NOC नहीं लेने वाले होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बैंक्वट हाल और मैरिज पैलेस पर प्रदूषण बोर्ड सख्त

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) के निर्देश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की गाइनलाइन की अनुपालना में NOC नहीं लेने पर जिले के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मैरिज पैलेस व बैंक्वट हाल आदि संस्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त हो गया है। बोर्ड ने झज्जर जिले के 76 संस्थानों को नोटिस देकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी ओर से बोर्ड से एनओसी नहीं ली गई तो उन्हें सील कर दिया जाएगा।

दरअसल, एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार होटल, ढाबा, रेस्टोरमेंट, मोटल, बैंक्वट हाल, मैरिज पैलेस, गार्डन, वाटिका आदि संस्थानों को प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाने थे। छह तरह की एनओसी लेनी थी। सबसे अहम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी थी।

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इन संस्थानों को वायु, जल व ध्वनि प्रदूषण को रोकने की दिशा में काम करने थे। इसी गाइडलाइन के आधार पर पिछले दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले के इन संस्थानों का सर्वे किया था। किसी के पास एनओसी नहीं मिलने पर बोर्ड ने उन्हें सील करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस पर जेडी हेवन झज्जर व एमके होटल बहादुरगढ़ ने ही बोर्ड से एनओसी ली। रेड हट के नाम से दो होटल व प्लेटिनम रिसोर्ट ने एनओसी के लिए आवेदन किया है। अन्य संस्थानों ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की।

इन संस्थानों को ये छह एनओसी अनिवार्य:

  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कन्सेंट टू एस्टाबलिश
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कन्सेंट टू आपरेट
  • नगर परिषद की एनओसी
  • भूजल शाखा से एनओसी
  • नगर परिषद से भवन प्लान कराना होगा स्वीकृत
  • दमकल शाखा से फायर एनओसी
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होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस बल्क वेस्ट जनरेटरों की श्रेणी में आते हैं। ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत कूड़े का निपटान इन संस्थानों को अपने स्तर पर करना चाहिए। उन्हें कूड़े का सेग्रीगेशन भी करना होगा। बल्क वेस्ट जनरेटरों को भी खाद्य सामग्री जैसे नारियल के छिलके, शेष बचा भोजन, सब्जियों व फलों के छिलके आदि के लिए अलग से डस्टबिन रखा जाएगा। कूड़े से खाद बनानी होगी। अगर जल्द ही संस्थानों ने एनओसी नहीं ली तो 20 सितंबर के बाद एक-एक करके इन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी।