संध प्रदेश के इतिहास में विधुत विभाग को लेकर सबसे बड़ा खुलासा।

Kranti Bhaskar - Daman News, Silvassa News, Vapi News and Valsad News | गृह राज्य मंत्री हरिभाई को मिलता है संध प्रदेशों में हुए भ्रष्टाचार का हिस्सा....! image 1
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इस सदी का सबसे बड़ा खुलासा: दमन-दीव व दानह के वित्त सचिव का भ्रष्टाचार को लेकर किया गया एक खास बयान, इस बयान पर पूर्व में क्रांति भास्कर ने प्रकाशित की थी प्रमुखता से खबर, लेकिन उक्त खबर के बाद भी सोती रही दमन प्रशासन।

दमन-दीव व दानह के वित्त सचिव है पी-एस रेड्डी। श्री रेड्डी ने दमन-दीव व दानह के कई विभागों में काम किया, और यहां की प्रशासन के कार्यों से इन्हे कुछ नए अनुभव भी हुए,शायद इसी का कारण है की श्री रेड्डी ने वित्त सचिव रहते बता दिया,की पूर्व के वित्त सचिव तथा विधुत सचिव के साथ साथ कई विभागों में काम करने वाले आई-ए-एस अधिकारी ज्ञानेश भारती लगभग 300 करोड़ की काली कमाई करके संध प्रदेश से दिल्ली चले गए। लेकिन इस बयान को देते समय इन्हे यह नहीं पता था,की क्रांति भास्कर ने अपना केमेरा चालू रखा है,वरना यह इस मामले में अपनी जबान बंद कर लेते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ,एक के बाद एक बड़े बड़े अधिकारियों का नाम वित्त सचिव पी-एस रेड्डी लेते रहे,और क्रांति भास्कर रिकॉर्ड करती रही। श्री रेड्डी ने यह तो बता दिया की पूर्व के वित्त सचिव ज्ञानेश भारत्ती विधुत विभाग के सहारे कितनी काली कमाई करके गए,लेकिन यह नहीं बताया की खुद पी-एस रेड्डी कितना कमाने वाले है। बात यही तक नहीं रुकी इसके आलावे श्री रेड्डी ने यह भी बताया की फिलवक्त विकास आयुक्त और विधुत सचिव की कुर्सी पर बैठने वाले अधिकारी कितना कमाने आए है और वह किन किन विभागों से काली कमाई कर रहे है। विभाग की भ्रष्टनिति से लेकर काली कमाई की रकम में कितने और कोन कोन हिस्सेदार है इसके बारे में जानकार शायद दोनों संध प्रदेशों के प्रशासक का भी सर शर्म से झुक जाए,बशर्ते उनका नाम भी इस लिस्ट में ना हो।

नहीं यह मामला मामूली है नहीं बयान देने वाला अधिकरी मामूली है, पूर्व विधुत सचिव ज्ञानेश भारती के भ्रष्टाचार की पोल संध प्रदेश के उस अधिकारी द्वारा खोली गई है जो उसी कुर्सी पर बैठा है जिस पर ज्ञानेश भारती बैठे थे। अब इस गंभीर मामले में प्रशासक कब संज्ञान लेंगे यह सवाल तो प्रशासक से है ही, लेकिन केवल एक विधुत विभाग के अभियंता की भ्रष्टनिति पर पर्दा डालने के लिए संध प्रदेश के प्रशासक आशीष कुन्द्रा और कितनी कालिक बर्दाश्त करेगे यह भी एक बड़ा सवाल है क्यों की केवल इस एक विधुत विभाग की भ्रष्टनीति के कारण दमन-दीव के कई वरीय अधिकारियों का मुह काला होता दिख रहा है जिनमे विधुत सचिव एवं विकास आयुक्त संदीप कुमार भी शामिल है। 

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यह है मामले की पूरी कहानी। 

एक काफी पुरानी कहावत है की अपनी परछाई भी हकीकत साथ तभी देती है जब तक की हम हकीकत की तहकीकात जारी रखे, वरना करतूतों को जमीन फाड़कर बहार आने आदत की संज्ञा न देते। कुछ यही हाल है इस मामले का। दमन-दीव व दानह के विधुत सचिव रह चुके ज्ञानेश भारती को शायद यह नहीं पता था की उनकी करतूतों के पर्दे उनके जाने के बाद भी फटेहाल हो कर अपनी बे-बसी को रोते रहेंगे। अन्यथा अपनी पुरानी करतूतों को किसी पुरानी कब्र में दफन करके जाने में कोई गुंजाइश तो नहीं रखी वह तो आंधीयों का कसूर था की कब्रों की हकीकत बयान कर दी। नहीं कभी किसी ने ऐसा सोचा था, नहीं ज्ञानेश भारती ने सोचा होगा की उनके तबादले के लम्बे समय बात उनकी करतूतों का पर्दाफास इस कदर होगा की काइयों की इज्जत और चाँदनी दोनों पर ग्रहण लगा दे।

