दमण में खुलेआम चल रहे मटके और जुए के अड्डों का Video वायरल।

संघ प्रदेश दमण में जगह जगह जुए और मटके के अड्डे देखकर लगता है कि जुए और मटके के अड्डे चलाने वालों के मन से प्रशासन और कार्यवाही का खोफ खत्म हो चुका है। कुछ लोग कहते है इन अड्डो से अधिकारियों को प्रतिमाह लाखों का हफ़्ता मिलता है तो कुछ लोग कहते है कि जुए और मटके के अड्डो से स्थानीय नेता अपना अपना हिस्सा लेकर इन्हे संरक्षण देते है, हक़ीक़त क्या है? यह तो जांच के बाद पता चलेगा। लेकिन जांच के लिए प्रशासन को सबूत चाहिए और जुए और मटके के अड्डे का एक सबूत इस वक्त एक वीडियो में चीख चीख कर प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि दमण कि गरीब जनता को बर्बाद होने से बचा ले। इस वक्त जो जुए और मटके का जो वीडियो सामने आया है वह अवश्य ही प्रशासन के होश उड़ा देने वाला है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जुआ खिलाने वाले भी बड़ी संख्या में है और खेलने वाले भी बड़ी संख्या में है। वीडियो देखकर तो लगता है कि यह अड्डा चलाने वाले किसी के बाप (पुलिस) से नहीं डरते, वरना इस तरह खुलेआम दिन दहाड़े जुए और मटके के अड्डे के वीडियो इस तरह से बाजार में वायरल नहीं होते।

  • क्या दमण के नेता नहीं चाहते कि जनता को बर्बादी के कगार पर ले जाने वाले जुए और मटके के अड्डे बंद हो?

खेर जो वीडियो सामने आया है उसमे से एक सोमनाथ जंक्शन के पास स्थित, किंग बार एंड रेस्टोरेन्ट का है। किंग बार एंड रेस्टोरेन्ट गुलबबाबू का बताया जाता है और जुए के अड्डे का संचालन करने वाले का नाम रंजीत पटेल बताया जाता है रंजीत पटेल और गुलबबाबू सांझेदार है या नहीं इसकी जांच तो दमण पुलिस को करनी चाहिए वैसे यह वही गुलाब बाबू है जो फॉर्च्यून ग्रुप के बिल्डर दर्शक शाह और भावेश शाह का पार्टनर है। गुलाब बाबू का डाहया पटेल, केतन पटेल और जिगगु पटेल से भी करीबी नाता बताया जाता है तो कही ऐसा तो नहीं कि डाहया, केतन और जिगगु के संरक्षण में यह अड्डा चल रहा है? इस सवाल का जवाब भी जांच के बाद ही मिल सकता है।

Daman gambling
Daman gambling

वैसे किंग बार के अलावे हाटयावाड रोड पर स्थित विजय बार के सामने एक ओर जगह भी है जहा जुए का अड्डा चलाए जाने कि बाते सामने आई है उक्त जगह के मालिक का नाम है रमण पटेल और यह वही रमण है जिस पर गुजरात में शराब तस्करी के कई मामले दर्ज है। बताया जाता है कि रमण के यहाँ जुआ खेलने वाले कि गाड़ी पहले प्रिंस गार्डन में पार्क कारवाई जाती है, इसके बाद में जहा अड्डा चल रहा है वहा से रमण का आदमी जुआ खेलने आए हुए व्यक्ति को, प्रिंस गार्डन में लेने के लिए आता है ओर उसे अड्डे तक पहुंचा दिया जाता है। प्रिंस गार्डन रमण के भाई का बताया जाता है और इसी लिए रमण जुए के लिए अपनी सुविधा अनुसार प्रिंस गार्डन का इस्त्माल कर लेता है ताकि किसी को पता ना चले। वही किंग बार में जुए का अड्डा, दमण का सबसे बदनाम जुआरी साजन चला रहा है। यह दोनों अड्डे ही दाबेल में चल रहे है ओर पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे किसी खबरी का इंतजार कर रही है या फिर पुलिस को अपने हिस्से कि मलाई एडवांस में मिल गई?  सवाल कई है लेकिन जवाब प्रशासन के पास है। जब तक प्रशासन ऐसे बार एंड रेस्टोरेन्ट का लाइसेन्स जप्त नहीं करती और जुए और मटके के अड्डे चलाने वालों पर कठोर कार्यवाही नहीं करती तब तक, जनता को बर्बाद करने वाले जुए और मटके के अड्डों पर अंकुश लगना मुश्किल है। प्रशासक प्रफुल पटेल को चाहिए कि इस मामले कि जांच किसी वरीय पुलिस अधिकारी से करवाए तथा जिस किसी क्षेत्र में जनता को बर्बाद करने वाला जुए और मटके का अड्डा मिले उस क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को तत्काल नोकरी से बर्खास्त करें ताकि प्रशासन के बाकी अधिकारियों को भी पता चल जाए प्रशासक प्रफुल पटेल कि कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है।

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