वापी, दमण, सिलवासा के कई बिल्डर हुए सतर्क, ग्राहकों को फोन पर जानकारी देना किया बंद, अब बात बंद दरवाजे में होगी।

fortune square Chala Vapi
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वापी। टैक्स चोरी और काले-धन कि लेन-देन पर कई चौकाने वाले खुलासे होने के बाद अब एक नई रोचक तथा चौकने वाली जानकारी सामने आई है। जानकारी मिली है कि काले-धन कि लेन-देन कर टैक्स चोरी करने वाले बिल्डरों को अब दिन-रात पकड़े जाने का भय सता रहा है और इसी भय के चलते वापी, दमण और सिलवसा के कई बिल्डरों ने स्वय सेल्स-मेन का काम शुरू कर दिया है। साथ ही काले-धन कि लेन-देन करने वाले सभी बिल्डरों ने अपने सेल्स कर्मियों को यह निर्देश भी दिया है कि खरीदार कि पूरी तहक़ीक़ात करने से पहले उसे बंगले, फ्लेट, दुकान कि असली क़ीमत और रजिस्ट्री कि ( यानि कितना काला धन लिया जाएगा और कितना सफ़ेद धन लिया जाएगा ) इसकी जानकारी ग्राहक को तब तक ना दे जब तक कि पूरी तरह से यह तसल्ली ना हो जाए कि बिल्डर उसे काले-धन देने के झांसे में फ़सा सकता है। सेल्स कर्मियों का कहना है यदि क़ीमत नहीं बताएँगे तो बंगले, फ्लेट, दुकान की बिक्री कैसे होगी? इस पर बिल्डर का कहना है कि कभी भी आयकर अधिकारी ग्राहक बनकर बंगले, फ्लेट, दुकान कि असली क़ीमत जानने आ सकते है इस लिए बुकिंग इंकवयरी के लिए आए ग्राहक / ख़रीदार को प्रॉपर्टी कितने में बेची जाएगी और कितनी रकम का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा इसकी जानकारी ना दी जाए। एक सेल्स कर्मी ने इस पर बिल्डर से चुटकी लेते हुए यह सवाल कर लिया कि आप तो कहते थे न अपना नव्वे माले तक सेटिंग है फिर भय काहेका? बिल्डर ने इस सवाल का जवाब तो नहीं दिया, लेकिन बिल्डरों को शंका है कि सेल्स कर्मियों कि वजह से कभी भी उनकी काली करतूतें सरकार के सामने आ सकती है।

बिल्डर बने सेल्स-मेन

यह जानकारी मिलने के बाद, मिली जानकारी में कितनी सत्यता है यह जानने के लिए क्रांति भास्कर टिम के एक सदस्य ने ख़रीदार बनकर कई बिल्डरों से फोन पर, बंगले, फ्लेट, दुकान कि बिक्री क़ीमत और रजिस्ट्री कितनी रकम कि होगी यह जानकारी मांगी। बिल्डर और बिल्डर के ट्रेंड कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आप बिल्डर के कार्यालय अथवा प्रोजेक्ट पर नहीं आते तब तक किसी बंगले, फ्लेट, दुकान कि असली क़ीमत या रजिस्ट्री कि क़ीमत के बारे में आपको फोन पर नहीं बताया जाएगा। अब कितने कमाल कि बात है कि एक और तो बिल्डर प्रॉपर्टी बेचने के लिए तरह तरह के विज्ञापन कर रहे है बड़े बड़े होल्डिंग लगा रहे है और दूसरी और फोन पर खरीदार / ग्राहकों को प्रॉपर्टी कि क़ीमत कि जानकारी देने से ऐसे माना कर रहे है जैसे वह बिल्डर नहीं खुख्यात तस्कर हो। आयकर अधिकारी चाहे तो वह भी बिल्डरों से फोन पर सम्पर्क कर सच जान सकते है बशर्ते बिल्डर से फोन पर सम्पर्क करने वाला अधिकारी बिल्डर का दोस्त ना हो या बिल्डर के भ्रष्टाचार में हिस्सेदार ना हो।

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