 


  • मोदी जी की मिनिमम गवर्नमेंट और मेक्सिमम गवर्नेंस का यही मतलब है तो भाई ऐसी गवर्नेंस किसे चाहिए,यहां की मेक्सिमम गवर्नेंस मेक्सिमम घोटाले हो रहे हो

  • इस आई-ए-एस अधिकारी की काली कमाई का यह सच सुनकर शायद गृह मंत्रालय भी जाग जाए, जो यहां की शिकायतों की फाइलों को बिस्तर बनाकर मोनमोहन के मोनराज राज से मस्त है।

संध प्रदेश दमन-दीव के पूर्व विधुत सचिव ज्ञानेश भारती को लेकर कुछ नई बाते सामने आई है, कुछ एसे चोकाने वाले खुलासे सामने आए है जिन्हे सुनकर वर्तमान विधुत सचिव संदीप कुमार भी अपनी कुर्सी खिसकती देखेंगे, और यह भी महसूस करेंगे की निर्णयों अब किसकी बारी है, लेकिन शायद संभलने का समय ही न मिले की क्यों की कहां गया है पुराने कीले की चाहे जितनी हिफ़ाजते कारों,उसकी परते तो खुद्ब्खुद निकल आती है। यही हुआ यहा भी पूर्व विधुत विभाग,विकास विभाग एवं वित्त विभाग के सचिव रह चुके ज्ञानेश भारती की करतूतों से पर्दा उठ रहा है,पर्दा उठ रहा है उन काले कारनामों की काली कमाई से जिस जिन्हे भारती ने अपनी कुर्सी के दम पर कमाई थी करोड़ों की काली कमाई,और कितने करोड़ों की थी यह काली कमाई यह तो सुन कर शायद उनके कान भी सुन्न हो जाए जिन्होने अभी भी काली कमाई का काला जरिया जारी रखा है,तीन सो करोड़ रुपये,आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा हमने 300 करोड़ की काली कमाई की ही बात कहीं है,लेकिन आय यह सोच रहे होंगे आखिर यह आंकड़ा आया कहा से,तो आपके इस सवाल का जवाब भी हम आपको जल्द देंगे,जल्द सुनाएंगे वह सारी रेकोर्डिंग जिसको सुनने के बाद शायद दमन से सभी भ्रष्ट अधिकारियों सीबीआई एक साथ ले जाएगी,और पूछेगी भाई और कितनी कमाई की है जिनके आँकड़े इस रिकॉर्डिंग में नहीं,पूछेगी इस काली कमाई का राज और पूछेगी इस प्रशासन से इतनी लापरवाही का कारण,लेकिन शायद उस वक्त भी इनके पास कोई जवाब न हो जवाब दे भी कैसे करता कोई और भर्ता कोई यह तो रीत है अब इस हाल में कोन करता है और कोन भर्ता यह तो सभी जानते है।

लेकिन दमन-दीव के एक आई-ए-एस अधिकारी की काली कमाई का यह सच सुनकर शायद भारत सरकार का गृह मंत्रालय भी जाग जाए जो यहां की शिकायतों की फाइलों को बिस्तर बनाकर मोनमोहन के मोनराज राज से मस्त है,शायद मोदी जी की नींद भी खुल जाए की मिनिमम गवर्नमेंट और मेक्सिमम गवर्नेंस का यही मतलब है तो भाई ऐसी गवर्नेंस किसे चाहिए,यहां की मेक्सिमम गवर्नेंस मेक्सिमम घोटाले कर रही है और मोदी के साथ भाजपा सरकार को कांग्रेस सरकार की कतार की और आगे कर रही है,हो न हो यही आलम रहा तो शायद भाजपा को वही मुह की खानी होगी जो कांग्रेस के हिस्से आई थी,संभलने की जरूरत और समय बार बार नहीं मिलता लेकिन हार लगातार अवश्य मिलती है शायद यह सबक भी कांग्रेस को देख कर लिया जा सकता है।

खेर इस मामले में अब गृह मंत्रालय संज्ञान लेगी,या सीबीआई सवंय जाँच शुरू करेगी यह देखने वाली बात है,क्यों की यहां की प्रशासन के वरीय अधिकारियों में तो यह कुबत दिखाई नहीं देती की वह अपने साथियों को सलाखों के पीछे डाले। शेष फिर…

Chintu M. Jain.