दीपेश टंडेल की अध्यक्षता में हुई बैठक का वीडियो वायरल, सांसद लालू पटेल तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप।

Navin Acu Patel

दमण। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव भाजपा प्रमुख दीपेश टंडेल ( Deepesh Tandel ) की अध्यक्षता में चाल मालिकों के साथ हुई बैठक एक विडियों बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है उक्त विडियों में भाजपा कार्यकर्ता नवीन पटेल तथा उपस्थित जनता ने, दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव भाजपा प्रमुख दीपेश टंडेल ( Deepesh Tandel ) की उपस्थिती में सबके सामने, सांसद लालू पटेल, प्रशासन एवं कई विभागों के अधिकारियों पर काफी चौकाने एवं शर्मशार करने वाले आरोप लगाए है और कहा की सांसद लालू पटेल को भी जनता की समस्याएँ सुनने के लिए उक्त मीटिंग में उपस्थित रहना चाहिए था लेकिन वे नहीं आए। उक्त मीटिंग का मुख्य मुद्दा तो चाल मालिकों को मिले नोटिस का था लेकिन उक्त मुद्दे के अलावे भी कई और मुद्दों पर चर्चा हुई।

मीटिंग में, विधुत विभाग एवं अभियंता इंगले पर खुलेआम जनता की समस्यों को ना सुनने का आरोप लगाया और कहा की लम्बे समय से लाइट के बिल ज्यादा आ रहे है, जनता दुखी है और जनता यदि कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के पास शिकायत लेकर पहुँचती है तो इंगले कहता है प्रफुल पटेल के पास जाओ। अब इस बात का क्या मलतब निकाला जाए? क्या मिलिंद इंगले प्रफुल पटेल का सिरदर्द बढ़ाना चाहते है या फिर वह अपना सिरदर्द कम करना चाहते है? वैसे दमण-दीव में इंगले पर इससे पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके है जनता सड़कों पर आ चुकी है सवय आज जो संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव भाजपा प्रमुख दीपेश टंडेल ( Deepesh Tandel ) अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठे है वह भी पूर्व में विधुत विभाग एवं कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के खिलाफ रेली निकाल चुके है, लेकिन तब बात और थी आज बात कुछ और है तब वह भाजपा में नहीं थे। बाकी जनता समझदार है वह सब समझती है।

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विधुत विभाग पर आरोप लगाने के बाद, मीटिंग मे नवीन पटेल ने कहा मे भाजपा का कार्यकर्ता हु लेकिन मुझे शर्म आ रही है की भाजपा की सरकार होने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं सुनता है कई अधिकारी तो दादागिरी करते है, मीटिंग मे नवीन ने कहा चर्मी पारेख, ( Charmie Parekh, DANICS ) को कई विभागों का प्रभार दिया गया है और चर्मी पारेख (दानिक्स अधिकारी) के पास कोई भी व्यक्ति जाए तो वह ऐसा व्यवहार करती है जैसे सामने कोई कुत्ता आया हो, नवीन का यह आरोप अवश्य ही काफी शर्मिंदगी भरा है यदि जनता के साथ कोई अधिकारी ऐसा व्यवहार करता है तो उसे नोकरी पर रहने का कोई हक नहीं, ऐसे अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए, लेकिन यदि प्रशासन को जनता की बात पर यकीन नहीं और प्रशासन को लगता है की जनता झूठ बोल रही है तो प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए की चार्मी का जनता के साथ कैसा व्यवहार है!

नवीन पटेल ने चाल मामलों में, मिले नोटिस पर कहा की एग्रीकल्चर जमीन थी इस लिए एन-ए पर्मिशन नहीं मिली थी और उस पर प्लान पास किए बिना कंस्ट्रक्सन कर दिया गया, इस लिए अब प्रशासन ने नोटिस दी गई है। जब उक्त मीटिंग का विडियों वायरल हुआ तो खुले में जनता के सामने भाजपा और प्रशासन को शर्मिंदा करने वाले दीपेश टंडेल ने अपने कार्यालय से एक नया बयान देकर मामले पर मिट्टी डालते दिखे। दीपेश टंडेल ( Deepesh Tandel ) ने कहा कि भाजपा विकास, सुरक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विषयों पर काम कर रही है। दमण में 50 हजार से ज्यादा चाल है लेकिन इसकी कही गिनती नहीं है क्यों की जब चाल बनी तब शिक्षा और ज्ञान का अभाव था, इस लिए बाप दादाओं ने जब भी चाल बनाई कोई प्लान पास नहीं कारया, ना एग्रीकल्चर का ध्यान दिया ना एन-ए का बस चाल बना दी। लेकिन अब दानह और दमण-दीव की सरकारी योजनाओं के लिए गिनती करना जरूरी है और चाल मालिकों को जो नोटिस मिले है वह गिनती करने तथा योजना लागू करने की एक प्रक्रिया है डिमोलेशन करने का कोई प्लान नहीं है और किसी का डिमोलेशन नहीं होगा। सवाल यह है कि दीपेश टंडेल ( Deepesh Tandel ) की अध्यक्षता हुई बैठक का जो विडियों वायरल हो रहा है उस पर दीपेश टंडेल का क्या कहना है? क्या उन्हे भी नवीन पटेल कि तरह शर्म आती है? क्या उनके साथ भी अधिकारी दुर्व्यवहार करते है? क्या उन्हे भी इंगले यह कहता है कि प्रफुल पटेल के पास जाओ? यदि उनके साथ ऐसा नहीं होता तो फिर जनता के साथ ऐसा क्यों होता है? जनता जानती है कि लोक तत्र में जनता को मालिक बताया गया है लेकिन लगता है शायद अब जनता को यह जानने कि ज्यादा जरूरत है कि मालिक कैसे बने रहना है।