ही भाजपा का टिकट दिया और 2014 में लालू पटेल ने दूसरी बार जीत हासिल की। 2014 में हुए लोक सभा चुनाव में लालू पटेल को 46960 वोट मिले और केतन पटेल को 37738 वोट मिले। लालू पटेल ने चुनाव जीता और दूसरी बार दमण-दीव सांसद बने।

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daman and diu lok sabha

Dadra nagar Havali Lok Sabha

वही दमण-दीव के बाद, अब दादरा नगर हवेली की बात करें तो, 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में दादरा नगर हवेली से भाजपा ने नटु पटेल को टिकट दी और कांग्रेस ने मोहन डेलकर को। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में नटु पटेल को 51242 वोट मिले और मोहन डेलकर को 50624 वोट मिले। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में नटु पटेल की जीत हुई। 2009 में हुए लोक सभा चुनाव में नटु पटेल ने जीत हासिल कर, 6 बार लोक सभा चुनाव जीतने वाले मोहन डेलकर को हार का स्वाद चखा दिया। 2014 में हुए लोक सभा चुनाव में भी भाजपा ने नटु पटेल को ही टीकट दिया और कांग्रेस से मोहन डेलकर चुनाव मैदान में उतरे। 2014 में हुए लोक सभा चुनाव में नटु पटेल को 80790 वोट मिले और मोहन डेलकर को 74546 वोट। 2014 लोक सभा भी मोहन डेलकर हार गए और नटु पटेल ने चुनाव जीत कर, अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।

दोनों संध प्रदेशों में इस बार हैट्रिक पर भी चर्चा जोरों पर।

अब 2019 लोकसभा में क्या होने वाला है, परिणाम किसके पक्ष में आने वाले है और दमण-दीव से तथा दादरा नगर हवेली से कौन सांसद बनने वाला है यह कोई नहीं जानता। लेकिन यदि मोहन डेलकर इस बार पुनः चुनाव हार गए तो उनके के लिए यह हार की हैट्रिक होगी। 2009 और 2014 लोकसभा चुनाव हारने के बाद अब 2019 लोकसभा मोहन के अस्तित्व की लड़ाई बनती दिखाई दे रही है। वही दादरा नगर हवेली से यदि नटु पटेल 2019 लोकसभा चुनाव जीते तो यह नटु पटेल की जीत की हैट्रिक साबित होगी। दमण-दीव के वर्तमान सांसद लालू पटेल भी पिछली दो लोकसभा जीतते आए है ऐसे में यदि लालू पटेल 2019 में बाजी मारने में कामयाब होते है तो उनकी जीत की भी यह हैट्रिक होगी। वही 2019 के लोकसभा चुनाव में केतन पटेल की हार उनके राजनीतिक करियर पर एक बड़ा काला धब्बा लगा सकती है, जिसे शायद भविष्य में कोई सर्फ-एकसल साफ ना कर पाए! केतन पटेल तो वैसे अब तक एक ही लोकसभा चुनाव हारे है लेकिन 2009 लोकसभा में उनके पिता की हार के पीछे भी जनता केतन पटेल को जिम्मेदार मानती है। 2019 लोकसभा में क्या परिणाम आने वाले है कोई नहीं जानता, जनता किसे जीत का ताज पहनाएगी और किसे हार का स्वाद चखाएगी यह तो चुनाव के बाद परिणाम आने पर ही पता चल पाएगा।