ईमानदार कौन, ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन या कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले?

DNH IAS Kanan
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संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली के आई-ए-एस अधिकारी कानन गोपीनाथन से जब प्रशासन ने दानह समाहर्ता का प्रभार ले लिया, तो संध प्रदेश दादरा नगर हवेली में, सोशल मीडिया पर यह एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया, कई लोगो ने प्रशासन के फैसले का विरोध किया तो कई लोगों ने कानन गोपीनाथन कि ईमानदारी में कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए। फिलवक्त आई-ए-एस अधिकारी कानन गोपीनाथन के पास दमण-दीव ओर दादरा नगर हवेली के ऊर्जा सचिव का प्रभार तथा डीएनएच पावर वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का प्रभार एवं अन्य कई विभागो का प्रभार भी है।

उक्त खबर में ऊर्जा विभाग कि चर्चा इस लिए कि जा रही है क्यो कि दोनों संध प्रदेशों में जीतने अधिक चर्चे, आई-ए-एस अधिकारी कानन गोपीनाथन कि ईमानदारी पर होते रहे है उतने ही अधिक चर्चे दोनों संध प्रदेशों के ऊर्जा विभागों के अधिकारियों कि बे-ईमानी, भ्रष्ट ओर कमाउनीति को लेकर होते रहे है। फिलवक्त जनता को आई-ए-एस अधिकारी कानन गोपीनाथन कि ईमानदारी पर कोई शक नहीं है। लेकिन कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले कि खराब कार्यप्रणाली आज भी जनता को उन्हे ईमानदार मानने से रोक रही है। यह कैसी विडम्बना है कि सबसे अधिक ईमानदार कहे जाने वाले आई-ए-एस अधिकारी कानन गोपीनाथन को, सबसे अधिक भ्रष्ट कहे जाने वाले कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले का साहब बना दिया गया। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन, दोनों संध प्रदेशों के कार्यपालक अभियंता मिलिंद इंगले के साथ काम कर, अपनी ईमानदारी वाली छवि बरकरार रख पाएंगे, या फिर इंगले कि खराब कार्यप्रणाली ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन कि ईमानदारी पर भी वैसे ही सवाल खड़े कर देगी जैसे जनता ने पूर्व के ऊर्जा सचिवो कि ईमानदारी पर सवाल खड़े किए थे? यह सवाल इस लिए क्यो कि आज भी भ्रष्टाचार के मामलों में सोशल मिडीय पर, जनता से सवाल करने पर, सबसे पहले जनता कि जुबान पर दोनों संध प्रदेशों के ऊर्जा विभाग एवं विभागीय अधिकारियों का नाम आता है। ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन सोशल मिडीया पर सक्रिय है ऐसे में वह स्वय इस मामले में सोशल मिडीय पर, जनता से उनकी राय ले सकते है सच क्या है उन्हे जांच किए बिना ही पता चल जाएगा। ऊर्जा सचिव चाहे तो दोनों संध प्रदेशों के ऊर्जा विभागों एवं एवं विभागीय अधिकारियों के खिलाफ पिछले पाँच वर्षों में जनता द्वारा कि गई शिकायतों कि फाइले मंगवाकर देख ले कोन कितनी मलाई मार चुका है। दोनों संध प्रदेशों में पिछले 10 वर्षों में कितने औधोगिक इकाइयों के कितने मीटर जलाकर घोटाले किए गए उसकी जांच भी ऊर्जा सचिव चाहे तो जांच कर सच का पता लगा सकते है ओर यदि ऊर्जा सचिव चाहे तो दोनों संध प्रदेशों के ऊर्जा विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त कर, अपने साथ साथ उन अधिकारियों को भी ईमानदार का तगमा दे सकते है जिनहे जनता ईमानदार नहीं मानती। शेष फिर।

  • लाइट चोरी, टेण्डर घोटाले ओर ऊर्जा खपत बढ़ाने ओर घटाने के मामलो में मलाई मार चुके अभियंता अब ईमानदार कहे जाने वाले ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन कि छत्रछाया में!
  • दोनों संध प्रदेशों के ऊर्जा विभागो में लाइट चोरी तथा टेण्डर में कमिसनखोरी कर अब तक अभियन्ताओं ने कितना भ्रष्टाचार किया? इसकी जांच ऊर्जा सचिव कानन गोपीनाथन को करनी चाहिए।

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