सांगरिया बाईपास चौराहा जोधपुर शहर के औधोगिक क्षेत्र की जीवन रेखा है। यह चौराहा बासनी- सांगरिया औधोगिक क्षेत्र को बाड़मेर-जैसलमेर व पाली-जयपुर हाइवे से जोड़ता है। इस चौराहा से हर रोज हजारों की संख्या में हेवी वाहनों का आवागमन रहता है।
जोधपुर पुलिस का कमाऊ बेटा सांगरिया बाईपास चौराहा
अब यह सांगरिया बाईपास चौराहा जोधपुर यातायात पुलिस का कमाऊ बेटा बन सकता है, क्योंकि न तो इस चौराहा का सर्कल बना हुआ है और न ही चौराहा के यातायात सिग्नल चालू अवस्था मे है। इस वजह से कोई भी वाहन किसी भी तरफ से आ जा सकती है और ऐसा करते पाये जाने पर जोधपुर यातायात पुलिस उन वाहनों के यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर सैंकड़ों रुपये रोज बटोर सकती है।

अव्यवस्थाओ के आलम में दुर्घटनाओ का कहर
इस चौराहा के बन्द सिग्नल, टूटी सड़कें और सर्कल निर्माण के अभाव में यहाँ रोज दुर्घटनाऐ घटित होती है। हालात तो रात में बद से बदत्तर हो जाते है जब चौराहा पर रोड़ लाइट के अभाव में वाहनो का आवागमन बढ़ जाता है। इस चौराहा पर रोड लाइट का न होना दाद में खाज का काम करती है।
इस चौराहा के सर्कल निर्माण एवं यातायात सिग्नल चालू करवाने के लिए आमजन द्वारा कई बार राज्य सरकार के सम्पर्क राजस्थान पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है एवं क्षेत्रीय विधायक श्री जोगाराम पटेल और जोधपुर सांसद श्री गजेन्द्र शेखावत को भी इस चौराहा के सुधार हेतु आमजन द्वारा अवगत करवाया जा चुका है, परन्तु सरकार की अनदेखी के कारण यह चौराहा अव्यवस्थाओ की भेंट चढ़ रहा है।