बाड़मेर में ISI एजेंट को पकड़ा, ATS और पुलिस संयुक्त रूप से कर रही पूछताछ

aatankwadi

जोधपुर। सरहदी बाड़मेर जिले से सटी पाकिस्तान सीमा से नकली नोटों व मादक पदार्थों की खेप की पड़ताल में खुफिया एजेंसियां को आईएसआई का सक्रिय जासूसी नेटवर्क का पता लगा है। इस मामले में जयपुर से बाड़मेर पहुंची एटीएस की टीम ने नकली नोट व हेरोइन बरामदगी प्रकरण में पकड़े गए एक आरोपी के बेटे को पकड़ा है। उसके सीमा पार आईएसआई को सेना व वायुसेना से जुड़ी महत्वपूर्ण सामरिक जानकारियां व दस्तावेज भेजने का पता चला है। एटीएस को संदेह है कि वह बतौर आईएसआई एजेंट लंबे समय काम कर रहा था। उससे एटीएस और बाड़मेर पुलिस पूछताछ कर रही है। उससे सामरिक दस्तावेज मिलने के साथ कई महत्वपूर्ण राज खुलने की उम्मीद है।

बाड़मेर सीमा से सटी पाकिस्तान सीमा से पिछले दो दशक में भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नकली नोट की खेप के चार बड़े खुलासे हो चुके है। खासकर बाखासर, बीकेडी और गडरा रोड सीमा तस्करों के लिए तस्करी के लिए सबसे आसान राह बनी हुई। तीन सप्ताह पूर्व नकली नोट व मादक पदार्थों की खेप आने की खुलासे के बाद एटीएस, बाड़मेर पुलिस और तमाम खुफिया एजेंसियां पड़ताल कर रही थी। पड़ताल में पता चला था कि पाक तस्कर रोशन खां ने ही पाक आईएसआई की मदद से नकली नोटों की खेप भारत-पाक के नवा तला तारबंदी इलाके से भारत में रह रहे पराडिय़ा निवासी अकबर खां के लिए सावर खान को सप्लाई की थी। इसके अलावा जांच में जुटी एटीएस को सीमा पार से आईएसआई के जासूसी नेटवर्क के बारे में भी भनक लगी। इसके तार नकली नोट मामले में पकड़े भवांर गांव सेढवा तहसील निवासी खांडू खान के बेटे मुश्ताक से जुड़े होने की सूचना मिली। खांडू खान को एटीएस ने नकली नोट के खुलासे के बाद सीमा पार से आई हेरोइन के साथ पकड़ा था।

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सूचना के मुताबिक मुश्ताक आईएसआई के अधिकारियों के संपर्क में था और वह लंबे समय से आईएसआई को बाड़मेर में सैन्य ठिकानों और वहां की गतिविधियों के अलावा उत्तरलाई हवाईअडडे से जुड़ी सामरिक जानकारियां सीमा पार भेज चुका है। इस पर एटीएस टीम ने उसे पकड़ बाड़मेर ले आई और उससे आज बाड़मेर में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार उसके पास सैन्य ठिकानों के नक्शे सहित तमाम सामरिक जानकारियों के दस्तावेज मिले है। संदेह है कि वह तमाम जानकारियां आईएसआई को भेज चुका है। खेती करने वाले इस युवक से गहन पूछताछ की जा रही है और संभवतया जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।

गौरतलब है कि वर्ष 2014 के बाद एक बार फिर पाक तस्कर रोशन खान का नाम फिर से सुर्खियों में है। पाक तस्कर इससे पूर्व भी 2014 में नकली नोट, हेरोइन की तस्करी में भी लिप्त रहा है। पराडिय़ा निवासी अकबर खान का रिश्तेदार भी है। ऐसे में अकबर और रोशन खां के बीच नकली नोटों की खेप को लेकर बातचीत भी होती रही है। खांडू खान अकबर का ही रिश्तेदार है। सभंवया आईएसआई ने पाक तस्कर को नकली नोट भेजने के लिए इस्तेमाल किया और बाडमेर से जासूसी के लिए मुश्ताक को टास्क दिया गया हो। गौरतलब है कि 2014 में इसी बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ हवालदार प्रेमसिंह की गिरफ्तारी देशद्रोह जैसे मामलों में हुई थी, इसके बाद अब बीएसएफ खुद सवालों के घेरे में है। बाड़मेर बॉर्डर सालों से तस्करी का अड्डा रहा है, सरूपे का तला से भभूते की ढाणी के बीच के बॉर्डर इलाके से पिछले वर्षों में कई तस्करी के मामले सामने चुके हैं। पूर्व में भी बीएसएफ जवानों की तस्करी के मामले में गिरफ्तारी हुई थी, ऐसे में अब यह भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि बीएसएफ जवानों की मिलीभगत के बगैर बॉर्डर पार से नकली नोटों की तस्करी संभव नहीं है और अब जासूसी के संदेह से यह मामला ओर जटिल हो गया। अब यह देखना है कि एटीएस मुश्ताक से जासूसी मामलें में लिप्तता कैसे और कब साबित कर पाती है।