यह हाल है जोधपुर नगर निगम के उपायुक्त कार्यालय का!

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यह हाल है जोधपुर नगर निगम के उपायुक्त कार्यालय का! | Kranti Bhaskar
Jodhpur municipal commissioner

जोधपुर नगर निगम की खराब कार्यप्रणाली पर सवाल कोई नई बात नहीं है, इतना ही नहीं उक्त निगम एवं निगम के कर्मचारियों द्वारा किसी भी कार्य के लिए जनता को कितने चक्कर कटवाए जाते है इससे भी जनता भली-भांति परिचित है लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है वह काफी शर्मशार करने वाला है, मामला है आऊक आयुक्त एवं उपायुक्त की अनुपस्थिति तथा उपायुक्त के कार्यालय का खस्ताहाल।

मामला यह है कि, जोधपुर में अतिक्रमण संबन्धित मामलों की जानकारी लेने जब क्रांति भास्कर की टिम नगर निगम पहुंची तो अतिक्रमण खंड, कार्यालय खाली पड़ा था, ना ही कर्मचारी मिले ना ही अधिकारी, अन्य विभाग से पूछने पर बताया गया की आयुक्त से मिल लीजिए, लेकिन जब आयुक्त के कार्यालय टिम पहुंची तो आयुक्त के कार्यालय के बाहर एक बड़ा ताला लटका था, फिर क्या वहां जवाब मिला उपायुक्त से मिल लीजिए आयुक्त मीटिंग के लिए जोधपुर के विकास के लिए जोधपुर से बाहर गए है, फिर जब उपायुक्त के कार्यालय पर दस्तक दी तो वहां भी यही हाल था उपायुक्त तो मिले नहीं, उपायुक्त कार्यालय में अवश्य उपायुक्त के निजी सचिव मिले और उपायुक्त की तरह सावल जवाब करने लगे की काम क्या है हमे बता दीजिए मानों उपायुक्त की आवश्यकता ही ना हो!

खेर अतिक्रम के मामले में की जानकारी तो मिली नहीं लेकिन उपायुक्त के कार्यालय के खस्ता-हाल की तस्वीरे अवश्य मिल गई, इन तस्वीरों को देखने के बाद यह तो विश्वास हो गया की आयुक्त महोदय विकास के लिए जोधपुर से बाहर मीटिंग में गए है, क्यो की यदि उपायुक्त के कार्यालय का यह हाल है तो विकास तो करना होगा और यदि विकास करना है तो विकास के लिए मीटिंग भी अतिआवश्यक है, बस हो सके तो आयुक्त विकासीय मीटिंगों से थोड़ा समय निकाल कर, उपायुक्त के कार्यालय का भी विकास कर दे और परेशान जनता के बैठने की उचित व्यस्व्था भी कर दे।

क्यो की फिलवक्त जो स्थिति उपायुक्त के कार्यालय की दिखाई दे रही है वह जोधपुर नगर निगम के लिए काफी शर्मशार करने वाली है। शेष फिर।