गृह राज्य मंत्री हरिभाई को मिलता है संध प्रदेशों में हुए भ्रष्टाचार का हिस्सा….!

देश में भ्रष्टाचार का मुद्दा लेकर जीत हांसील करने वाले भाजपा के मंत्री कितने ईमानदार है, यह सवाल शायद किसी को नया नहीं लगे, लेकिन जिन मंत्रियों के जिम्मे इस देश की सुरक्षा तथा रक्षा संबन्धित जिम्मेवारियाँ है वह कितने पानी में है और कितने ईमानदार है यह अवश्य सोचने का विषय बनता हुआ नजर आ रहा है!

कुछ खास सूत्रों तथा अफसरशाहों के हवालों से खबर मिली है की देश के गृह राज्य मंत्री हरिभाई बड़े बड़े अफसरशाहों से हफ्ता लेते है! सूत्रों का कहना है की केंद्र शासित प्रदेशों में हो रहे भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं पर जनता तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा की गई शिकायतों पर गृह मंत्रालय संज्ञान नहीं तथा संज्ञान में देरी व ढील बरतती रहे इसके लिए केंद्र शासित प्रदेशों में बैठे बड़े बड़े अफसरशाह केन्द्री गृह राज्य मंत्री हरिभाई चोधरी को अपनी काली कमाई का हिस्सा बतौर हफ्ते के देते है।

हालांकि इस बारे में हमारी टिम ने जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से कुछ घोटालों के बारे में पूछा तो नाहीं गृह राज्य मंत्री ठीक तरह से इस विषय में जवाब दे सके ना ही किसी प्रकार के संज्ञान का भरोसा, लेकिन इसके बाद भी हमारी टिम ने गृह राज्य मंत्री हरिभाई से संपर्क किया और उन्हे कुछ ऐसे घोटालों के बारे में पूछा जिनके चर्चे यू-पी-ए काल से हो रहे है।

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[miptheme_quote author=”O.M.G” style=”boxquote text-left”]सीबीआई, आई-बी, रॉ, तथा अन्य ना जाने कितनी सुरक्षा एजेंसियाँ गृह मंत्रालय तथा गृह राज्यमंत्री के अधीन आती है और गृह राज्य मंत्री पर मामूली भ्रष्टाचार में हफ्ता लेने के आरोप।[/miptheme_quote]हरिभाई को पूछा गया की क्या दमन-दीव दौरे के वक्त दमन-दीव भाजपा की और से आपको किसी विधुत घोटाले के दस्तावेज़ जांच के सोपें गए है? तो हरिभाई ने बातया हाँ। हरिभाई ने कहां की जो भी दस्तावेज़ विधुत घोटाले से जुड़े है तथा भाजपा द्वारा मुझे दिए गए है उन्हे मे ने प्रशासक आशीष कुन्द्रा को संज्ञान लेने के दे दिया है।
इसके बाद जब हरिभाई से यह पूछा गया की गृह मंत्रालय द्वारा संयुक्त सचिव आर-के सिंह के कार्यकाल मे दमन-दीव प्रशासक को विधुत विभाग में हुए घोटाले की जांच करने के लिए कई आदेश मिले लेकिन उस पर प्रशासक की कोई कार्यवाई देखने को नहीं मिली इसका क्या कारण है, तो इस पर गृह राज्य मंत्री ने बताया की गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए जांच के आदेश की जानकारी उन्हे नहीं है लेकिन वह इस मामले में अवश्य संज्ञान लेंगे।
इसके बाद गृह राज्य मंत्री से यह पूछा गया की सेकड़ों शिकायतों के बाद तथा दर्जनों जांच के आदेश के बाद अब तक प्रशासक तथा गृह मंत्रालय ने इस घोटाले को लेकर कोई ठोस कदम अब तक क्यों नाहन उठाए? तथा कई सूत्रों का कहना है की जो घोटाला हुआ है तथा जो घोटाला हो रहा है उसकी जांच रोकने तथा संज्ञान नहीं लेने के लिए घोटाला करने वाले अफशारशाह गृह मंत्रालय में अपने भ्रष्टाचार की काली कमाई का हिस्सा देते है? तो अंत में इस सवाल का जवाब देने से गृह राज्य मंत्री ने किनारा कर लिया।
अब तक इस मामले में कई खुलासे हो चुके है जिनमे कई आई-ए-एस अधिकारियों के मिलीभगत की बाते सामने आती रही लेकिन अब सूत्रों का कहना है की संध प्रदेश के अफसरशाह गृह मंत्रालय के संबन्धित अधिकारियों तथा गृह राज्य मंत्री हरिभाई चोधरी को भी हफ्ता देते है! अब इस मामले में कितनी सच्चाई है यह तो अब तक गृह मंत्रालय द्वारा जारी दर्जनों जांच के आदेश और उस पर अब तक नहीं हुई कार्यवाई बयान करती है।

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