‘नशीली दवाओं के दुरूपयोग की रोकथाम’ पर कार्यशाला का आयोजन, दोनों मुख्य अतिथि आबकारी विभाग से।

दमण। राष्ट्रीय समाज सुरक्षा संस्थान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से  राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी  दमण एवं दीव द्वारा तथा समाज कल्याण सचिव  के मार्गदर्शन में 27 से 28 नवम्बर को आदिवासी भवन मोटी दमण में पूर्वाह्न 09.30 बजे से अपराह्न 06.00 बजे तक नशीली दवाओं के दुरूपयोग की रोकथाम विषय पर दो-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में दमण जिला के समाहर्ता एवं सचिव (समाज कल्याण) तथा (आबकारी विभाग के आयुक्त) डॉ. राकेश मिन्हास, उप समाहर्ता (आबकारी विभाग कि उप-आयुक्त) श्रीमती चार्मी पारेख, राज्य कार्यक्रम अधिकारी   संजीव पंड्या, रिसोर्स पर्सन के रूप में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, अहमदाबाद से पधारे अधीक्षक  हरिश कुमार तथा दमण जिला के विविध कार्यालयों जैसे कि पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग,नहेरू युवा केन्द्र, आईसीडीएस, महिला शक्ति केंद्र, चाइल्ड लाइन कार्यालय एवं बाल कल्याण समिति तथा किशोर न्याय बोर्ड, दमण एवं दीव के अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए समाहर्ता डॉ. राकेश मिन्हास ने कहा कि दमण एक उभरता हुआ पर्यटक स्थल है। वैसे तो यहां   ड्रग्स एब्यूस की समस्या काफी कम है, फिर भी आने वाले समय में ऐसी किसी गंभीर स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए हमें जागरूक रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे ड्रग्स का सेवन सामान्यत: 30 वर्ष तक के नौजवान करते पाए जाते हैं, ये नौजवान ही हमारे भविष्य की नींव हैं, अत: इनको हर कुवृत्ति से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।  उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस बिन्दु पर भी ध्यान देना होगा कि जो व्यक्ति ऐसे नशीले पदार्थों के चंगुल में आ गया है, उसे किस तरह से ठीक कर समाज की मुख्य धारा में जोड़ा जाए।

कार्यशाला में उपस्थित, (आबकारी विभाग कि उप-आयुक्त) उप समाहर्ता श्रीमती चार्मी पारेख ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशीली दवाओं का सेवन समाज में एक गंभीर बीमारी की तरह फैलता जा रहा है। यह हमारे समाज का एक कलंक है। समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ प्रशासन के सभी विभाग एकजुट होकर इस व्यसन से लड़ने में अपना योगदान दें। हम सभी मिलकर यह प्रयास करें कि हमारा संघ प्रदेश ड्रग्स व्यसन से मुक्त प्रदेश बनकर देश में एक आदर्श उपस्थित करे। कार्यशाला में नशीली दवाओं के दुरूपयोग पर नियंत्रण लाने हेतु बाल संरक्षण सेवा से जुड़े विविध विभागो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विचार-मंथन किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बाल संरक्षण समिती के कार्यक्रम अधिकारी श्री संजीवकुमार पंड्या एवं उनकी टीम का सहयोग रहा|

बड़े ताज्जुब कि बात है कि उक्त कार्यक्रम में नशीली दवाओं के दुरुपयोग कि बात करने वाले दोनों मुख्य अधिकारियों के पास आबकारी विभाग का प्रभार है और जहां तक नशीले पदार्थों कि बात है तो नशीले पदार्थो में शराब एक मुख्य नशीला पदार्थ है जो कि दमण में आसानी से उपलब्ध है, हालांकि शराब कि दमण में अवैध नहीं है, लेकिन ऐसे कई शराब व्यापारी है जो दमण में शराब के नशीले कारोबार को अवैध तरीके से कर रहे है जिनके पास ना आबकारी विभाग कि स्वीकृति है ना ही आबकारी विभाग द्वारा जारी किया कोई लाइसेन्स, कुछ लाइसेन्स तो ऐसे है जो दमण में खेती कि जमीन पर जारी कर दिए गए अब समझ में नहीं आता कि खेती कि जमीन पर बार एंड रेस्टोरेन्ट के लाइसेन्स जारी करने वाले अधिकारियों के बारें में क्या कहे? खेर उक्त कार्यक्रम में नशीले पदार्थों के बारे में जो आबकारी अधिकारियों द्वारा जो सजगता दिखाई गई है वह अवश्य सराहनीय है। लेकिन दमण में बिना लाइसेन्स चल रहे बार एंड रेस्टोरेन्ट और खेती कि जमीन पर चल रहे बार एंड रेस्टोरेन्ट आबकारी विभाग कि किरकिरी का कारण बनी हुई है।

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